पिछले रिकॉर्ड पदक प्रदर्शन को और बेहतर करने के लिए 168 भारतीय एथलीट तैयार
एजेंसियां— आइची-नागोया
एशियन पैरा गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत रविवार को जापान के आइची-नागोया में हो रही है। भारत का लक्ष्य हांगझोऊ में हुए पिछले खेलों में जीते गए रिकॉड पदकों की संख्या को और आगे ले जाना है। ब्लाइंड फुटबॉल, पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस और बोकिया जैसी कुछ प्रतियोगिताएं एशियन पैरा गेम्स के उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
इन खेलों में 45 राष्ट्रीय पैरालंपिक समितियों के लगभग 3000 एथलीट 18 खेलों में हिस्सा लेंगे। यह एशियन पैरा गेम्स का पांचवां संस्करण है और जापान पहली बार इसकी मेजबानी कर रहा है। भारतीय खेल मंत्रालय ने आइची-नागोया 2026 के लिए 168 एथलीटों (112 पुरुष और 56 महिलाएं) को मंजूरी दी है, जो 11 खेलों में हिस्सा लेंगे। शुरुआत में 10 खेलों के लिए 166 एथलीटों को मंजूरी दी गई थी, बाद में इसमें बोकिया को भी शामिल कर लिया गया। हालांकि, मंत्रालय द्वारा मंजूर की गई सूची में बदलाव हो सकता है। भारतीय पैरा एथलीटों की अंतिम भागीदारी उनकी एंट्री और एक्रेडिटेशन (मान्यता) पर निर्भर करेगी।
प्रमोद भगत और भाविना पटेल भारत के ध्वजवाहक
नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में होने वाले उद्घाटन समारोह में पैरा बैडङ्क्षमटन स्टार प्रमोद भगत और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल भारत के ध्वजवाहक होंगे। भारत, एशियन पैरा गेम्स में अपने अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के बाद आइची-नागोया में हिस्सा लेने जा रहा है। हांगझोऊ 2023 में भारत ने रिकॉर्ड 111 पदक जीते और पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा। यह संख्या जकार्ता 2018 में बने भारत के पिछले 72 पदकों के रिकॉर्ड से कहीं अधिक थी। हांगझोऊ में भारत के लिए सबसे बड़ा योगदान पैरा एथलेटिक्स का रहा, जिसने 18 स्वर्ण सहित कुल 55 पदक जीते।