मां द्वारा बनाया गया भोजन हमेशा प्यार, और प्यारी यादों से भरा होता है। सच है कि मां का स्नेह और खाना अकसर साथ-साथ चलते हैं। लेकिन ईमानदारी से कहें तो हर मां खाना नहीं बनाती और हर मां सबसे अच्छी रसोइया भी नहीं होती। कई बार पिता रसोई में जादू कर देते हैं सिर्फ खास मौकों पर नहीं, बल्कि रोजमर्रा में भी। मुझे हमारे कांगड़ा वाले पड़ोसी याद आते हैं। दोनों ही कामकाजी थे और उनके दो बेटे थे। आंटी स्टाफ नर्स थीं और शिफ्ट ड्यूटी करती थीं, जबकि अंकल बैंक में काम करते थे। आज की भाषा में कहें तो वे सचमुच ग्रीन फ्लैग थे। वे बच्चों के लिए खाना बनाते, उनका टिफिन पैक करते, पत्नी के लिए शिफ्ट से लौटने पर खाना तैयार रखते और राशन से लेकर सब्जी तक सब कुछ संभालते। उन्होंने कभी दिखावा नहीं किया बस चुपचाप सब करते रहे। ऐसे कई उदाहरण हैं, लेकिन एक घटना मेरे दिल में बस गई। एक बार जब मेरे ससुर के दोस्त दोपहर के भोजन पर आए, मैंने कई व्यंजन बनाए, जिनमें भरवां करेला भी था। अंकल ने चखकर कहा, ‘मेरी मां भी भरवां करेले बनाया करती थीं।’ मुझे खुशी हुई कि मेरे खाने ने उन्हें उनकी मां की याद दिला दी। लेकिन उनकी पत्नी आहत हो गईं। उन्होंने कहा, हम 45 साल से साथ हैं, क्या मैंने तुम्हारे लिए भरवां करेले नहीं बनाए?
क्या मेरे खाने में तारीफ लायक कुछ नहीं? क्यों हमेशा तुम्हें अपनी मां ही याद आती है? उस समय सबने इसे एक प्यारा सा पति-पत्नी की नोकझोंक समझकर हंसी में टाल दिया। लेकिन सालों बाद मुझे एहसास हुआ कि उन्हें कितना अनदेखा महसूस हुआ होगा। दशकों की देखभाल और स्नेह के बाद भी वे वर्तमान में सराहना चाहती थीं। यही बात है माता-पिता का प्यार और यादें कोई नहीं बदल सकता, लेकिन क्यों हम अतीत में अटके रहते हैं? क्यों न उस इनसान को सराहें जो आज हमारे साथ है, हमारा वर्तमान। तो मेरा मानना है अपने अतीत को संजोएं, वर्तमान का आनंद लें और भविष्य के प्रति आशावादी रहें। सबसे जरूरी बात, अपने जीवन में सभी की सराहना करें खासकर अपनी पत्नी की, क्योंकि सच कहें तो घर में मसालों का स्तर वही तय करती हैं और यह छोटी ताकत नहीं है। यहां आलू-पनीर से भरे हुए भरवां करेले की रेसिपी दी गई है।
सामग्री:
करेले के लिए6-7 मध्यम आकार के करेले
छोटी चम्मच नमक (करेले की कड़वाहट कम करने के लिए)
1 नींबू का रस, स्टफिंग (भरावन के लिए)
2 मध्यम आलू (उबले और मैश किए हुए)
1 कप पनीर (कद्दूकस किया हुआ)
1 प्याज (बारीक कटा हुआ)
2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
1 छोटी चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
1/2 छोटी चम्मच हल्दी
1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच गर्म मसाला
1/2 छोटी चम्मच अमचूर पाउडर
स्वादानुसार नमक, 3-4 बड़े चम्मच तेल
चुटकीभर हींग, 1/2 छोटी चम्मच जीरा
विधि: करेले तैयार करना
करेले धोकर छील लें और बीच से लंबाई में चीरा लगाएं। बीज निकाल दें और करेले पर नमक व नींबू का रस लगाकर 30 मिनट रख दें। बाद में धोकर सुखा लें।
भरावन तैयार करना
एक कड़ाही में तेल गर्म करें। प्याज, हरी मिर्च और अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर सुनहरा भूनें। अब आलू और पनीर डालें। हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गर्म मसाला और अमचूर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को ठंडा होने दें।
करेले भरना और पकाना
तैयार मिश्रण को करेले में भरें और धागे से हल्के बांध दें ताकि स्टफिंग बाहर न निकले। एक पैन में तेल गर्म करें, हींग और जीरा डालें। अब करेले डालकर धीमी आंच पर ढककर पकाएं। बीच-बीच में पलटते रहें। जब करेले नरम और सुनहरे हो जाएं, गैस बंद कर दें। गरमागर्म भरवां करेले को रोटी, परांठा के साथ परोसें। हरा धनिया डालकर सजाएं।