पाठकों के पत्र

उत्तराखंड में बरसात ने जाते-जाते अपना रौद्र रूप दिखाया। यहां भारी बारिश से भूस्खलन होने के कारण लगभग 40 से ऊपर लोगों की मौत की खबर है और बहुत सी सड़कें आवाजाही के लिए बंद हो गई हैं। देश-दुनिया के किसी भी कोने में जब किसी भी रूप में प्रकृति अपना कहर बरपाती है, तब

शहरों और कस्बों में भी कई भिखारी देखे जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति भिखारी नहीं बनना चाहता। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार हम भीख मांगने को अपराध नहीं घोषित कर सकते क्योंकि एक व्यक्ति जिसके पास करने के लिए कोई काम नहीं है, विकलांग और कोई भी काम करने में सक्षम नहीं,

भारत में कोयले की बहुत बड़ी कमी है। भारत दुनिया में कोयले का दूसरा सबसे बड़ा आयातक, उपभोक्ता और उत्पादक है। न केवल भारत इस संकट का सामना कर रहा है, बल्कि रूस और चीन जैसे कई अन्य देश भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। इस साल बारिश का मौसम बहुत लंबा रहा।

क्य शिक्षण संस्थानों में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए कोई निर्धारित गणवेश होना चाहिए, जो कि शिक्षा विभाग की उदारता और नैतिकता से मेल रखता हो। जैसे पुलिस, होमगार्ड, सेना, एनसीसी, सीआरपीएफ आदि विभागों में निर्धारित गणवेश हैं। विद्यार्थियों के लिए भी यूनिफार्म है। फैशन की इस अनंत दौड़ में क्यों न शिक्षा विभाग में

कोरोना की लहर अब धीमी पड़ रही है। भले ही छुटपुट मामले प्रदेश में हों, पर भार निकल चुका है। कोरोना प्रोटोकॉल की अनुपालना में कुछ ढील स्पष्ट नजर आती है। नए मामले भी कम हुए हैं। प्रदेश में उपचुनावों के लिए प्रचार भी चल रहा है। कुछ शिक्षण संस्थान खुल गए हैं और कुछ

त्रेता युग में तो लंका में ही एक रावण था जो अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करता था, लेकिन कलियुग में तो हर जगह रावण विद्यमान हैं, जो अपने धन और हर तरह के बल का दुरुपयोग करके इंसानियत के बर्खलाफ काम कर रहे हैं। कलियुग के रावण तो इंसानियत से गिर कर जो काम कर

दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अशरफ को लक्ष्मी नगर के रमेश पार्क से पकड़ा है। वह एक खूंखार आतंकवादी है। वह सीधे पाकिस्तान से जुड़ा था। पुलिस को उसके पास से एके-47 राइफल और हथगोला मिला। उसके इरादे बहुत खतरनाक थे। त्योहारों के मौसम में वह दिल्ली को झटका देना चाहता था क्योंकि त्योहारों

कश्मीर में सुरक्षा बलों की सख्ती से बौखलाए आतंकवादी फिर से सक्रिय होने लगे हैं। समुदाय विशेष के लोगों को चुन-चुन कर मारा जा रहा है। सोमवार को हमारे सुरक्षा बलों पर भी आतंकवादियों ने हमला किया। इसमें हमारे पांच-छह जवान शहीद हो गए। वास्तव में आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों की ठोस कार्रवाई

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस लड़कियों के सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और लैंगिक समानता को सुदृढ़ करने के लिए हर साल 11 अक्तूबर को मनाया जाता है। यह दिन पूरे विश्व के लिए समाज में बालिकाओं के साथ हो रहे भेदभाव और असमानता के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध होने का होता है, लेकिन अफसोस तो