मुंबई। फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा में रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए जरूरी सोच और समर्पण के बारे में खुलकर बात की। प्रतियोगी दीपक के साथ बातचीत के दौरान, रोहित से बंगलादेश में खेले गए एक मैच की उस घटना के बारे में पूछा गया, जब उनके अंगूठे में चोट लग गई थी और उन्हें मैदान छोडऩा पड़ा था, लेकिन बाद में चोट के बावजूद वह दोबारा खेलने लौट आए थे। देश के लिए लगातार अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा के बारे में बात करते हुए, रोहित ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका हर किसी को नहीं मिलता। रोहित ने कहा कि सिंपल सी चीज़ है, देश के लिए खेलने का मौका सारे लोगों को मिलता नहीं है।
जब आपके पास मौका है, तो आपको अपने अंदर जो कुछ है सब सामने रख देना चाहिए। जितनी भी आपके अंदर ताकत है, सब। भारत के लिए खेलने को लेकर अपने नजरिए के बारे में बात करते हुए, जब रोहित शर्मा अपनी सोच साझा कर रहे थे, तब दर्शकों ने रोहित! रोहित! के नारे लगाने शुरू कर दिए, जो उनके और प्रशंसकों के बीच मजबूत जुड़ाव को दर्शाता है। मैदान पर वापस लौटने के पीछे की भावना के बारे में बात करते हुए, रोहित ने आगे बताया कि जब भी वह देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनका पूरा ध्यान सिर्फ मैच जीतने का तरीका ढूंढऩे पर होता है, चाहे रास्ते में कितनी भी चुनौतियां क्यों न आएं। रोहित ने कहा कि जब भी हम देश के लिए खेलते हैं, हमारे ज़हन में सिर्फ एक ही चीज़ चलती रहती है कि हम मैच कैसे जीतेंगे, बस। मैच जीतने के लिए अगर कुछ करना पड़े, तो हम एक दफा, दो दफा या तीन दफा सोचते नहीं, बस वो चीज कर देते हैं। और वो तो बस अंगूठे पर गेंद लगी थी यार, तो वो कौन सी ऐसी चीज़ थी, जिससे मैं मैदान पर जाकर खेल नहीं सकता था। ये सब चीज़ें तो होती रहती हैं हमारी लाइफ में। रोहित का यह बेबाक जवाब एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में उनके समर्पण को दर्शाता है, जहां देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा उनके करियर का एक बेहद अहम हिस्सा रहा है। फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा में हुई यह बातचीत उस दृढ़ संकल्प और सोच की भी झलक देती है, जिसने खेल के प्रति उनके नजरिए को आकार दिया है।