
हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार घटना के आरोपी बस चालक और कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा बस को भी जब्त कर लिया गया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर देश में महिलाएं और बालिकाएं कितनी सुरक्षित हैं?
एक सितंबर से सात सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है। आम लोगों को खानपान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मार्च 1975 में एडीए (अमेरिकन डायटेटिक एसोसिएशन, अब न्यूट्रिशन और डाइट साइंस अकैडमी) ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाने की शुरुआत की थी। हमारे देश में इसकी शुरुआत वर्ष 1982 में हुई थी। अब हर राष्ट्रीय पोषण सप्ताह हर वर्ष 1 सितंबर से 7 सितंबर तक मनाया जाता है।
केंद्र सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी स्वरोजगार के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए बहुत सी योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास के लिए भी एक नई योजना इंटर्नशिप को लेकर आई है।
हाल ही में नेपाल में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही हुई है। इसमें जान-माल का नुक्सान हुआ। कुदरत के इस कहर के पीछे पहाड़ों पर अंधाधुंध निर्माण है। सडक़ों का निर्माण करने के लिए पहाड़ों के सीने को छलनी किया जा रहा है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने एक बार फिर पूरी दुनिया को प्रकृति की विराट शक्ति और मनुष्य की सीमित सामथ्र्य का एहसास कराया है। हिमालय की गोद में बसे इलाकों में अचानक उमड़ी जलधारा ने जिस तरह घरों, बाजारों, पुलों, सडक़ों और दूसरी मानवीय व्यवस्थाओं को अपनी चपेट में लिया, वह हृदय को विचलित करने वाला है। कुछ ही क्षणों में जिन स्थानों पर जिंदगी सामान्य गति से चल रही थी, वहां तबाही का मंजर दिखाई देने लगा। अनेक लोगों की मौत हुई, सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं और कई परिवार अपनों की खबर की प्रतीक्षा में हैं।
अगर देश में कोई भी खाने की चीज, वो भी गरीब से गरीब के लिए भी रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली हो, महंगी हो जाए तो सरकारों को उसकी कीमत कम करने के उपाय प्राथमिक आधार पर करने चाहिए। विकास के वादे और दावे तब तक खोखले माने जा सकते हैं, जब तक देश में पैदा होने वाली चीजें महंगी हों। अब तो सरकारों को प्याज की बढ़ती कीमतों के लिए कुंभकर्णी नींद से जाग जाना चाहिए, क्योंकि अब देश के कुछ राज्यों में इसकी कीमत 50 रुपए प्रति किलो से ऊपर हो चुकी है। वैसे प्याज की कीमतें इससे पहले भी बढ़ती थी और इस पर खूब राजनीति भी होती आई है।
राजस्थान हाई कोर्ट का स्कूलों में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला केवल एक न्यायिक आदेश नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्कूल कैंटीन तथा स्कूल गेट के 50 मीटर के दायरे में ज्यादा वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक और उसके पालन के लिए नियमित औचक निरीक्षण की व्यवस्था दूसरे राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
भारत में आरक्षण का विषय मात्र एक सरकारी या संवैधानिक नीति नहीं है, बल्कि यह देश के सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन चुका है। हाल के दिनों में सामाजिक माध्यमों पर एक ऐसा संदेश बहुत तेजी से प्रसारित हुआ जिसने देश के कई प्रमुख नेताओं पर सामान्य वर्ग के विरुद्ध राजनीति करने का आरोप लगाया।
गत दिनों ‘उफ ! यह पर्यटन’ के संपादकीय में भीड़ में जूझते पर्यटकों की मुश्किलों के बारे में विस्तार से विचार रखे गए। इसमें मुख्य कारण छोटे-छोटे शहरों में पार्किंग होते हुए भी स्थानीय लोगों का उसका सदुपयोग न करना ही है। पिक एंड चूज प्रणाली द्वारा पुलिस को भी चालान करने से परहेज करना चाहिए। स्थानीय लोग, पर्यटक व पुलिस मिल-बैठ कर इसका हल निकालें, तो यह सराहनीय होगा।