केंद्र सरकार संसद में SIR समेत हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार, राहुल की पीएम को दी चुनौती शाह ने की स्वीकार

कहा, बहस के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार

राहुल गांधी पर हमेशा असंवैधानिक सरकारों के समर्थन का आरोप

एजेंसियां — रायपुर


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बहस की चुनौती को स्वीकारते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसमें मतदाता सूची का पुनरीक्षण (एसआईआर) भी शामिल है। इसके लिए सरकार संसद को विशेष सत्र भी बुलाने के लिए तैयार है। उन्होंने राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दी। शाह ने कहा है कि राहुल गांधी ने जनता सरकार (माओवादियों की जनता की सरकार वाली अवधारणा) और असंवैधानिक सरकारों का समर्थन किया है। गृह मंत्री शाह बुधवार को नवा रायपुर अटल नगर के कायाबांधा में विकसित भारत संकल्प पार्क पीपल वन के लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। शाह ने आगे अपने भाषण में कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा असंवैधानिक सरकारों और सांसदों का समर्थन किया है। इन जगह पर जनता ने कोई सरकार नहीं चुनी थी। वहां नक्सलियों के अपने अलग गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री हुआ करते थे। आखिर कौन सा संविधान को जनता को किसी सरकार को अनुमति देने का अधिकार देता है। शाह ने कहा कि भाई तुम्हें न्याय करने का अधिकार किसने दिया। कई निर्दोष पत्रकारों, समाज सेवियों, और छात्रों को पेड़ों से लटका दिया था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद में भी इसका समर्थन करते हैं। अभी हाल ही तक वे लोगों की फर्जी सरकारों का समर्थन करते थे। वे असंवैधानिक सरकारों का समर्थन करते थे। इसके अलावा गृह मंत्री ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ को बनाया और मोदी जी ने छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कर विकास की राह दिखाई है। अटलजी ने राम के ननिहाल को पहचान दी। छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त भारत बनाने का सपना पूरा हुआ रमन सिंह की सरकार में विकास हुए लेकिन कांग्रेस की सरकार केंद्र में थी, जिसकी विकास की कोई मंशा नहीं थी। जिस जंगल में महुआ और लोकगीत निकलने चाहिए थे, वहां बारूदी सुरंगे बनाई गईं। जहां स्कूल के बच्चे के हाथ में बस्ता होना चाहिए था, उसके हाथ में बंदूक थमाई गई। मगर मैं यहां नक्सलवाद का समर्थन करने वालों को पूछना चाहता हूं, क्या गरीब आदिवासी का मानवअधिकार नहीं होता है क्या?