हिमाचल में मानसून फिर दिखाएगा रौद्र रूप, दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, जानें बाकी राज्यों का हाल

पंचकूला। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में बारिश का दौर अधिक तीव्र रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से 17 अगस्त को सुबह 8.57 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम सारांश एवं पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार 18 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में अलग-अलग से कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

आईएमडी ने हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। 17 अगस्त के लिए जारी चेतावनी में इन सभी क्षेत्रों को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में रखा गया है। बारिश का दायरा 18 अगस्त को बढ़ने की संभावना है। इस दिन हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में अधिकांश स्थानों पर बारिश हो सकती है। 18 अगस्त की चेतावनी में भी इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश की तीव्रता अधिक रहने का अनुमान है। आईएमडी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 17 से 19 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में भी 17 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

17 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के साथ अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। 18 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ अरुणाचल प्रदेश, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

आईएमडी के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में 17 से 23 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 17-18 अगस्त की बहुत भारी बारिश के बाद 19 से 23 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है। उत्तराखंड में 18 से 23 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

19 अगस्त को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 20 और 21 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 22 और 23 अगस्त को भी दोनों पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

आईएमडी ने 18 अगस्त सुबह 5.30 बजे तक के लिए 24 घंटे का अचानक बाढ़ जोखिम पूर्वानुमान भी जारी किया है। इसके अनुसार हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ का कम से मध्यम खतरा है। हिमाचल प्रदेश में चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ इलाकों में यह खतरा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में डोडा, कठुआ, उधमपुर और लद्दाख के लेह क्षेत्र को इस जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है।

उत्तराखंड में बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है। आईएमडी ने कहा है कि अगले 24 घंटों में संभावित बारिश के कारण पूरी तरह संतृप्त मिट्टी वाले क्षेत्रों और निचले इलाकों में सतही जल प्रवाह अथवा जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

मौजूदा मौसम को कई मौसमी प्रणालियां प्रभावित कर रही हैं। आईएमडी के 17 अगस्त सुबह 5.30 बजे के मौसम विश्लेषण के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना एक दिन पहले का सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अवदाब में बदल गया है।

सुबह 5.30 बजे यह अवदाब तटीय पश्चिम बंगाल, उससे सटे बांग्लादेश और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर 22.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.3 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास, कोलकाता के निकट केंद्रित था। यह बांग्लादेश के सतखीरा से करीब 80 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से 160 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और ओडिशा के बालेश्वर से 180 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। आईएमडी के अनुसार इसके अगले 24 घंटों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका फिरोजपुर, देहरादून, बरेली, सुल्तानपुर, डाल्टनगंज और जमशेदपुर से गुजरते हुए तटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बने अवदाब के केंद्र तक जा रही थी और वहां से दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई थी। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ था। जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्रों में भी समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद था।

16 अगस्त सुबह 8.30 बजे से 17 अगस्त सुबह 5.30 बजे तक दर्ज बारिश के आंकड़ों के अनुसार पंजाब और उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने अपने बुलेटिन में यह भी स्पष्ट किया है कि लाल रंग की चेतावनी का अर्थ ‘रेड अलर्ट’ नहीं है, बल्कि इसका मतलब ‘कार्रवाई करें’ है। किसी भी दिन का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी उस दिन सुबह 8.30 बजे से अगले दिन सुबह 8.30 बजे तक प्रभावी रहती है।