नारायणगढ़ में किसानों का प्रदर्शन, संगठनों ने खोला मोर्चा, खूब लगाए नारे

निजी संवाददाता- नारायणगढ़

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन टिकेत व अखिल भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने फसल खरीद में किसानों की हो रही लूट व खरीद में प्रदेश सरकार द्वारा लगाई गई किसान विरोधी शर्तो व निर्देशों के खिलाफ मार्किट कमेटी कार्यलय पर प्रदर्शन किया गया। इसका नेतृत्व अध्यक्षता चमन लाल गुज्जर राज्य युवा अध्यक्ष टिकेत यूनियन व कामरेड टेक चंद कनवीनर किसान सभा ने संयुक्त रूप से किया। मजदूर संगठन सीटू ने किसानों के धरने में शामिल होकर मांगो का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए निर्मेल सिंह तंदवाल व रमेश नन्हेड़ा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने प्रति एकड़ 26 क्विंटल धान खरीद की जो शर्त लगाई है वह बिलकुल गलत है। इससे किसान भारी परेशान है और उसको लिमिट से ज्यादा धान को निर्धारित मूल्य से कम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

यह सरकार के सरंक्षण में किसान की सरासर लूट है। इसी प्रकार फसल पंजीकरण, नमी, गेट पास सिस्टम व वेरिफिकेशन ने किसानों की परेशानियों को और बढ़ा रखा है। धीमी खरीद व समय पर उठान न होना भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे जगह की कमी हो गई है। इसी प्रकार किसान नेता ब्लॉक अध्यक्ष राजेश ने कहा कि एक तो सरकार ने सी2़50 प्रतिशत मुताबिक धान का लाभकारी मूल्य नहीं दिया ऊपर से अब डीएपी खाद की समस्या किसानों के सामने आकर खड़ी हो गई है। सीटू नेता सतीश सेठी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार चारों और लूट मचाए हुए है। अपने साढ़े बारह साल के कार्यकाल में पूंजीपतियों के साढ़े सोलह लाख करोड़ रुपए के बैंकों के लोन माफ कर दिए, परंतु किसान व मजदूर का एक रुपया लोन माफ नहीं किया।