मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को दिया जाए 12 माह का मानदेय, भारतीय मजदूर संघ ने सरकार के समक्ष रखी मांग

कार्यालय संवाददाता-शिमला

भारतीय मजदूर संघ ने मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को वर्ष के दस माह के बजाय पूरे 12 माह का मानदेय देने की मांग उठाई है। संघ का कहना है कि शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर प्रथम श्रेणी अधिकारियों तक को 12 माह का वेतन दिया जाता है, जबकि स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को दो माह के मानदेय से वंचित रखा जा रहा है। संघ ने इस व्यवस्था को बदलने और कार्यकर्ताओं को आर्थिक सुरक्षा देने की मांग की है। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री यशपाल हेटा ने कहा कि मात्र तीन से चार हजार रुपए मासिक मानदेय मिलता है।

इतनी कम राशि में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। महंगाई को देखते हुए कार्यकर्ताओं को कम से कम 30 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाना चाहिए। संघ ने कार्यकर्ताओं को भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, दुर्घटना बीमा और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने की भी मांग की है। दस वर्ष से अधिक समय से सेवाएं दे रहे कार्यकर्ताओं के नियमितीकरण के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग उठाई है।