मल्टीपर्पज वर्कर्ज को समय पर वेतन-शॉर्ट टर्म पॉलिसी की आस

स्टाफ रिपोर्टर-मंडी

छह हजार रुपए मासिक मानदेय और उसमें से करीब चार हजार रुपए आने-जाने के खर्च में चले जाएं, तो परिवार का गुजारा कैसे हो? हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत मल्टीपर्पज वर्करों ने दीपावली पर प्रदेश सरकार से कुछ ऐसी ही आर्थिक मुश्किलों के बीच राहत की मांग उठाई है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार त्योहार के मौके पर समय पर वेतन और शॉर्ट टर्म पॉलिसी का तोहफा देकर उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करेगी।

मल्टीपर्पज वर्कर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष विवेक ने मंडी से जारी बयान में कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगें सरकार के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें ठोस राहत नहीं मिल पाई है। उनके अनुसार, विभिन्न माध्यमों से सरकार को अब तक 110 बार मांगों से अवगत करवाया जा चुका है।


पुरानी पेंशन का मिले लाभ

कर्मचारी संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांग मल्टीपर्पज वर्करों के लिए शॉर्ट टर्म पॉलिसी बनाने की है। वे चाहते हैं कि ऐसी व्यवस्था बने, जिससे पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ के दायरे में आने का अवसर मिल सके।