नेशनल कॉन्फ्रेंस को झटका; एमपी रूहुल्लाह ने छोड़ा साथ, लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा
एजेंसियां — श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस को बड़ा झटका लगा है। श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोडऩे और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्होंने अनुच्छेद 370 को बहाल करने सहित चुनाव के अहम वादों को भुला दिया है। यह घोषणा उन्होंने अपने पिता, आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक रैली में की। आगा रूहुल्लाह मेहंदी ने संसद की सदस्यता भी छोडऩे का ऐलान किया। 2024 में एनसी के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए रुहुल्लाह ने अपने समर्थकों के सामने 80 मिनट के भाषण में जम्मू-कश्मीर में एक नया राजनीतिक संगठन बनाने का संकेत दिया।
अपनी ताकत दिखाते हुए इस प्रभावशाली शिया नेता ने एनसी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने अनुच्छेद 370 को बहाल करने की लड़ाई छोड़ दी है, जो जम्मू-कश्मीर को भारतीय संघ के भीतर विशेष दर्जा देता था। पार्टी 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है, जिनमें अनुच्छेद 370 की बहाली जैसे वादे शामिल थे।
इस्तीफा आजादी का फरमान, नई पार्टी बनाने के संकेत
रुहुल्लाह ने कहा कि भले ही कुछ लोग चाहते हैं कि वे एक नई राजनीतिक पार्टी बनाएं, लेकिन उनकी दिलचस्पी जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा और सम्मान को बहाल करने के लिए एक आंदोलन शुरू करने में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमने 2024 के चुनावों में उनके (एनसी के) लिए समर्थन मांगा था, जो कि एक गलती साबित हुई। हो सकता है कि उन्होंने हार मान ली हो, लेकिन हमने नहीं मानी है।
हम एक ऐसा आंदोलन शुरू करेंगे जिसमें ईमानदार और संवेदनशील लोग आगे आएं और हमसे छीनी गई चीजों को वापस पाने की लड़ाई का नेतृत्व करें।