कर्फ्यू के प्रयोग

कर्फ्यू अपनी ढील के बीच जिंदगी को खुशामदीद कहता है, तो यह सोचने की वजह है कि इसे कितना वक्फा दिया जाए। कर्फ्यू के अपने प्रयोग हैं और ये नित नए पैमाने तय करेंगे। पहले चार घंटे, फिर छह घंटे और अब मात्र तीन घंटे की ढिलाई में विषयों का समाधान…

पलायन का ‘लॉकडाउन’ कब

पलायन की भीड़ लॉकडाउन का मकसद ध्वस्त कर सकती है। यह भीड़ कोरोना वायरस को और हवा दे सकती है। यदि यह वायरस पूरी तरह हमारे गांवों तक फैल गया, तो उसके बाद के भयावह प्रलय की कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसी चेतावनी प्रधानमंत्री, कई मुख्यमंत्रियों…

आर्थिक मंदी का वायरस

कोरोना महासंकट के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक ने भी एक महत्त्वपूर्ण पहल की है। कमोबेश बैंकों की व्यवस्था, नकदी की मौजूदगी और आम ग्राहक के वित्तीय हितों को भरोसा देने की कोशिश की गई है। बेशक रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए…

बेहद जरूरी

करीब सवा दो करोड़ की राशि की व्यवस्था करके हिमाचल के चार लोकसभा सांसदों ने कोरोना से निपटने का रास्ता अख्तियार किया है। यह धन उनके संसदीय क्षेत्रों में चिकित्सा संबंधी खरीददारी में काम आएगा। हो सकता है इसी आधार को पुख्ता करते तमाम…

अधूरा आर्थिक पैकेज

कोरोना वायरस से उपजे महासंकट के मद्देनजर और देश की अर्थव्यवस्था को कुछ उबारने के लिए आर्थिक पैकेज बहुत जरूरी था। घोषणा हुई,लेकिन पैकेज अधूरा या सीमित करार दिया जा सकता है। फिलहाल उत्पादन और खनन आदि की गतिविधियां ठप्प हैं। बाज़ार में रोजगार…

कफ्र्यू की तहजीब

यह न तो सामान्य परिस्थिति है और न ही सामान्य प्रकार का कफ्र्यू। यह अनुशासित रहने की बंदिश है, तो लंबे समय तक पाबंदी में जीने का अभ्यास भी। यह एक अदृश्य वायरस से लडऩे की मुहिम है, तो स्वास्थ्य के सिद्धांत व नियमन भी। यह अफवाहों से बचने की…

21 दिनों की लक्ष्मण रेखा

संपूर्ण देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू हो चुका है। नागरिकों को इस दौरान घर में ही सिमटे रहना है। यह नजरबंदी या हिरासत नहीं है, बल्कि मौजूदा दौर में राष्ट्रधर्म और देशसेवा है। इनसानी सेहत और जिंदगी को बचाना है। प्रधानमंत्री ने आगाह किया है…

स्वास्थ्य पर फोकस बेहद तुच्छ

कुछ तथ्य और हकीकतें गौरतलब हैं। संभव है कि यह यथार्थ आपने भी किसी स्तर पर महसूस किया होगा! ये तथ्य हमारे देश की अभी तक की प्रगति की व्याख्या भी करते हैं। एक अंतहीन बहस जारी रही है कि जीडीपी का एक निश्चित हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया…

स्थिति की विकरालता

लॉकडाउन केवल बाहरी सुरक्षा का कवच नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति का सृजन भी है। परिस्थितियों को ओढ़ने की जद्दोजहद में सारा भारत अब हर क्षण को फिर से लिख सकता है। इन परिस्थितियों के भीतर आपके जीवन की मर्यादा, उत्साह व उमंगें खुद को टटोल रही हैं,…

लॉकडाउन के बावजूद

देश के 24 राज्यों के कुल 339 जिलों में पूर्ण और आंशिक लॉकडाउन किया जा चुका है। करीब 75 करोड़ आबादी इसके दायरे में है। लॉकडाउन के बावजूद यह दावा नहीं किया जा सकता कि कोरोना वायरस तीसरे चरण में नहीं पहुंचेगा। वायरस का सामुदायिक प्रसार नहीं…

इस कर्फ्यू में जीना सीखें

बेशक रविवार का जनता कर्फ्यू अपनी संवेदना और सहमति में राष्ट्रीय आदर्श ऊंचे कर गया, लेकिन अब दैनिक प्रक्रिया की ऐसी तालाबंदी को साधना होगा। यह केवल कोरोना के इर्द-गिर्द बचाव की परिस्थिति नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व आर्थिकी की चुनौतियों के बीच…

खुदाई महज कमाई नहीं

कमाई की खुदाई में माइनिंग को अगर व्यवसाय मानें या सरकार की आय का स्रोत, तो वार्षिक खनन का हिसाब हिमाचल के खजाने में लक्ष्यों से कहीं अधिक मुनाफा दे रहा है। जनवरी तक के आंकड़ों में माइनिंग लीज पर गई 350 पट्टियों ने 174 करोड़ सरकार के खजाने…

लॉकडाउन का पूर्वाभ्यास

कोरोना वायरस के खिलाफ ‘जनता कर्फ्यू’ का एक दिन...! चारों तरफ सन्नाटा पसरा रहा। सड़कें सूनी और खामोश दिखाई दीं। मानवीय हलचल प्रतीकात्मक ही रही। बाजारों पर तालाबंदी के हालात थे। बेशक गिनती भर की आवश्यक सेवाओं वाली दुकानें ही खुली…

कोरोना के खिलाफ पहरेदारी

कोरोना कर्फ्यू अब समाज की ऐसी अनिवार्य भागीदारी है जिसे जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया के रूप में अंगीकार करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश राष्ट्रीय सुरक्षा की पहली शर्त और स्वास्थ्य संस्कार की अंतिम चेतावनी भी। इसी…

पीएम का ‘जनता कर्फ्यू’

बेशक यह देश के चिंतित और आशंकित नागरिकों के नाम संबोधन था। प्रधानमंत्री मोदी ने संकट और महामारी के इस दौर में सरकार का एक महत्त्वपूर्ण फैसला जनता के साथ साझा किया है। उन्होंने देश को डराने या पलायन करने की कोशिश नहीं की है, बल्कि जनता का…