दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के चार बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के खिलाफ कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने राहत देने के बजाय कलकत्ता उच्च न्यायालय को अपने समक्ष लंबित इस मामले की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एमम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने मामले की योग्यता और प्राथमिक तथ्यों पर विचार करने से परहेज किया।
पीठ ने टिप्पणी की कि चुनाव आयोग ने एक अंतरिम आदेश से पार्टी के नाम और प्रतीक को फ्रीज कर दिया है और इस बात को लेकर बड़ा विवाद अभी भी अनसुलझा है कि पार्टी का कौन सा गुट पार्टी के नाम और प्रतीक का हकदार होगा और खातों की धनराशि का उपयोग कर सकेगा। उच्चतम न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने से इनकार करते हुए उच्च न्यायालय से मामले का शीद्र निपटारा करने का अनुरोध किया।