जिला परिषद उपाध्यक्ष लियाकत अली खान बोले, घटना से मुस्लिम समाज आहत
नगर संवाददाता-चंबा
जिला परिषद चंबा के उपाध्यक्ष लियाकत अली खान ने घघरौता पंचायत के दूरस्थ जंगल में गोवंश हत्या की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस कृत्य को अंजाम देने वाले को फांसी की सजा देने की मांग उठाई है। वह गुरुवार को मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि साहो व सिल्लाघ्राट क्षेत्र में पहले इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन अब इस घटना ने पूरे मुस्लिम समाज को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने कहा कि चंबा जिला का मुस्लिम समुदाय अमन परस्त है, लेकिन कुछ शरारती तत्व पूरे समाज के लिए कलंक बन गए हैं। ऐसे लोगों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है। उनके घर पर बुल्डोजर चलाया जाना चाहिए और फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। लियाकत अली ने बताया कि गाय मां के समान है। इसलिए उसे गाय माता का दर्जा दिया गया है। इस्लाम में भी गो वध को पाप माना गया है। हर धर्म व वर्ग के लोग उसका दूध पीते हैं, लेकिन कुछ अराजक तत्वों की वजह से आज मुस्लिम समुदाय असहज महसूस कर रहा है।
उन्होंने सरकार से अपील की है कि गो माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा के लिए कडे कानून बनाए जाएं, ताकि कोई ऐसे जघन्य अपराधों को अंजाम न दे पाए। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में गोवंश की हत्या पर पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन यह नाकाफी है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र के प्रधान व अन्य लोगों से संपर्क किया गया और पूरी जानकारी ली गई। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस घटना से काफी आहत है। उन्होंने अपने स्तर पर तलाशी अभियान चलाया है। अगर आरोपी का पता चलता है तो उसे पुलिस व प्रशासन के हवाले किया जाएगा। इस मौके पर जिला अंजुमन इस्लामिया के सदर डा. इसरार अली शाह, गुज्जर समाज कल्याण के हसनदीन, गुलाम रसूल व अल्लादित्ता सहित मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे।