छुआछूत एक सामाजिक बुराई

-प्रकाश चौहान, मंडी आज देश को आजाद हुए 70 साल से भी ज्यादा समय हो चुका है। परंतु प्रदेश के अंदर छुआछूत को लेकर लोगों की मानसिकता वैसी ही है जैसी कई दशकों पहले थी। छुआछूत के नाम पर प्रदेश के अंदर आज भी लोगों के साथ बहुत ज्यादा भेदभाव किया…

साहित्यकार जटियानंद

पूरन सरमा स्वतंत्र लेखक वे नई सदी के साहित्यकार थे। लिखते कम और बोलते ज्यादा थे। उपदेश के पाठ उन्हें पूरी तरह कण्ठस्थ थे। उम्र में थोड़ा अधेड़ होने से वे नए रचनाकारों पर टूट पड़ते तथा उन्हें अदभुत और जीवंत लिखने की सीख देते। अंग्रेजी…

समाज और संस्कृति का जोड़ 

-डा. इंदिरा कुमारी, मटौर आज हर क्षेत्र में उन्नति हो रही है, आधुनिकता का समय है। परंतु ‘आधुनिकता’ किसे कहेंगे? उसे जिसने पुरानी रूढि़वादी सोच को बदलकर एक नई और उन्नत सोच रखी है या फिर वह जिसे समाज आजकल तीव्रता से अपना रहा है। हर…

पृथ्वी की रक्षा करना परम कर्त्तव्य

-राजेश कुमार चौहान, जालंधर जब हमें यह महसूस होता है कि हमें कोई बीमारी होती है तो हम झट से उस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए इलाज कराने लगते हैं। बीमारी और न बढ़ें और यह जानलेवा न बन जाए इसके लिए परहेज करते हैं, लेकिन आज पृथ्वी हमारी…

सीएए और एनआरसी को लेकर दुविधा

-रूप सिंह नेगी, सोलन देश में सीएए और एनआरसी को लेकर जनता में ही नहीं बल्कि राजनीतिक दलों में भी दुविधा होना स्वाभाविक है। शायद सीएए कानून मुसलमानों को छोड़ अन्य धर्मों के भारतीय मूल के लोग जो बाहरी देशों में रह रहे हैं, उन को भारतीय…

फिल्मी कलाकार राजनीति से नाता न जोड़ें

-राजेश कुमार चौहान, जालंधर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के जेएनयू में जाने पर आजकल सोशल साइट्स और अन्य साधनों द्वारा कुछ लोग इनकी आलोचना कर रहे हैं तो कुछ समर्थन कर रहे हैं। सबकी अपनी-अपनी सोच और अपना-अपना नजरिया होता है। दीपिका पादुकोण जेएनयू…

वोट बैंक की राजनीति अभिशाप

-राजेश कुमार चौहान, जालंधर स्वामी विवेकानंद जी ने युवा शक्ति के बारे में कहा था कि ‘मेरा विश्वास युवा शक्ति पर है। इन्ही में से मेरे कार्यकर्ता निकलेंगे, जो अपने पराक्रम से विश्व को बदल देंगे।’ युवा वर्ग का देश के विकास, देश और समाज में…

कालोनी में मिलाया जाए ग्रामीण क्षेत्र

नरेंद्र, सलापड़, मंडी प्रदेश सरकार द्वारा विकास खंड सुंदरनगर के तहत गठित की गई ग्राम पंचायत सलापड़ कालोनी बीएसएल परियोजना में करवा रहे विकास कार्योें में खर्च कर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। क्योंकि केंद्र के अधीन बीबीएमबी में…

पाकिस्तान कब बाज आएगा?

-राजेश कुमार चौहान, जालंधर लगातार पिछले दो-तीन दिनों से पाकिस्तान में हुई नापाक हरकतों ने इसका नापाक चेहरा सारी दुनिया के आगे बेनकाब कर दिया है। यहां पहली निंदनीय घटना ननकाना साहिब में पथराव कर और फिर सिक्ख युवक की निर्मम हत्या कर एक…

कानून में राजनीति कितनी सही

-रूप सिंह नेगी, सोलन नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा-आगजनी पर नाराजगी जताना सही बात है। वैसे भी कोई भी व्यक्ति ऐसी हिंसक घटनाओं को सही नहीं ठहरा सकता है, लेकिन इतने उच्चतम पद पर विराजे माननीय जनरल साहब का तथाकथित राजनीतिक भाषा का उपयोग…

अमिताभ बच्चन को पुरस्कार

-डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर शताब्दी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन को उनके 50 वर्ष के फिल्मी जीवन काल के लिए ‘दादा साहिब फालके’ पुरस्कार दिया गया है जो स्वागत योग्य है। उनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। वह इतनी फिल्में कर चुके हैं कि गिनती…

गुमराह करने की कोशिश 

-रूप सिंह नेगी, सोलन नागरिकता कानून को लेकर जनता सड़कों पर उतर गई है और लगता है कि अभी भी देश में किसी न किसी रूप में विरोध जारी रहेगा। जबकि दूसरी ओर सत्तापक्ष के नेता, मंत्री और कार्यकर्ता जनता का समर्थन जुटाने के लिए सड़क से लेकर…

निहत्थे सिखों पर हमला क्यों?

-डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर श्री गुरु नानक देव प्रथम गुरु सिख पंथ समुदाय का जन्म लगभग 550 वर्ष पूर्व ननकाना साहिब में हुआ था जो 1947 को भारत की स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान में चला गया। विगत सप्ताह अपनी उग्रवादी नीतियों को छुपाने के लिए…

अलविदा 2019

-नागेंद्र गौतम, सुंदरनगर तुम कब आए और कब निकल पड़े तनिक पता ही न चला, मगर तुम वह दे गए जिसे ख्वाब में भी नहीं सोचा था। सैकड़ों वर्षों से सैकड़ों भक्तों ने अपने जीवन की आहुतियां दे दीं। अयोध्या में प्रभु श्री राम जी के भव्य मंदिर निर्माण की…

भ्रांतिपूर्ण योजनाओं से जनता भ्रमित

-डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर केंद्र सरकार देश में नई-नई बातों की भ्रांतियां छोड़ती रहती है और आम जनता भ्रमित होती रहती है। आखिर क्यों? दो-चार या सैकड़ों को छोड़कर क्या देश की करोड़ों जनता ही ऐसी है। जिसे ये योजनाएं समझ नहीं आ रही हैं या…