माता बालासुंदरी मंदिर को मिला भोग प्रमाण पत्र

By: Apr 9th, 2021 12:55 am

भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से हासिल हुआ सर्टिफिकेट, अब तक शिमला के संकट मोचन मंदिर व सोलन के माता शूलिनी मंदिर को ही प्राप्त है यह दर्जा

सूरत पुंडीर-नाहन
उत्तर भारत की प्रमुख शक्ति पीठ माता बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर को भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से भोग प्रमाण पत्र मिला है। हिमाचल प्रदेश में अभी तक केवल दो मंदिरों को छोड़कर किसी भी धार्मिक स्थल के पास भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण का ब्लिसफुल्ल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड भोग प्रमाण पत्र नहीं है। अभी तक हिमाचल प्रदेश में केवल शिमला के संकट मोचन मंदिर व सोलन के माता शूलिनी मंदिर को ही केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से भोग प्रमाण पत्र हासिल हुआ है । हिमाचल प्रदेश के तमाम लोगों व जिला सिरमौर के लिए यह गौरव का विषय है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण एफएसएसआई से माता बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर को भोग प्रमाण पत्र मिला है। केंद्र सरकार की खाद्य सुरक्षा विभाग की एक विशेष ऑडिट टीम इस सिलसिले में माता बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में आई हुई थी तथा मंदिर में खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से तमाम मापदंडों की जांच की गई। केंद्र सरकार से अधिकृत ऑडिट टीम ने कई दिनों तक मंदिर में कच्चे व पक्के खाने के अलावा भंडारे स्थल, रसोई व तमाम अन्य व्यवस्थाओं का कई दिनों तक जायजा लिया । उसके बाद एक गुप्त रिपोर्ट तैयार की गई जो हिमाचल प्रदेश सरकार व हिमाचल प्रदेश के प्रधान स्वास्थ्य सचिव को भेजी गई। हिमाचल प्रदेश सरकार व सरकार के प्रधान स्वास्थ्य सचिव की ओर से एक गुप्त रिपोर्ट केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण को भेजी गई, जिसके बाद एफएसएसआई ने माता बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर को कुल 114 अंकों में से 105 अंक देकर ए प्लस प्रमाण पत्र जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के लिए ही नहीं अपितु यह प्रदेश के उन तमाम धार्मिक स्थलों के लिए एक गौरव का विषय है कि आखिरकार उत्तर भारत की प्रमुख शक्ति पीठ माता बाला सुंदरी मंदिर के भंडारे व अन्य खाद्य पदार्थों को भारतीय सुरक्षा प्राधिकरण से एफएसएसएआई से भोग प्रमाण पत्र मिला है।

जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के जाने-माने शक्तिपीठ को धार्मिक स्थल जिसमें ज्वालामुखी माता, माता चिंतपूर्णी, माता नैना देवी, चामुंडा देवी मंदिर, बाबा बालक नाथ, बैजनाथ व मंडी व प्रदेश के अन्य जिलों में स्थित धार्मिक स्थलों को अभी तक केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड यानी भोग प्रमाण पत्र हासिल नहीं हुआ है। हिमाचल प्रदेश के अभी तक केवल दो धार्मिक स्थल ही ऐसे हैं जिनको माता बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर से पहले भोग प्रमाण पत्र मिल चुके हैं। इसके लिए बकायदा केंद्र सरकार की अधिकृत टीम द्वारा मंदिर परिसर के साथ-साथ मंदिर के भंडारा हॉल, मंदिर की रसोई व मंदिर की रसोई में काम करने वाले सेवादार व अन्य कर्मियों के ट्रेनिंग व फूड सेफ्टी से संबंधित प्रमाण पत्र का भी जायजा लिया जाता है । साथ ही फैक्ट कंट्रोल कमेटी द्वारा भी इसका पूरा निरीक्षण किया जाता है । उसके बाद ही भोग प्रमाण पत्र जारी किया जाता है । जानकारों की मानें तो हिमाचल प्रदेश ना केवल पूरे भारतवर्ष बल्कि विश्व के धार्मिक पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है ऐसे में तमाम धार्मिक स्थलों को केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से भोग प्रमाण पत्र लेना आवश्यक माना जा रहा है। खासकर कोरोना जैसी अवधि के दौरान जब पूरा विश्व कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। (एचडीएम)

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