पाठकों के पत्र

हमारा देश ही मात्र एक ऐसा देश है जहां पर नवरात्र मनाए जाते हैं और कन्या पूजन होता है। लेकिन जब इसी देश में कन्या भ्रूण हत्या की खबरें सुनने को मिलती हैं तो हर सभ्य व्यक्ति सोचने को मजबूर हो जाता है। दुर्गा माता पूजा-पाठ से कम और इनसान के अच्छे कर्मों से ज्यादा

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़ रहा है और यह महामारी लोगों की जान की भी दुश्मन बन रही है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जयराम सरकार ने कुछ पाबंदियां भी लगाई हैं, प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था की चिंता करते हुए और कोरोना युवाओं

-अंजना आर्य, लूनापाणी, मंडी लावारिस पशुओं के बढ़ते आतंक और समस्या को खत्म करने के लिए सरकार गौशालाएं बनाने का प्रबंध कर रही है। इस योजना पर करोड़ों रुपए खर्च होने की संभावना है। मेरा विचार है कि इस पैसे को विकास के अन्य कार्यों पर खर्च किया जा सकता है। लावारिस पशुओं का भरण-पोषण

-नरेंद्र कुमार शर्मा, भुजड़ू, मंडी 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल प्रदेश एक मुख्य आयुक्त प्रांत के रूप में अस्तित्व में आया। इसके बाद से इस प्रांत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 25 जनवरी 1971 को इसने पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल किया। आय के सीमित स्रोतों को देखते हुए भी हिमाचल प्रदेश ने

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा 15 अप्रैल 1948 वो दिन था, जब धरती का स्वर्ग और देवभूमि हिमाचल अस्तित्व में आया था। अर्थात इसका गठन किया गया था। हालांकि उस समय प्रदेश का दायरा बहुत छोटा-सा था क्योंकि उस समय इसके मात्र 4 ही जिले थे और इसके बहुत से पहाड़ी क्षेत्र पंजाब में थे।

-नरेंद्र कुमार शर्मा, भुजड़ू, मंडी महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब में कोरोना वायरस का एक बड़ा उछाल है। महाराष्ट्र में सरकार लॉकडाउन को लागू करने की योजना बना रही है। लॉकडाउन भले ही लागू हो या न हो, लेकिन मजदूर अपने घरों को लौट रहे हैं। रेलवे स्टेशनों में श्रमिकों की भारी भीड़ है। यह एक

-नरेंद्र कुमार शर्मा, भुजड़ू, मंडी जैसे ही पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक आया, वहां की राजनीति हत्या, षड्यंत्र, हिंसा व एक-दूसरे पर आरोपों का आधार बन गई। और यह अब भी जारी है। अब ममता बनर्जी का आरोप है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भाजपा के संकेत पर काम कर रहा है और वह केवल

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा पुलिस का काम हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना होता है, लेकिन अफसोस यह कि वह सत्ताधारियों, राजनेताओं और खास लोगों के गलत कामों को अनदेखा कर रही है या फिर यह कहें कि वह इनके गलत कामों में साथ दे रही है। महाराष्ट्र में जैसी घटनाएं एक के बाद

 -रूप सिंह नेगी, सोलन खबरों की मानें तो प्रदेश सरकार प्रदेश में एक संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना का मन बना चुकी है और उचित जगह में जमीन की खोज में है। गौरतलब है कि सरकार ने अंग्रेजी को दूसरे स्थान से हटा कर हिंदी के बाद संस्कृत को दूसरी भाषा का स्थान दिया है। प्रदेश