वरिष्ठ संवाददाता—रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश की राजनीति और रामपुर बुशहर क्षेत्र के लिए मंगलवार की सुबह दुखद खबर लेकर आई। रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक एवं हिमाचल प्रदेश के सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल का मंगलवार सुबह पांच बजे शिमला के चमियाना स्थित अस्पताल में निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना था। उनके निधन की खबर से रामपुर बुशहर सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
चार बार बने विधायक, वीरभद्र सिंह के करीबी रहे
नंद लाल का राजनीतिक सफर वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। वह रामपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार विधायक चुने गए। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी कौल सिंह नेगी को पराजित कर चौथी बार जीत दर्ज की थी। वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाते थे। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के समर्थक नेताओं में भी उनकी गिनती होती थी। मार्च 2024 में उन्हें हिमाचल प्रदेश के सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
देवठी गांव में हुआ था जन्म
नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल, 1954 को शिमला जिले के रामपुर बुशहर के देवठी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम प्यारे लाल था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की थी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में सेवाएं दी थीं। सुरक्षा सेवाओं में योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। देश की सुरक्षा में सेवाएं देने के बाद राजनीति में आए नंद लाल ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय तक कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। उनके निधन को क्षेत्र की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।