पाठकों के पत्र

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के जालंधर छावनी के आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण रेलवे स्टेशन को आमजन को समर्पित किया। यह रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला हो गया।

सरकार प्रदूषण मुक्त यातायात करने के मद्देनजर ई-वाहन के निर्माण करने वालों और उसका उपयोग करने वालों को सब्सिडी के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही मेन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट्स में सुधार हेतु कदम उठा रही है, ताकि उसकी वजह से कोई दुर्घटना/हादसा न होने पाए। अच्छी बात है। इसके बावजूद सरकारी आंकड़े कह रहे हैं कि पिछले तीन वर्षों में ई-वाहनों के 23865 हादसे हुए और 26 बार उसमें आग लगी।

दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार जारी है। अनशन के सत्रहवें दिन तक पहुंचते पहुंचते उनका...

देश को ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए वाहनों के लिए एथेनॉल का प्रयोग करना जरूरी है, लेकिन विपक्ष, कुछ राजनीतिक दल और अन्य लोग इस ईंधन का विरोध भी कर रहे हैं। ऐसे विरोधियों को इन बातों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, जैसे कि अमरीका और ईरान के बीच फिर से युद्ध छिड़ गया है, इसलिए हो सकता है कि देश में पेट्रोल और डीजल के लिए सरकार कुछ और नियम तय कर दे या फिर से यह चीजें महंगी हो जाएं।

अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक चिंता का विषय बना दिया है। यदि यह समुद्री मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है, तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार व्यवस्था प्रभावित होगी। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय संघर्ष अब वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी का स्वरूप देते हुए भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी रोडमैप 2030 को मंजूरी दी है। इसके साथ रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, आतंकवाद विरोधी सहयोग तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।

देश में बहुत से राज्यों के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जैसे कि कहीं सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं अर्थात सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए इलाज की सुविधाएं नहीं, कहीं स्ट्रीट लाइट, कहीं सफाई व्यवस्था, कहीं पीने वाले पानी की समस्या, कहीं टूटी सडक़ें, लेकिन इनमें से कुछ राज्य बेवजह ही सरकारी पैसे को मुफ्त में लोगों को बांट रहे हैं।

भारतीय रेल केवल देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक परिवहन तंत्र नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति की जीवनरेखा भी है। लगभग डेढ़ शताब्दी पहले भाप के इंजनों से शुरू हुई इसकी यात्रा आज अत्याधुनिक तकनीकों के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। वंदे भारत, अमृत भारत, समर्पित माल गलियारे ‘कवच’ जैसी स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली और व्यापक विद्युतीकरण के बाद अब भारतीय रेल हाइड्रोजन फ्यूल-सेल तकनीक के साथ एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की दहलीज पर खड़ी है।

आज जब प्रदूषण की चर्चा होती है तो सबसे पहले वायु, जल, ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण का विचार सामने आता है। इनसे होने वाले दुष्प्रभावों पर समाज और सरकार दोनों गंभीर हैं। लेकिन एक ऐसा प्रदूषण भी है जो दिखाई नहीं देता, फिर भी मनुष्य के जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करता है। यह प्रदूषण है निरर्थक प्रवृत्तियों का। यह प्रदूषण मनुष्य के विचारों, समय, व्यवहार और व्यक्तित्व को भीतर से दूषित कर देता है।