पैरेलल लाइसेंस का विरोध; मांगें मनवाने पर अड़े मुलाजिम, जमकर किया प्रदर्शन, जल्द मांगा समाधान
निजी संवाददाता- पंचकूला
पैरेलल लाइसेंस के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बुधवार को पंचकूला के सेक्टर-4 स्थित हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के मुख्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से बिजली कर्मचारी, इंजीनियर, अधिकारी और उपभोक्ता 3 सितंबर को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और पैरेलल लाइसेंस का विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पैरेलल लाइसेंस बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में उठाया गया खतरनाक कदम है। इसका सीधा असर बिजली कर्मचारियों के साथ किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली ऐसी नीतियां सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास हैं। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी प्रदर्शन करते हुए।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी प्रदर्शन करते हुए। मोर्चे के पदाधिकारियों ने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग की ओर से पैरेलल लाइसेंस के मुद्दे पर तीन सितंबर को जनसुनवाई रखी गई थी। यह जनसुनवाई प्रदेश की बिजली व्यवस्था के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण थी। इसी के चलते प्रदेशभर से कर्मचारी, इंजीनियर, अधिकारी और उपभोक्ता पंचकूला पहुंचे और आयोग के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। वहींंंंंंंं, बातचीत के दौरान आयोग के अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि आयोग पैरेलल लाइसेंस के पक्ष में नहीं है और वह भी नहीं चाहता कि बिजली विभाग का निजीकरण हो। आयोग की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद बिजली कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर वापस लौटने पर सहमति जताई।