Himachal News: एफआरए के 5577 मामलों को मंजूरी, सरकार ने तीन साल में विकास कार्यों के लिए दी स्वीकृति

वरिष्ठ संवाददाता — शिमला

प्रदेश की सुक्खू सरकार ने विकास कार्यों की राह में बाधा बनी वनभूमि से जुड़े 5577 से अधिक मामलों को स्वीकृति दी हैं। इनमें सबसे अधिक वन विभाग के शिमला सर्किल के 1163 मामले शामिल हैं। सरकार के करीब साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल की अवधि तक का यह आंकड़ा है। वहीं, वर्तमान में भी विकास कार्यों के बीच आ रही वन भूमि पर काम के लिए एफआरए के मंजूरियां प्रदान की जा रही हैं। आंकड़ों के अनुसार सुक्खू सरकार में प्रदेश भर में 5577 से अधिक मामलों को इस वर्ष मार्च माह तक मंजूरियां दी जा चुकी हैं, जिसमें सबसे अधिक मंजूरियां शिमला सर्किल के तहत दी गई हंै। इसका आंकड़ा 1163 है। इसी तरह बिलासपुर में 130, चंबा 714, धर्मशाला 326 और ग्रेट हिमायल नेशनल पार्क के तहत 16 एफआरए के मामलों को स्वीकृति दी गइ है।

हमीरपुर सर्किल के तहत 326, कुल्लू में 415, मंडी 927, नाहन 403, रामपुर 946 और सोलन जिला में 85 मंजूरियां मिली हैं। इसके अलावा वाइल्ड लाइफ साउथ के तहत 115 और उत्तरी क्षेत्र के दायरे में 11 एफआरए मामलों को मंजूर किया गया है। विभागीय आंकड़ों के तहत मार्च माह तक एफआरए के तहत स्वीकृत 5577 मामलों में से 1326 को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद एफआरए में मंजूरियां दी गई हैं। बता दें कि प्रदेश में विकास कार्यो की रफ्तार में वन भूमि एक बड़ी अड़चन बनकर सामने आ रही थी। इसी के मध्यनजर प्रदेश सरकार ने वन भूमि पर इन मामलो को तेजी प्रदान करने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करने के आदेश दिए थे।