दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
चुनाव आयोग को बुधवार को उस समय सुप्रीम कोर्ट के गुस्से का सामना करना पड़ा, जब आयोग ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़े वीडियो गुम हो जाने की बात कही। आयोग ने दावा किया कि वह श्रींगेरी विधानसभा क्षेत्र में 2023 में हुई मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग का पता लगाने में असमर्थ है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति संजय कुमार और संजीव सचदेवा की पीठ ने आयोग के इस बयान पर आश्चर्य जताया और कहा कि वह ऐसे बेतुके बहाने स्वीकार नहीं करेंगे। पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग यह कैसे कह सकता है कि रिकॉर्ड खो गया? आपका उद्देश्य चुनाव कराना है, जिसके लिए दस्तावेज की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह कहने का सवाल कहां उठता है कि हम इसे ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं? आपने इसे निर्वाचित उम्मीदवार को दे दिया था। रिकॉर्ड की कोई कस्टडी नहीं होती।
आपके पास जो है, उसे अगली तारीख को पेश करें। अन्यथा, हमें प्रतिकूल निष्कर्ष निकालना पड़ेगा। हम बेतुके बहाने स्वीकार नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा और भाजपा उम्मीदवार डीएन जीवराज के बीच चुनावी विवाद से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी। राजेगौड़ा ने 2023 में श्रींगेरी विधानसभा सीट 201 वोटों के मामूली अंतर से जीती थी। हालांकि, हाल में वोटों की दोबारा गिनती के बाद राजेगौड़ा को हार देखनी पड़ी, जिसमें जीवराज को अधिक वोट मिले थे। मई में, कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक राजेगौड़ा को विधायक बने रहने की राहत दी थी।