पाठकों के पत्र

हिमाचल प्रदेश में भी रिश्वतखोरी के मामले बढ़ रहे हैं। हाल ही में निरीक्षण टीम के सदस्यों महिला व पुरुष शिक्षक को रिश्वतखोरी के दोषी होने का मामला सुर्खियों में है। इस मामले की उचित और निष्पक्ष जांच से पता चलेगा कि इस मामले की आखिर सच्चाई क्या है और इसमें और कितने लोग शामिल

भारत सरकार को वर्ल्ड बैंक के शिक्षा निदेशक की इस बात पर गौर करना चाहिए, जिसमें कहा गया है कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण अब स्कूलों को बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है। इनके अनुसार इसका कोई प्रूफ नहीं है कि स्कूलों को दोबारा खोलने से कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि हुई

यह अत्यंत विस्मय की बात है कि विश्व समुदाय विशेषकर यूएनओ अभी तक न तो किसी देश को कोविड-19 जैसी बड़ी महामारी को फैलाने और उपेक्षापूर्ण प्रयोग एवं भयंकर परिस्थितियां पैदा करने के लिए उत्तरदायी ही बना सका और न ही खुलकर चिन्हित कर पया, दोषी करार देना तो दूर की बात है। यदि किसी

हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष देश है। यहां न तो सरकारों को, कानून को और न ही न्यायालयों को किसी भी धर्म के मामले में हस्तक्षेप का अधिकार है। मंदिरों ही नहीं, बल्कि सभी धार्मिक स्थानों पर से सरकारी नियंत्रण खत्म हो जाए तो इसका सबसे बड़ा एक ही फायदा हो सकता है

कोई भी आंदोलन कभी भी देशहित में नहीं कहा जा सकता, क्योंकि आम जनता के साथ-साथ आंदोलनकर्ता भी इससे हानि ही प्राप्त करते हैं। राजनीति चमकाने वालों की अपने-अपने ढंग से इसे भुनाने की कोशिश बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण तथा चिंतनीय विषय है। एक पक्ष द्वारा तथाकथित तीन कानून वापस लेकर न ही अपनी पीठ थपथपाने

हमारा देश देवभूमि के नाम से भी दुनिया में प्रख्यात है। यहां जितने पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं, उतने शायद और कहीं नहीं मनाए जाते हैं। हिंदू धर्म के कुछ त्योहार तो ऐसे हैं जो हमें प्रकृति से बांधे रखने का काम भी करते हैं। लेकिन समय और आधुनिकता की भागमभाग में त्योहारों का

रवींद्रनाथ टैगोर ने स्वामी विवेकानंद के बारे में कहा था, ‘यदि आप भारत को जानना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद को पढि़ए। उनमें आप सब कुछ सकारात्मक ही पाएंगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं।’ स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरक हैं। हर वर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की

10 जनवरी को हमारे देश की आन, बान और शान हिंदी का विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान देने और इसे अंतरराष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से 10 जनवरी 2006 से दुनियाभर में विश्व हिंदी दिवस मनाने का ऐलान किया था। तब

अंततः हिमाचल प्रदेश सरकार को स्कूल और कालेज 26 जनवरी तक बंद करने के आदेश देने पड़े हैं। सरकार के समक्ष चिंता यह है कि बच्चों को कोरोना महामारी से किस तरह बचाया जाए। स्कूल और कालेजों में संक्रमण के काफी मामले आने लगे थे। इसीलिए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है। दीगर है