सभी यूनिटों को भेजा प्रस्ताव, जवानों से 48 घंटे के भीतर मांगे सुझाव
प्रोमोशन के ज्यादा मौके देना और मनोबल बढ़ाना मकसद
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में करीब 29 साल बाद लांस नायक और नायक रैंक फिर से शुरू करने की तैयारी हो रही है। सीआरपीएफ मुख्यालय ने इसका प्रस्ताव सभी यूनिटों को भेजा है और जवानों से 48 घंटे के अंदर सुझाव मांगे हैं। इसका मकसद जवानों को प्रोमोशन के ज्यादा मौके देना, उनका मनोबल बढ़ाना और प्रोमोशन में हो रही देरी को कम करना है। लांस नायक और नायक रैंक को साल 1997 में सीआरपीएफ में खत्म कर दिया गया था। उस समय इन्हें सिपाही और हैड कांस्टेबल के रैंक में मिला दिया गया था। हालांकि, ये दोनों रैंक अभी भी सेना में हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, सीआरपीएफ में पांच साल की सेवा पूरी करने पर जवान को लांस नायक और 10 साल की सेवा पूरी करने पर नायक का रैंक दिया जा सकता है। इसके बाद 15 साल की सेवा पूरी होने पर हैड कांस्टेबल के पद पर प्रोमोशन देने की योजना है। फिलहाल सीआरपीएफ में सिपाही को पहली बार प्रोमोशन मिलने में औसतन 22 से 25 साल लग जाते हैं। जवानों के बीच प्रोमोशन में इस देरी को लेकर शिकायतें भी रही हैं।
नए रैंक शुरू होने से हैड कांस्टेबल बनने से पहले जवानों को दो और प्रोमोशन मिल सकेंगे। इससे उनकी शिकायतें दूर करने और मनोबल बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। करीब 3.25 लाख जवानों वाली सीआरपीएफ में यह बदलाव सेना से रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए भी नौकरी को बेहतर बनाने के मकसद से किया जा रहा है। अग्निपथ योजन के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत में रिटायर होना शुरू होगा। इसके बाद वे सीआरपीएफ समेत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में नौकरी के लिए पात्र होंगे। फिलहाल सीआरपीएफ में सिपाहियों की वर्दी पर वरिष्ठ सिपाही का बैज लगाने की व्यवस्था है, जिसे लांस नायक के बराबर माना जाता है, लेकिन नायक रैंक की कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों के संगठन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि जवानों को इसका फायदा तभी मिलेगा, जब प्रोमोशन समय पर मिले। वहीं, एक वरिष्ठ सीआरपीएफ कमांडेंट ने कहा कि इन रैंकों को सिर्फ नाम के लिए शुरू नहीं किया जाना चाहिए। इससे बटालियन में अनुशासन और कामकाज पर भी असर पड़ता है, इसलिए इस बात का ध्यान रखना जरूरी है। प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है, जवानों से सुझाव मिलने के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा।