दिव्यांगों को अब जन्म से ही पेंशन, मोदी कैबिनेट का फैसला, 80 से घटाकर इतनी की पात्रता सीमा

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दिव्यांगजन पेंशन योजना में महत्त्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त समाप्त कर दी गई है। अब दिव्यांगों को 18 साल की बजाय जन्म से ही पेंशन मिलेगी। अभी तक योजना का लाभ पाने के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता जरूरी थी, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता कर दिया गया है। अब शून्य से 79 वर्ष तक के दिव्यांग लाभार्थियों को 375 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 625 रुपए प्रति माह की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही पात्रता मानदंडों में भी राहत दी गई है। सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

सरकार के अनुसार, इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण विकास विभाग अगले तीन महीनों के भीतर संशोधित दिशा-निर्देश जारी करेगा और उन्हें लागू किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ किया जाएगा, जिसके तहत मौजूदा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना रखा जाएगा।


रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी देते हुए उन्हें 78 दिनों का बोनस देने का फैसला लिया है। इसके लिए सरकार को 2009 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए 2009.61 करोड़ रुपए का 78 दिनों का पीएलबी (प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस) देने की मंजूरी दी है।

आईडीबीआई की 60.72त्न हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

केंद्रीय कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद, सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) मिलकर बैंक में अपनी 60.72 फीसदी हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फायनांशियल होल्डिंग्स को 52,877 करोड़ रुपए में बेचेंगे। एयर इंडिया के बाद यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश सौदा है।