अजय शर्मा—शिमला
दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण पर नजर रखने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलर्ट हो गया है। इसके तहत बोर्ड ने प्रदेश भर में विशेष निगरानी अभियान आरंभ कर दिया है और पर्व के दिन और उसके बाद तक हवा की गुणवत्ता में होने वाले बदलाव का आकलन करेगा। 15 नवंबर तक बोर्ड प्रदेश में निगरानी रखेगा, वहीं बोर्ड पटाखों से पैदा होने वाले शोर का स्तर भी मापेगा। इस संबंध में आगामी दिशा-निर्देश भी बोर्ड की तरफ से अधिकारियों को जारी कर दिए गए है।
जानकारी के अनुसार बोर्ड ने एक नवंबर से प्रदेश के अलग-अलग शहरों में हवा की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है और 15 नवंबर तक यह जारी रहेगी। अब दीपावली पर्व वाले दिन और उसके सात दिनों के बाद भी प्रदूषण के स्तर की निगरानी रख हवा में मौजूद पीएम-10, पीएम-2.5, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, ओजोन, कार्बन मोनोऑक्साइड और अमोनिया की मात्रा मापी जाएगी। इसके अलावा पीएम-10 में सीसा, निकल और आर्सेनिक तथा पीएम-2.5 में एल्युमिनियम, बेरियम और आयरन जैसे तत्वों की भी जांच होगी। बोर्ड ने अपनी केंद्रीय और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं को इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए हैं। जिन प्रदूषकों की जांच बोर्ड की प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं से संभव नहीं होगी, उनके नमूने ईपीए से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। क्षेत्रीय अधिकारियों को निगरानी के आंकड़े रोजाना भेजने को कहा गया है। जबकि वायु गुणवत्ता की रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड की तरफ से जारी निर्देशों के बाद दीपावली पर आतिशबाजी से होने वाले ध्वनि प्रदूषण का पता लगाने के लिए आठ नवंबर को निर्धारित स्थानों पर शोर का स्तर मापा जाएगा। ध्वनि प्रदूषण से संबंधित समेकित रिपोर्ट से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पर्व के दौरान विभिन्न शहरों में शोर के स्तर में हुए बदलाव का आकलन किया जाएगा।
उधर, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर नियमों का सख्ती से पालन करवाने को कहा है। इसके तहत अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य निर्धारित साइलेंस जोन में किसी भी समय पटाखे और आतिशबाजी करने की अनुमति नहीं होगी। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक पटाखे फोडऩे पर प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग को भी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के नुकसान बताए जाएंगे। क्षेत्रीय अधिकारियों को लोगों से कम से कम पटाखों का इस्तेमाल करने और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने की अपील करने को कहा गया है।