एक हजार से ज्यादा घायल; ग्रेनेड फटने से 15 साल के छात्र का हाथ उड़ा, पांच हजार गिरफ्तार
एजेंसियां — पेरिस
नीट पेपर लीक को लेकर बीते दिनों राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए। इनमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। अब फ्रांस में भी शिक्षा व्यवस्था में खामियों के खिलाफ छात्र सडक़ों पर उतर आए। यह प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया और दंगे में तबदील हो गया। पुलिस के साथ झड़प में कम से कम 1000 लोगों के घायल होने की खबर है। यहां छात्र स्कूलों में बढ़ती संख्या और शिक्षकों की कमी, जर्जर इमारतों और सुविधाओं की कमी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। रिपोट्र्स के मुताबिक लेंस शहर में प्रदर्शन के दौरान ग्रेनेड फटने से धमाका हुआ और एक 15 साल के छात्र का हाथ उड़ गया।
उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इससे पहले पिछले हफ्ते 14 साल के ईडन नाम के छात्र के सिर पर आंसू गैस का गोला लगने की खबर सामने आई थी। उसके जबड़े में दो जगह फ्रैक्चर हुआ था और उसे बड़ी सर्जरी करानी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान पांच हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से करीब 90 फीसदी नाबालिग छात्र हैं। फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने देशव्यापी छात्र विरोध-प्रदर्शनों को शांत करने की कोशिश में हड़ताल कर रहे स्कूली छात्रों की शिकायतों को जायज माना है। सरकार ने मंत्रियों को छात्रों की पांच प्रमुख मांगों से निपटने के लिए अक्तूबर 2026 के अंत तक प्रस्तावों की समीक्षा करने और उन्हें पेश करने का आदेश दिया है।
बंद हो गए स्कूल
फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे ने बताया कि सुरक्षा स्थितियां पूरी न होने के कारण लगभग 400 से 500 उच्च विद्यालयों में कक्षाओं को पूर्ण या आंशिक रूप से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक 24 विद्यालयों को जला दिया गया या तोडफ़ोड़ की गई है। इस हिंसा में शिक्षा विभाग के 85 कर्मचारी घायल हुए हैं, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व स्थिति करार दिया।