दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आने वाली पीढिय़ों को नशे की समस्या से मुक्त कराने तथा देश विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 31 दिसंबर, 2029 तक देश को नशे की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वर्ष 2026 के शेष समय और 2027, 2028 तथा 2029 में पुलिस बलों को मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई लडऩी होगी। श्री शाह ने बुधवार को यहां पुलिस स्मृति दिवस पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के बाद यह बात कही। इस मौके पर उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को भी रवाना किया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति और विकास का माहौल बना है। कश्मीर में आतंकवाद पर काबू पाने में काफी सफलता मिली है, जबकि समझौतों के बाद पूर्वोत्तर में भी शांति का रास्ता खुला है। नक्सलवाद को समाप्त करने में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने खास तौर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), कोबरा बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस की बहादुरी का उल्लेख किया।
नक्सलवाद के खिलाफ जंग में 3600 जवान शहीद
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 भारतीय पुलिस के लिए महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2026 को देश को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से मुक्ति मिली। वर्ष 1981 से मार्च 2026 के बीच नक्सलवाद के कारण 3,600 से अधिक जवान शहीद हुए और करीब 13,700 निर्दोष नागरिकों की जान गई। उन्होंने कहा कि देश आज विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, तो इसकी नींव में शहीद जवानों का बलिदान है।