वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
राज्य सरकार द्वारा रद्द किए गए 33 मिनी हाइड्रो प्रोजेक्ट का आबंटन अब नए सिरे से होगा। इसके लिए सरकार जल्द ही प्रक्रिया भी शुरू करने वाली है। माना जा रहा है कि आबंटन प्रक्रिया को लेकर तय प्रावधानों को भी सरकार संशोधित कर सकती है। अब राज्य सरकार की तरफ से आदेश जारी होने के उपरांत हिम ऊर्जा विभाग इन पर आगामी कार्रवाई करेगा। जानकारी के अनुसार हाल ही में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में हिम ऊर्जा विभाग द्वारा आबंटित की गई 33 लघु जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें कई परियोजनाएं ऐसी भी शामिल हैं, जिन्हें करीब अढ़ाई दशक पहले आबंटित किया गया था, लेकिन आबंटन के बाद भी इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य आरंभ नहीं हो पाया। कैबिनेट द्वारा रद्द किए गए हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में पांच मेगावाट या फिर इससे कम क्षमता वाले शामिल हैं।
रद्द की गई परियोजनाओं में जिला शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, लाहुल-स्पीति आदि से संबंधित हैं। पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा लंबे समय बाद भी कार्य शुरू न करने पर इन परियोजनाओं के प्रबंधकों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए मामले को प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष रखा और गहन मंथन के बाद कैबिनेट ने इन परियोजनाओं को रद्द करने का निर्णय लिया।बताया जा रहा है कि नए सिरे से आबंटन की प्रक्रिया के लिए अब सरकार नए प्रावधान और शर्तें भी रखने जा रही है। उधर, हिमऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैबिनेट द्वारा रद्द की परियोजनाओं की सूची सरकार से आना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार के निर्देश मिलते ही इनके आबंटन को लेकर आगामी कार्रवाई विभाग करेगा।