तहरीक-ए-तालिबान ने ली ASI पर हमले की जिम्मेदारी, आपरेशन नूर के तहत बनाया निशाना

निजी संवाददाता— फिरोजपुर

पंजाब के अमृतसर ग्रामीण इलाके में जीआरपी में तैनात एएसआई सुखचैन सिंह पर हुए जानलेवा हमले का मामला अब एक नए और सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया है। इस सनसनीखेज वारदात की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नामक संगठन ने ली है। संगठन की ओर से एक प्रेस नोट जारी कर इस हमले को ऑपरेशन नूर के तहत अंजाम देने का दावा किया गया है। साथ ही पुलिस कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को खुली धमकी देते हुए भविष्य में भी ऐसे हमले जारी रखने की बात कही गई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां और मीडिया संस्थान इस तरह के दावों की सत्यता और प्रमाणिकता की गहराई से जांच-पड़ताल कर रहे हैं।

संगठन की तरफ से जारी किए गए पर्चे या प्रेस नोट में दावा किया गया है कि पुलिस कर्मी चाहे वर्दी में हों या सादे कपड़ों में, वे संगठन के निशाने पर हैं और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। दूसरी तरफ, अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने शुरुआती जांच के आधार पर साफ किया है कि फिलहाल इसे सीधे तौर पर टारगेट किलिंग से जोडऩा जल्दबाजी होगी।  पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के पीछे आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद का एक मजबूत एंगल सामने आ रहा है, जिसके आधार पर भी समांतर जांच चल रही है। इस वारदात के बाद पुलिस प्रशासन में हडक़ंप मच गया था। थाना अजनाला में डीएसपी धर्मिंदर कल्याण के दिशा-निर्देशन में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की तकनीकी सेल, खुफिया एजेंसियां और फोरेंसिक टीमें घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।

चार अक्तूबर को हुई थी फायरिंग

गत चार अक्तूूबर की शाम करीब सात बजे एएसआई सुखचैन सिंह अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने पैतृक गांव जगदेव कलां लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बिना नंबर की बाइक पर सवार होकर आए तीन अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। एक गोली उनकी बाजू को चीरती हुई निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद उनकी जान बच गई और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है।

अधिकारी का भाभी के साथ पुराना विवाद

पुलिस रिकॉर्ड और एएसआई सुखचैन सिंह की ओर से दर्ज कराए गए बयानों के मुताबिक, उनका पिछले लंबे समय से अपनी भाभी गुरप्रीत कौर के साथ गंभीर विवाद चल रहा है। मूल रूप से भिखीविंड की रहने वाली गुरप्रीत कौर पर आरोप है कि उसने साल 2019 में एएसआई के भाई हीरा सिंह की हत्या कराई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला की मुलाकात हरियाणा के रहने वाले सतनाम सिंह उर्फ सत्ता से फेसबुक के जरिए हुई थी। आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची और एएसआई के भाई को कोई जहरीली चीज देकर मौत के घाट उतार दिया। इस चर्चित हत्याकांड का मुकदमा फिलहाल सत्र अदालत में अंतिम चरण में चल रहा हैए जिसके चलते इस हमले को पुरानी रंजिश की कड़ी से भी जोडक़र देखा जा रहा है।