श्रमिकों की सुध लीजिए

कुलभूषण उपमन्यु अध्यक्ष, हिमालय नीति अभियान प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देश कोरोना के विरुद्ध लड़ाई के लिए तैयार हो चुका है। आज माननीय वित्त मंत्री ने कोरोना के चलते बढ़ रही कठिनाइयों को देखते हुए गरीब परिवारों के लिए…

भारत की पुरातन संस्कृति का संदेश समझें

प्रताप सिंह पटियाल लेखक, बिलासपुर से हैं धनवंतरि, महर्षि सुश्रुत, चरक ऋषि, महर्षि पतंजलि, च्यवन, शालिहोत्र ऋषि तथा वाग्वट जैसे आचार्यों ने भारत की पुरातन चिकित्सा पद्धति तथा चिकित्सा क्षेत्र में हजारों वर्ष पूर्व कई ग्रंथों की रचना करके…

सेना और कोरोना

कर्नल (रि.) मनीष धीमान स्वतंत्र लेखक पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस की चर्चा अकसर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अखबारों के जरिए चल रही थी। दुनिया का लगभग हर देश इससे बचाव की कोशिश कर रहा था, पर पिछले एक हफ्ते से दुनिया जैसे थम सी गई है। अन्य…

कोरोना पर अंकुश के लिए नमस्ते

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार यह महामारी चीनी शहर वुहान में उत्पन्न हुई जहां वायरस के प्रजनन की सबसे अधिक संभावना मांस बाजार में हो सकती है। इसका नाम चीनी फ्लू भी है। इस देश में अब तक लगभग एक लाख लोग इस महामारी से…

पुरस्कार का जुगाड़

पूरन सरमा स्वतंत्र लेखक आजकल पुरस्कार मूली-गाजर के भाव मिल रहे हैं। देने वाले फेरी लगाकर आवाज लगाते हैं-पुरस्कार ले लो पुरस्कार। हर चीज के खरीददार मिलेंगे। फिर पुरस्कारों को कौन छोड़ता है-जब वे बिना योगदान के मात्र मोलभाव के मोल मिलने…

निधि डोगरा हिमाचल में उभरता नाम

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रशिक्षक योग की शिक्षा उपनिषदों में मिलती है। योग व ज्ञान के द्वारा मोक्ष की बात प्राचीन भारतीय अध्यात्म में मिलती है। योग से हमें जगत की उत्पत्ति, पालन व संहार करने वाले परमात्मा का ज्ञान होता…

डिजिटल कुशलता और उद्यमिता

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार हमारे देश में गरीब होना एक अभिशाप है क्योंकि गरीबों के उत्थान के लिए कोई योजनाबद्ध सामाजिक कार्यक्रम नहीं है और बेरोजगारी भत्ता भी नहीं है, लेकिन कई परिवर्तन युगांतरकारी होते हैं और वे समूचे समाज का ढांचा…

सरकारी निर्देशों का पालन जरूरी

डा. मनोज डोगरा लेखक, हमीरपुर से हैं लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी तथा सरकार के निर्देशों का भी पालन करना होगा अन्यथा जनता कफ्र्यू लगाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। 22 मार्च के दिन शाम को लोगों ने घंटी, शंख, थाली बजाकर अवश्यक…

जमाना कयामत की चाल चल गया

सुरेश सेठ sethsuresh25U@gmail.com हमने आंखें बंद तो नहीं कर रखीं, लेकिन जमाना कयामत की चाल चल गया। हमें कुंभकर्णी नींद सोने की आदत तो नहीं। न इस पौराणिक गाथा के अनुसार छह महीने बरस में कुंभकर्णी नींद सोते और छह महीने जागते हैं, लेकिन यह…

कोरोना ने बिगाड़ी बाजार की चाल

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं कोरोना से भारत सहित विश्व के अनेक देशों की बाजार आधारित अर्थव्यवस्था की हालत पतली हो रखी है और अब तक भारतीय शेयरधारकों के लाखों करोड़ों रुपए स्वाहा हो चुके हैं। कोरोना के कहर से इस समय दुनिया भर के…

जनता कर्फ्यू में जनजीवन

विकेश कुमार बडोला लेखक, उत्तराखंड से हैं रविवार को सुबह से ही सड़कें, बाजार, गलियां, चौराहे और यहां तक कि घर भी सुनसान थे। लोग घरों की छतों पर भी नहीं दिखाई दिए। कोरोना वायरस की महामारी से लोगों की रातों की नींदें उचटी हुई हैं। इस शहर…

हाय। मेरा सामान-सम्मान

अशोक गौतम ashokgautam001@Ugmail.com ....और वही हुआ। टांग फड़कन विज्ञान के ज्ञानी की वाणी सत्य हुई। ‘बंधु कौन? प्रकाशक?’ ‘नहीं, हम साहित्यकारों को सम्मान बांटने वाले प्रोफेशनल!’ ‘तो?’ ‘हम आपको सम्मानित कर कृतार्थ होना चाहते हैं, ‘सुन लगाए…

कोरोना की जड़ें वैश्वीकरण में?

भरत झुनझुनवाला आर्थिक विश्लेषक समय क्रम में बीसवीं शताब्दी के ही अंतिम हिस्से में गरीबी के कारण, साफ- सुथरे इंजेक्शन का उपयोग न करने के कारण, नागरिकों को पर्याप्त पौष्टिक भोजन न मिलने के कारण अथवा रोजगार न मिलने के कारण, उस एचआईवी…

अनिवासी भारतीय सहानुभूति के मोहताज

सुखदेव सिंह लेखक, नूरपुर से हैं आत्मघाती इस वायरस से कोई भी इनसान कहीं भी संक्रमित हो सकता है, चाहे वह विदेश में हो या फिर हिमाचल प्रदेश में। वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से सोशल मीडिया में ऐसा प्रचार करना कि पैसा कमाने के लिए विदेश नजर…

डर के दीये

अजय पाराशर लेखक, धर्मशाला से हैं सुबह से एकालाप में मसरूफ नॉन-स्टॉप श्रीमति अब भी अपनी जीभ को आराम देने के मूड में नहीं थीं। लॉकडाउन से परेशान होकर मैं काफी देर तक घर के भीतर ही टहलता रहा। इससे पहले कि कानों से धुआं निकलता मैं भरी दुपहरी…