वैचारिक लेख

इस समय गैस उत्सर्जन में चीन पहले, अमेरिका दूसरे तथा भारत तीसरे स्थान पर बना हुआ है। इन पर ही इस त्रासदी से निपटने के प्रयासों की सफलता निर्भर है… वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन से पैदा हुए खतरों से दुनिया परिचित हो चुकी है। आज यह कोई वैज्ञानिक भविष्यवाणी मात्र न रह कर एक

लगा था इस बार शायद ऐसा नहीं होगा। पौन सदी कम नहीं होती। आदमी की जि़ंदगी हो तो इसमें लगभग खप ही जाती है। देश की हो तो भी उसे उसका रौशन काल नहीं कह सकते। अव्वल तो इनसे मिलने का मौका ही नहीं मिलता। प्रायः वह अपने हवाई मीनार में रहते हैं, और इस

बात 1944 की है, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में एक रेडियो संदेश प्रसारित करते हुए महात्मा गांधी को पहली बार राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था। आज़ाद हिंद रेडियो पर अपने भाषण के माध्यम से महात्मा गांधी जी को संबोधित करते हुए नेता जी ने जापान से सहायता लेने का अपना कारण और

यह सही है कि हिमाचल का कर्मचारियों के लिए अपना कोई अलग वेतन आयोग नहीं है और यहां पूरी तरह पंजाब के पैटर्न का अनुसरण करके लागू करने की संवैधानिक व्यवस्था है, परंतु यह भी सत्य है कि चाहे पूर्व में रही सरकार की बात हो या वर्तमान में, कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर

इधर जबसे मुझे अपने खासमखास सूत्रों से पता चला कि अमेरिका के डॉक्टरों ने बड़ा कारनामा करते हुए मरे दिलवाले के मरे दिल की जगह सूअर का दिल लगा उसे एक बार फिर दिलवाला बना दिया है, तबसे मैंने भी अपने दिल की बची खुची परवाह करनी छोड़ दी है। इस खबर का पता चलने

इसलिए केवल समर्थन की हवाई बातों को करने के स्थान पर हमें समझना होगा कि छोटे उद्योगों को यदि जीवित रखना है तो उन्हें वित्तीय सहायता देनी ही पड़ेगी। हमें यह स्वीकार करना होगा कि छोटे उद्योगों द्वारा बनाए गए माल की लागत अधिक होगी। जैसे बड़े उद्योग में बनाई गई टीशर्ट 200 रुपए में

भारत में नियामक भार कम करने की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरणों में है, परंतु संतोष की बात यह है कि आखिरकार प्रक्रिया शुरू तो हुई। हिमाचल में इस विषय को सरकार द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। लगभग 44 विभाग इस कार्य में लगे हैं। शीर्ष स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक

मझोले बाबू, बड़े बाबू के लेपटॉप में पेनड्राईव फंसाते हुए बोले, ‘‘सर! सेंट परसेंट सक्सेस है। ऑनलाईन नशा निवारण शपथ समारोह में सभी प्रतिभागियों ने उसी तरह सच्चे मन से नशा न करने कसम खाई है, जैसे माननीय सदन में पद और गोपनीयता की सौगन्ध खाते हैं। हमारा लक्ष्य एक लाख लोगों को शपथ दिलाने

हम उम्मीद करें कि एक ऐसे समय जब भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऐतिहासिक स्तर पर है, तब सरकार के द्वारा वर्ष 2022 में विदेशी मुद्रा भंडार के रणनीतिक उपयोग की उपयुक्त रणनीति बनाई जाएगी। इस परिप्रेक्ष्य में सरकार के द्वारा बुनियादी ढांचा और चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने तथा चीन व पाकिस्तान से मिल