पाठकों के पत्र

19 अप्रैल को वल्र्ड लिवर डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को लिवर को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक करना भी है। हमारे शरीर के वैसे तो सभी अंगों का तंदुरुस्त होना हमारे लिए वरदान है, लेकिन हमारे शरीर के कुछ अंग ऐसे भी हैं जिनमें अगर हमारे गलत खानपान और जीवनशैली के कारण दिक्क

अक्सर देश के विभिन्न राज्यों में दूषित पानी लोगों की सेहत का दुश्मन बन जाता है। दूषित जल के कारण लोगों की जो सेहत खराब होती है, उसके लिए कौन जिम्मेवार है, सरकार, प्रशासन या फिर आम जन? दूषित जल के लिए तो सरकार और प्रशासन ही ज्यादा जिम्मेवार हैं, क्योंकि आम जन को सरकार की तरफ से दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं में स्वच्छ जल उपलब्ध करवाना मु

हम भगवान श्री राम जी का जन्मदिन राम नवमी के रूप में मनाते हैं। जब-जब भी सृष्टि पर पाप बढ़ा है, असुरों के अत्याचार से प्राणी जाति संकट में आई है और सत्य, इनसानियत का पतन होने लगा है, तब-तब भगवान धरती पर किसी न किसी रूप में आए हैं। कभी राम बनके, तो कभी कृष्ण के रूप में। भगवान श्री राम जी ने सृष्टि को रावण के जुल्मों और अत्याचारों से मुक्त करवाया था

भारत सारी दुनिया में देवभूमि के लिए प्रसिद्ध है। हमारा देश ही मात्र एक ऐसा देश है, जहां पर नवरात्र मनाए जाते हैं और कन्या पूजन होता है। लेकिन जब इसी देश में कन्या भ्रूण हत्या सामाजिक बुराई की खबरें सुनने को मिलती हैं, तो हर सभ्य और भारत की संस्कृति का अनुसरण करने वाला व्यक्ति यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि क्या भारत वही है जहां पर नवरात्र में कन्या

15 अप्रैल 1948 वो दिन था, जब धरती का स्वर्ग और देवभूमि हिमाचल अस्तित्व में आया था, अर्थात इसका गठन किया गया था। हालांकि उस समय प्रदेश का दायरा बहुत छोटा-सा था, क्योंकि उस समय इसके मात्र 4 ही जिले थे और इसके बहुत से पहाड़ी क्षेत्र पंजाब में थे। धीरे-धीरे इसका विस्तार होता गया और अब प्रदेश के 12 जिले हैं।

बैसाखी का पर्व हिंदुओं और सिक्खों द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है। 13 अप्रैल 1699 को सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। इसलिए इस त्योहार को हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

इस बार जो लोकसभा का चुनाव होने जा रहा है, उम्मीद है कि मतदाता इस चुनाव में समझदारी से अपने कीमती मत का प्रयोग करेंगे। उम्मीद यह भी है कि शत प्रतिशत मतदाता चुनाव में भाग लेंगे। मुफ्तखोरी, लोभ-लालच, धर्म-जाति की भावनाओं से बचेंगे। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र दिन प्रतिदिन कुछ स्वार्थी लोगों के कारण नेतातंत्र बनता जा रहा है। स्वार्थ के इस

बोए पेड़ बबूल के तो आम कहां से होए। रहीम जी का एक दोहा रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे मोती मानुष चून। इस दोहे के अलग अलग अनुवाद किए जा सकते हैं, लेकिन इसमें भी कोई दोराय नहीं है कि पानी बिन प्राणी जाति का कोई अस्तित्व नहीं है। अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों के रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड के और अपने कार्यस्थल पर नल का प्रयोग करके इन्हें

हिमाचल के भाईचारे को अब तक कोई खतरा राजनीति से नजर नहीं आता था, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव प्रचार और रैलियों में प्रमुख राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा के एक-दूसरे पर जो आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें देखकर लगता है कि हमारे प्रदेश में भी कहीं वैसे हालात न बन जाएं जैसे कि देश के दूसरे कुछ राज्यों में बनते हैं। धर्म और जातिवाद की राजनीति