संपादकीय

हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां, राजनीतिक परिवेश के मुहाने पर आकर जब कभी बदलती हैं, सारे गणित बदल जाते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में पुनर्सीमांकन की आहट में अगले कुछ सालों के सियासी गणित की अदला-बदली मुमकिन है। अगला पुनर्सीमांकन किस कद्र करवटें लेता है और सीटों के आरक्षण में कितना फेरबदल करता है, इसकी आरजू में

कांग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने पार्टी के बिखरे और उदासीन हो चुके संगठन को मजबूत करने का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने अभी से 2024 के आम चुनाव की रणनीति पर विमर्श का आह्वान किया है। खडग़े ‘यात्रा की राजनीति’ को जारी रखने के पक्षधर हैं, लिहाजा 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस, से एक और

हिमाचल में विकास की सियासी अवधारणा आज तक कुशल नीतियों का साथ नहीं दे पाई, नतीजतन अड़चनों का दुराभाव कृत्रिम तौर पर कई रास्तों को बाधित कर रहा है। प्रदेश के असंतुलन में अनेक बहाने गढ़े जाते हैं, जिनमें सबसे अहम है वन विभाग से अनापत्ति लेने की संदिग्ध प्रक्रिया। यहां दो उदाहरण दिए जा

हिमाचल में विकास केवल परिभाषा नहीं, राजनीतिक प्राथमिकताओं का ऐसा अखाड़ा है, जहां हिमाचल का भले ही कोई मॉडल न बने, लेकिन सत्ता की जोर आजमाइश में सरकारी खजाने की बंदरबांट जरूर है। जोर है तो एक ही विधानसभा क्षेत्र में दो उपमंडल, दो खंड विकास कार्यालय या तीन सरकारी कालेज भी स्थापित हो सकते

अमरीका के राष्ट्रपति जोसेफ बाइडेन ने कहा है कि वह जी-20 के मंच पर अपने प्रिय मित्र प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने और मिलने को उत्सुक हैं। दोनों देश जलवायु, ऊर्जा और खाद्य संकट जैसी साझा चुनौतियों से निपटने को तैयार हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युल मैक्रों ने जी-20 की अध्यक्षता के लिए प्रधानमंत्री मोदी

देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी दर दूसरी तिमाही, यानी जुलाई-सितंबर के दौरान, की है। हालांकि अप्रैल-जून तिमाही की आर्थिक विकास दर की तुलना में यह आधी है, लेकिन वैश्विक आर्थिक मंदी, महंगाई और रूस-यूक्रेन युद्ध की निरंतरता के बावजूद हमारी दर विश्व में

हिमाचल में क्वालिटी एजुकेशन तथा विभिन्न प्रतिस्पर्धी प्रवेश या अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक वर्ग का खड़ा होना, प्रशंसनीय है। पिछले कुछ सालों से दिल्ली व चंडीगढ़ के कालेजों की ओर हिमाचली छात्रों, विशेष तौर पर लड़कियों का रुझान बढ़ा है। अकेले चंडीगढ़ शहर में लगभग पंद्रह हजार बच्चे प्रत्यक्ष-परोक्ष

नए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना ‘100 मुखी रावण’ से की है और अपने ‘अछूत’ होने की पुरानी पीड़ा बयां की है। यह रावण राजनीतिक है, लिहाजा 100 मुखी है। ये दोनों रूपक और तुलनाएं चुनावी परिप्रेक्ष्य में अप्रासंगिक और फिज़ूल हैं। कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करती

हिमाचल में शिक्षा का वर्तमान स्वरूप रोजगारोन्मुख न होकर केवल सरकारी नौकरी का आवेदन पत्र बन कर रह गया है। इसी दौर में हमने हिमाचल को शिक्षा का हब बनाने की बातें सुनीं और धड़ाधड़ खुलते इंजीनियरिंग कालेज एवं निजी विश्वविद्यालय भी देखे, लेकिन आज की तारीख में यह शिक्षा कितनी प्रासंगिक बनी। अधिकांश शैक्षणिक