दिव्य हिमाचल ब्यूरो-कुल्लू
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का बुधवार को ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में विधिवत आगाज हुआ। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सप्ताह भर चलने वाले उत्सव का शुभारंभ किया। भगवान रघुनाथ जी की पारंपरिक रथयात्रा में कुल्लू घाटी के देवी-देवताओं ने भाग लिया। दशहरा उत्सव समिति ने 347 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजे थे। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दशहरा उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुल्लू दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराओं, आस्था और सामाजिक सद्भाव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि परंपराओं को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से नशे, भ्रष्टाचार, हिंसा और सामाजिक वैमनस्य जैसी बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में योगदान देने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि कुल्लू दशहरा पर्यटन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों, रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण मंच है। उत्सव की परंपरागत पहचान बनाए रखते हुए इसका लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। इससे पहले राज्यपाल ने विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और संस्थाओं की प्रदर्शनियों का उद्घाटन कर स्टालों का अवलोकन किया। इस अवसर पर पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, पूर्व सांसद रजनी पाटिल, विधायक सुंदर सिंह ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।