हिमाचल की धरती पर सुनहरी क्रांति, पहाड़ के इस प्लम में है दम

गगन शर्मा-सुंदरनगर

हिमाचल प्रदेश के बागबानी विभाग द्वारा संचालित ‘एचपी शिवा’ परियोजना अब धरातल पर सुनहरी क्रांति लेकर आई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से प्रदेश के निचले और मध्य क्षेत्रों में बागबानी के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया गया है। हाल ही में जिला मंडी के विकास खंड बल्ह और सुंदरनगर के बागवानों ने इस सीजन में प्लम की बंपर पैदावार और रिकॉर्ड कीमतों के साथ सफलता की एक नई इबारत लिख दी है। जब इन क्लस्टरों का प्लम कुल्लू की भुंतर सब्जी मंडी पहुंचा, तो इसकी गुणवत्ता देखकर खरीदार दंग रह गए और फल 165 रुपए से लेकर 200 रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड भाव पर बिका।

डॉ. राजेश शर्मा एसएमएस बागबानी सुंदरनगर एवं जिला समन्वयक एचपी शिवा ने बताया कि वर्ष 2021-22 में बल्ह के बृखमणी और सुंदरनगर के खागराओं में क्लस्टर स्थापित किए गए थे। इन क्षेत्रों में उपोष्णकटिबंधीय बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उच्च किस्म के प्लम के पौधे रोपे गए थे। बागबानों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की गईं, जिनमें एनिमल प्रूफ कम्पोजिट सोलर फेंसिंग: जंगली जानवरों से शत-प्रतिशत सुरक्षा, ड्रिप इरिगेशन प्रणाली पानी की हर बूंद का सटीक उपयोग, विशाल जल भंडारण सिंचाई के लिए बृखमणी में 2 लाख और खागराओं में 3.5 लाख लीटर क्षमता के टैंक।

10 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान

डॉ. संजय गुप्ता उप-निदेशक बागबानी, मंडी के अनुसार, इस सीजन में इन क्लस्टरों से लगभग 10 मीट्रिक टन फल उत्पादन की उम्मीद है। विभाग ने केवल पौधे लगाने तक ही सीमित न रहकर, किसानों को फल की तुड़ाई, छंटाई और ग्रेडिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया। साथ ही, ‘मार्केट लिंकेज’ के जरिए बागवानों को सीधे मंडियों से जोड़ा गया, जिससे बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म हुआ और किसानों को सीधा लाभ मिला।

अमरूद और संतरा भी महकाएंगे बाजार

डॉ. राजेश शर्मा एसएमएस बागबानी, सुंदरनगर एवं जिला समन्वयक, एचपी शिवा ने जानकारी दी कि एचपी शिवा परियोजना के तहत मंडी जिला के बल्ह और सुंदरनगर ब्लॉक में लगभग 135 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया है, जिसके अंतगज़्त कुल 12 क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। इन क्लस्टरों में न केवल प्लम, बल्कि जापानी फल , लीची, अमरूद और स्वीट ऑरेंज की उच्च गुणवत्ता वाली किस्में रोपी गई हैं। प्लम की सफलता के बाद, अब आने वाले महीनों में बाजार में इन बगीचों से बेहतरीन अमरूद और संतरे की खेप भी पहुंचने वाली है।