पाठकों के पत्र

हाल ही में कृषि मंत्रालय ने 1 जून से 30 जून तक एक बहुत ही अच्छा अभियान ‘खेत बचाओ’ चलाया है, जिसका मकसद खेतों की उपजाऊ क्षमता को रासायनिक खादों से होने वाले नुकसानों से बचाना भी है। कहते हैं कि जब जागो, तब सवेरा, लेकिन देर तक सोना हमेशा हानिकारक ही होता है। हमारा देश कृषि प्रधान देश है, लेकिन बहुत ही निराशाजनक है कि सरकारों की गलत नीतियों और संबंधित विभागों का कृषि के प्रति ढुलमुल रवैया आज खेतों पर भारी पड़ रहा है। उनकी उपजाऊ क्षमता रासायनिक खादों के कारण कम हो रही है।

एक समय था जब टीबी यानी क्षय रोग का नाम सुनते ही मरीज और उसके परिवार में डर का माहौल बन जाता था। लोगों को लगता था कि यह बीमारी जीवन भर पीछा नहीं छोड़ेगी और इसका इलाज संभव नहीं है। जानकारी की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण अनेक मरीज समय पर उपचार नहीं ले पाते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा विज्ञान ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा देश में प्लास्टिक अर्थात पॉलीमर नोटों को प्रचलन में लाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास न केवल भारतीय मुद्रा व्यवस्था के आधुनिकीकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा नकली मुद्रा पर प्रभावी नियंत्रण की दृष्टि से भी ऐतिहासिक साबित हो सकते हैं। यदि यह योजना व्यापक स्तर पर लागू

अभी नीट परीक्षा के पेपर लीक का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब सीबीएसई अर्थात केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का मामला सुर्खियों में छा गया है। हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भी शायद माना है कि इसमें गड़बड़ी हुई है और विद्यार्थियों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं का हल निकाला जाएगा।

भारत ने जल प्रबंधन और राष्ट्रीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया है जो आने वाले वर्षों में उत्तर भारत विशेषकर राजस्थान की तस्वीर बदल सकता है। जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की पर्वतीय घाटियों से बहने वाली चिनाब नदी के अतिरिक्त पानी को अब ब्यास नदी प्रणाली से जोडऩे की तैयारी तेज हो चुकी है।

अमरीका और ईरान युद्ध के कारण हमारे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हो रही है। इससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है, खासतौर पर जिनका कारोबार अपने निजी वाहनों के जरिए होता है, डीजल की कीमत में वृद्धि से सार्वजनिक वाहनों में सफर भी महंगा हो सकता है। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम ई-बस सेवा योजना को हरी झंडी देकर चंडीगढ़ के लिए लगभग 25 इलेक्ट्रिक बसों का वर्चुअल तरीके से शुरुआत की।

मैं हाल ही में देवभूमि हिमाचल की 8 दिवसीय यात्रा पर था। वहां सुबह लोकप्रिय समाचारपत्र ‘दिव्य हिमाचल’ पढऩे का नियम बना लिया था। इन 8 दिनों में एक सुखद आश्चर्य ने मेरा ध्यान खींचा, अखबार के पन्नों पर चोरी, डकैती, हत्या या महिलाओं पर अत्याचार जैसी खबरें न के बराबर थीं। इसके विपरीत हर दिन अखबार सडक़ों के निर्माण, नए स्कूलों के उद्घाटन, सेब के अच्छे दाम, स्थानीय मेलों और पर्यटन की नई योजनाओं की खबरों से सजा हुआ था। वहां के लोगों की आंखों में जो अपनापन और चेहरों पर जो निश्चिंतता दिखी, वह बड़े शहरों में खो सी गई है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था एक नए दबाव का सामना कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा की बचत की अपील और आर्थिक मंदी की आशंका व्यक्त करना इसी चिंता को दर्शाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे भारत का आयात बिल काफी बढ़ गया है।

भारतीय संस्कृति में नदियों को केवल जलधारा नहीं बल्कि जीवन, चेतना और मोक्ष का स्रोत माना गया है। इनमें भी मां गंगा का स्थान सर्वोच्च है। करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि सनातन सभ्यता की आत्मा हैं। हिमालय की गोद से निकलकर मैदानों को जीवन देने वाली गंगा सदियों से भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, कृषि, साहित्य और लोकजीवन की धुरी रही है।