हिमाचल खेल प्राधिकरण कब बनेगा?

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक राज्य खेल परिषद की तरह हिमाचल प्रदेश युवा बोर्ड का भी गठन होता है। हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दशकों से खेल प्राधिकरण गठन की घोषणा तो जरूर की थी, मगर सत्ता में आने के बाद फिर खेल प्राधिकरण पर…

कुर्सी पर या कुर्सी सिर पर

अजय पाराशर स्वतंत्र लेखक अभी कुछ दिन पहले की बात है। मुंगेरी लाल कुर्सी पर बैठने के लिए मरे जा रहे थे। साम, दाम, दंड, भेद के अलावा जो भी कर सकते थे, कर रहे थे। बकध्यानी होकर पार्टी से टिकट हासिल करने की जुगत भिड़ा रहे थे। करीब-करीब कामयाब…

दिल तो बच्चा है जी

पीके खुराना वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार हमारा अवचेतन मस्तिष्क जो हमारे मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत है। दूसरा हिस्सा है चेतन मस्तिष्क जो हमारे मस्तिष्क का केवल 10 प्रतिशत भाग है। हमारा अवचेतन मस्तिष्क खिलंदड़ा और मनोरंजन प्रिय है…

मसरूर का बहुआयामी विकास जरूरी

कुलभूषण उपमन्यु अध्यक्ष, हिमालय नीति अभियान मसरूर मंदिर समूह है जिसे एक ही चट्टान से हथौड़े से काट कर बनाया गया है। यह भारत के केवल चार रॉक कट मंदिर समूहों में से एक है और उत्तरी भारत का एक मात्र ऐसा मंदिर समूह है। प्रसिद्ध…

मां ! मुझे सलाम !

अशोक गौतम साहित्यकार खैर छोडि़ए सर! ये साहब भक्ति, बीवी भक्ति की बातें। साहब भक्ति, बीवी भक्ति की महिमा तो इतनी बृहद है कि जो इसे आज व्यासजी समय निकाल लिखने बैठ ही जाएं तो उन्नीसवां, बीसवां पुराण बन जाए। पर अपने व्यासजी तो इन दिनों…

बेहतर विकल्प है अक्षय ऊर्जा

नीलेश दुबे स्वतंत्र लेखक प्रमुख रूप से बिजली और ईंधन के रूप में उपभोग की जाती ऊर्जा की मांग घरेलू, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। इसका एक प्रमुख कारण देश की बढ़ती जनसंख्या भी है। ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ (यूएनओ) द्वारा…

हादसा या गैर इरादतन हत्या

जीयानंद शर्मा लेखक, शिमला से हैं ऐसे हादसों को हम हादसा कहे ही क्यों? क्या इसे गैर इरादतन हत्याएं नहीं कहा जाना चाहिए? क्योंकि इन हादसों के पीछे हमारी लचर कानून व्यवस्था, अफसरों की लापरवाही और इन सब से बढ़कर सरकार की गलत नीतियां भी…

नारों के पंखों पर तैरती क्रांति

सुरेश सेठ साहित्यकार आजकल अपने देश में विकास नारों से रैलियों के पंखों पर तैर कर हो रहा है। देश में हुल्लड़बाजी से परिवर्तन लाया जा रहा है, और देश को अपना भविष्य लोकतंत्र में नहीं, भीड़ तंत्र में नज़र आ रहा है। कोई चोर, गिरहकट या…

लघु उद्योगों की अपार संभावना

लाभ सिंह लेखक, कुल्लू़ से हैं राज्य में औद्योगिक निवेश व उद्योग विस्तार के लिए सरकार द्वारा वर्ष 2013 में नई औद्योगिक नीति अपनाई गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को एक आदर्श औद्योगिक राज्य बनाना है। इसके माध्यम से सरकार द्वारा…

नदियां जोड़ने के विकल्प

डा. भरत झुनझुनवाला आर्थिक विश्लेषक अधिकाधिक एक ही राज्य में बहने वाली दो नदियों को जोड़ने का छोटा मोटा प्रयास किया जा सकता है, लेकिन यह भी सही है कि यदि पंजाब में जल भराव हो रहा है और राजस्थान में सूखा आ रहा है तो देश के लिए यह लाभप्रद…

हल्ला मचाओ और सब पा जाओ

पूरन सरमा स्वतंत्र लेखक हल्ला मचाने वाले के बेर बिकते हैं। चीख जितनी तीखी होगी, असर उतना ही पुरजोर होगा। वैसे भी जिधर देखो, उधर शोर हो रहा है। ध्वनि प्रदूषण से न संसद बच पा रही है और न राज्यों की विधानसभाएं। हल्ला मचाकर बात मनवाना हमारा…

कारपोरेट उत्तरदायित्व का परिदृश्य

डा. जयंतीलाल भंडारी विख्यात अर्थशास्त्री कंपनी अधिनियम की धारा 135 के नए सीएसआर मानकों के मुताबिक यदि कोई कंपनी अपने मुनाफे का निर्धारित हिस्सा निर्धारित सामाजिक गतिविधियों पर खर्च नहीं कर पाए तो जो धनराशि खर्च नहीं हो सकी उसे कंपनी से…

भ्रष्टाचार से आजादी की दरकार

जगदीश बाली लेखक, शिमला से हैं वैसे तो भ्रष्टाचार के मामले में भारत की स्थिति शोचनीय है, परंतु भोले-भाले व ईमानदार लोगों का प्रदेश माना जाने वाले इस राज्य में भी भ्रष्टाचार के मामलों की कमी नहीं हैं। बात एक व्यक्ति की नहीं और न ही किसी…

कश्मीर का बहू बाजार

नवेन्दु उन्मेष स्वतंत्र लेखक कश्मीर से धारा 370 क्या हटी कि वहां बहू बाजार लग गया है और देश के कुछ नेता वहां से बहू लाने के फेर में लग गए हैं। ऐसा लगता है कि मानो जिस राज्य में वे रहते हैं वहां बहुओं की कमी हो गई हो। उन्हें लगने…

कांग्रेस ने दी पाक को संजीवनी

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार अभी तक पाकिस्तान, अनुच्छेद 370 की व्याख्या यह कह कर करता था कि भारत स्वयं भी जम्मू-कश्मीर को अपना स्थायी हिस्सा नहीं मानता, इसीलिए उसने अपने संविधान में इस राज्य की व्यवस्था के लिए यह विशेष…