दखल

कोरोना महामारी ने लोगों को घरों में बंद तो कर ही दिया, पर शिक्षा के मंदिरों में भी ताला जड़ दिया। शिक्षा पटरी से इस कद्र उतरी है कि अब उसके रफ्तार पकड़ने में न जाने कितना वक्त लगेगा। ऑनलाइन शिक्षा के सहारे चल रही हिमाचल की एजुकेशन चलेगी भी तो कब तक, क्योंकि नतीजे तो इसके भी डराने वाले हैं। इस बात को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता कि कोविड-19 ने हिमाचल में शिक्षा का भट्ठा बिठा दिया है। इस दखल में एजुकेशन पर कोविड-19 और लॉकडाउन के साइड इफेक्ट्स बता रही हैं संवाददाता प्रतिमा चौहान

चीन के वुहान से आए कोरोना वायरस ने हिमाचल के कोने-कोने में जड़ें फैला दी हैं। महामारी ने एक तरह...

निचला हिमाचल अब बागबानी में अप्पर हिमाचल को टक्कर देने की पूरी तैयारी में है। सेब की बागबानी के लिए...

कोरोना महामारी से जंग के बीच हुए लॉकडाउन ने शैक्षणिक संस्थानों को भी पूरी तरी तरह लॉक कर दिया है।...

बरसात शुरू हो चुकी है और आने वाले कुछ ही दिनों में यह परवान चढ़ जाएगी। मानसून हिमाचल को हर...

एग्जाम वही थे, एग्जामिनर वही थे… और तो और शिक्षा बोर्ड भी वही था, पर समां हट कर था। कोरोनाकाल...

हिमाचल में छह बार के सीएम वीरभद्र सिंह का होम टाउन रोहड़ू एजुकेशन की रॉयल सिटी बन गई है। ब्लॉक...

किताबी ज्ञान तो हर रोज़ कक्षाओं में…तो प्रैक्टिकल नॉलेज लैबोरेट्री में मिल जाएगी, लेकिन हर अपडेट से वाकिफ होने के...

महिला दिवस पर विशेष चूल्हे-चौके की दुनिया से निकलकर आज हिमाचली बेटियां कामयाबी के फलक को छू रही हैं। बस...