चंडीगढ़ में आउटसोर्स भर्ती पर CBI रेड के बाद मामला गरमाया, अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

चंडीगढ़ नगर निगम में वेतन भुगतान का मामला गरमाया,

दिव्य हिमाचल ब्यूरो- चंडीगढ़

चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्तीए तैनाती और वेतन भुगतान में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सीबीआई रेड के बाद गरमा गया है। शिकायतकर्ता और यूटी चंडीगढ़ सब-ऑर्डिनेट सर्विस फेडरेशन के प्रधान रणजीत मिश्रा ने मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल करने की मांग की है। मिश्रा ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर करीब एक हजार करोड़ रुपए की कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियों की भूमिका की जांच से टेंडर प्रक्रिया और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में कथित गड़बडिय़ों का खुलासा हो सकता है।


मिश्रा के अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े करीब 200 करोड़ रुपए सालाना के टेंडरों में अनियमितताओं की आशंका है। उन्होंने जांच एजेंसियों से संबंधित कंपनियों के बीच आपसी संबंधोंए टेंडर हासिल करने के लिए जमा कराए गए दस्तावेजों, अनुभव प्रमाणपत्रों और कर्मचारियों की वास्तविक तैनाती की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन पड़ताल होनी चाहिए। मिश्रा ने दावा किया कि इस मामले में एक महिला पीसीएस अधिकारी का भी नाम सामने आ रहा है। हालांकि अभी किसी इसे शेयर नहीं किया जा सकता है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि मामले में केवल कंपनियों की भूमिका की जांच पर्याप्त नहीं होगी।

चार अधिकारियों पर शिकायत दर्ज

मोहाली। चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चार अधिकारियों के शिकायत दर्ज करवाई गई है। शिकायत में सेक्टर-39ए स्थित एक सरकारी आवास में तलाशी के समय अनियमितताओं और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव और मोहाली के पार्षद डॉ. सन्नी सिंह आहलूवालिया ने तलाशी की कार्रवाई के कानूनी आधार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनकी गैर-मौजूदगी में सरकारी आवास का ताला तोडक़र अंदर प्रवेश किया गया और तलाशी ली गई। शिकायत के अनुसार, संबंधित आवास को अमरिंदर सिंह मल्ही से संबंधित बताया गया था। शिकायतकर्ता ने तलाशी के लिए जारी अधिकृत आदेशों और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों का पूरा ब्योरा उपलब्ध करवाने की मांग की है।