नई दिल्ली। पांच करोड़ से कम की टैक्स चोरी या गड़बड़ी करने वालों को टैक्स अधिकारी अब सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकेंगे। यह फैसला गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की 53वीं बैठक में लिया गया। बैठक में जीएसटी मामलों में आपराधिक केस की मिनिमम लिमिट एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपए कर दी गई है। यानी पांच करोड़ रुपए से कम की गड़बड़ी को सिर्फ जुर्माना भरकर सुलझाया जा सकेगा। इसके अलावा, 10 हजार रुपए से कम की टैक्स चोरी पर कारोबारी को नोटिस भी नहीं दिया जाएगा।
काउंसिल ने ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे दुकानदारों के लिए भी नियम आसान बनाए गए हैं, हालांकि मौजूदा टैक्स स्लैब या रेट स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा, रिफंड प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। अब रिफंड क्लेम को स्वीकार करने की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि जीएसटी दरों की समीक्षा के लिए हर साल काउंसिल की एक बैठक अलग से हुआ करेगी।