कोलडैम विस्थापित समिति को राहत, हाई कोर्ट ने 50 विस्थापित परिवारों के हक में सुनाया फैसला

कोलडैम विस्थापित समिति मंडी जनहित याचिका में शामिल करने की अनुमति

विधि संवाददाता- शिमला

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कोलडैम जलविद्युत परियोजना से विस्थापित हुए परिवारों के हक में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कोलडैम विस्थापित समिति मंडी को इस मामले से जुड़ी जनहित याचिका में याचिकाकर्ता के रूप में शामिल करने की अनुमति दे दी है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने 13 अक्तूबर, 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान जारी किया। कोलडैम विस्थापित समिति मंडी ने अदालत में एक आवेदन दायर कर खुद को इस मामले में जरूरी पक्षकार बनाने की मांग की थी।


समिति का कहना था कि मंडी जिला में कोलडैम परियोजना के निर्माण के लिए उनके घरों और जमीनों का अधिग्रहण किया गया था, जिसके लिए एक पुनर्वास योजना भी तैयार की गई थी। समिति ने अदालत को बताया कि 26 फरवरी, 2000 को हुए समझौते के तहत, अकेले मंडी जिला से 50 परिवार इस परियोजना के कारण विस्थापित हुए थे। साल 2004 में जारी बेदखली आदेशों के बाद इन परिवारों को मजबूरन अपने घरों को छोडऩा पड़ा था। हाई कोर्ट ने जनहित याचिका के महत्त्व और विस्थापितों की मांगों को ध्यान में रखते हुए कहा कि इस समिति को मामले में याचिकाकर्ता के रूप में शामिल करना ज्यादा उचित होगा। ाईकोर्ट अब इस मामले पर अगली सुनवाई सात दिसंबर को करेगा।