स्वार्थ में छिपा परमार्थ 

-डा. विनोद गुलियानी, बैजनाथ न किसी से कोई बात, न मिलना-जुलना न प्रत्यक्ष सुख-दुख। अपने छोटे से परिवार को ही अपना संसार समझते हुए अपनी चार दीवारी में सीमित करने वाला तालाबंदी मंत्र जिसने रट लिया, समझो कोरोना नामक राक्षस के चुंगल से स्वयं तो…

विधायक, पार्षद समझें जिम्मेदारी

राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टिहरा कोरोना से बचने के लिए देश में जो 21 दिन के लॉकडाउन का समय है, उसे सफल बनाने के लिए सभी सत्ताधारियों-राजनेताओं और आम लोगों की भागीदारी जरूरी है, लेकिन अफसोस जिस देश में लोग राजनीति में अपने स्वार्थ के लिए…

मजदूरों-दिहाड़ीदारों पर दोहरी मार

-राजेश कुमार चौहान प्रधानमंत्री ने 21 दिनों के लॉकडाउन के लिए देश से सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा है कि 21 दिनों के लॉकडाउन का पालन गंभीरता से नहीं किया तो देश लगभग 21 साल पीछे चला जाएगा, हालांकि अब प्रधानमंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि इस…

ईरान हुआ वीरान

-यशस्वी सिंह, मीडिया छात्र, प्रयागराज कोरोना लगभग पूरी दुनिया में कोहराम मचा रहा है । इस बीमारी की वजह से सबसे ज्यादा मौतें चीन में हुई हैं। इसके बाद इटली व ईरान का नंबर आता है। ईरान में मौतों का आंकड़ा थमने के बजाय लगातार बढ़ रहा है…

इस कहर से कैसे बचे दुनिया?

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टिहरा सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति चीन, जहां पर इस महामारी का जन्म हुआ, के लिए समय रहते ही गंभीरता दिखाई होती तो सारी दुनिया के लिए आफत नहीं बनती। हमारे देश के आम लोगों को दुनिया के दूसरों देशों के कोरोना वायरस के…

महामारी के खिलाफ सख्त कदम

-रूप सिंह नेगी, सोलन एक कहावत है कि ‘स्टिच इन टाइम सेव्ज नाइन’ अर्थात समय रहते कदम उठाया गया होता तो संभवतः दिल्ली के दंगे नहीं होते और इसी तरह यदि कोरोना की रोकथाम के लिए पहले से ही तैयारी की होती तो शायद ‘जनता कर्फ्यू’ की जरूरत…

राष्ट्रीय स्तर पर बने योजना 

-राजीव पठानिया, सदवां, नूरपुर चीन से कोरोना वायरस का शुरू हुआ सिलसिला धीरे-धीरे विश्व के काफी देशों में फैल चुका है और इससे मरने वालों की संख्या भी हजारों में पहुंच चुकी है। भारत में भी इस वायरस ने अपने पैर पसार दिए हैं और अभी तक पांच…

कर्फ्यू का उचित मतलब समझें

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टिहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए एक उपाय यह दिया कि 22 मार्च 2020 को देश में जनता कर्फ्यू होना चाहिए, कुछ लोगों ने इसका उचित अर्थ समझते हुए रोजमर्रा के प्रयोग में आने वाली चीजों…

गौरेया से कुदरत का सौंदर्य

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टिहरा बीस मार्च को विश्व गौरेया दिवस, गौरेया अर्थात चिडि़यों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। प्रकृति की शान पशु-पक्षियों और हर प्राणी से है। जब किसी के सिर स्वार्थ सवार हो…

कोरोना के विरुद्ध आवाज

-डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व में फैले कोरोना वायरस को मिटाने के लिए जो विश्व स्तर पर प्रयास शुरू किए हैं, वे स्वागत योग्य हैं। यही नहीं उन्होंने सार्क देशों से भी वीडियो कान्फं्रेसिंग के द्वारा…

अफवाहें न फैलाएं

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टिहरा कोरोना वायरस को लेकर जो सोशल साइट्स पर अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वो गलत हैं। जो लोग कोरोना को लेकर अफवाहें या भ्रांतियां सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं, उन पर शिकंजा कसने के लिए सरकार को कुछ प्रयास करने…

कोरोना, कुदरत का प्रकोप नहीं

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टिहरा कोरोना वायरस ने सारी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। दुनिया के बड़े-बड़े देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। यह वायरस दुनिया में ज्यादा तबाही न मचाए, इसके लिए हर देश भरपूर कोशिशें कर रहा है। हमारे देश में भी…

सीएए, एनआरसी पर संयम चाहिए 

-रूप सिंह नेगी, सोलन सन् 2003 में अटल जी की सरकार ने एनआरसी कानून पारित किया था। जब एनआरसी कानून को असम राज्य में लागू किया गया तो तकरीबन 19 लाख लोग एनआरसी से बाहर हो गए हैं। शायद इस तरह के भयानक अनुभव को लेकर देश की जनता सीएए,…

नशे में डूबती युवा पीढ़ी

-प्रकाश चौहान, मंडी नशे के कारोबार में प्रदेश के युवाओं की संलिप्तता प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदेश के अंदर रोज दस से ज्यादा मामले नशीले पदार्थों से संबंधित दर्ज किए जा रहे हैं। प्रदेश के बहुत से युवा इन नशीले…

कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टिहरा मध्य प्रदेश में कांग्रेस के जाने-माने और पुराने नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने से देश की राजनीति में आजकल भूचाल सा आया है। खबर यह भी है कि ज्योतिरादित्य के कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके…