ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’

अमरीका आज हिंदुस्तान लग रहा है। अमरीकी स्टेट टेक्सस का शहर ह्यूस्टन तो ‘मोदीमय’ हो गया है। हालांकि यहां 1.5 लाख से ज्यादा भारतवंशी बसे हैं, लेकिन चारों तरफ ‘तिरंगा’ शान से लहरा रहा है। वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारे ऐसे गूंज…

सड़कों पर बिछौने

‘मौत अब कहां डराएगी, हम कहां जिंदगी में रहते हैं।’ यही सब चरितार्थ करतीं हिमाचल की सड़कें हर निगाह पर कसूरवार हो जाती हैं और इसी बीच मोटर व्हीकल एक्ट के असमंजस में सरकारी खबर पर किस राहत की उम्मीद करें। बेशक वाहन चालक भी कम दोषी नहीं और…

कैद के भीतर नया उजाला

शिमला में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में कैदियों को रोजगार से जोड़ने की परिकल्पना पर विमर्श की सबसे अहम कड़ी यही है कि जेलों में दो सौ करोड़ का कारोबार हो रहा है। हिमाचल का अपना रिकार्ड इस दिशा में अग्रणी तथा प्रेरणादायक रहा है और यही वजह है…

चालान पर चक्का जाम

नए मोटर वाहन कानून के तहत भारी जुर्माने के खिलाफ ट्रांसपोर्टर के 44 संगठनों ने हड़ताल की। फिलहाल यह दिल्ली-एनसीआर तक ही सीमित थी। ट्रांसपोर्टर संगठनों की धमकी है कि यदि जुर्मानों में संशोधन नहीं किया गया, तो वे देशव्यापी हड़ताल तक भी…

सादगी से सतर्कता तक

हिमाचल अपनी सादगी से सतर्कता के करीब पहुंच गया है ताकि तरक्की के बीच अपराध और आपराधिक तंत्र घुसपैठ न कर पाएं। पर्यटन और परिवहन के डेस्टिनेशन पर पहुंचे आपराधिक तंत्र की बिसात पर कानून-व्यवस्था की चुनौतियां बढ़ रही हैं। पुलिस विभाग की संरचना…

अब नवंबर में राम मंदिर

अयोध्या विवाद पर तारीख-दर-तारीख का सिलसिला टूट सकता है। भारत एवं सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई और जिसकी आखिरी तारीख 18 अक्तूबर तय कर दी है। पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को फैसला लिखने में चार सप्ताह का…

उप चुनाव की कमजोर मिट्टी

धर्मशाला विधानसभा उप चुनाव के पूर्वाभ्यास में दोनों प्रमुख पार्टियां एक तरह से कमजोर होने की प्रतिस्पर्धा कर रही हैं और अगर ताजातरीन घटनाक्रम को देखें, तो यह स्पष्ट है कि ‘तेरे सिवा भी कहीं पनाह भी भूल गए, निकल के हम तेरी महफिल से राह भूल…

संकल्पों के ‘सरदार’

यह चित्र भावुक करता है और मार्मिक भी है। प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन था, लिहाजा वह मां से मिलने गए थे। प्रधानमंत्री और मां, एक बेटा और मां...! बेशक मां से मिलकर प्रधानमंत्री मोदी भी कुछ क्षणों के लिए बाल-भाव में डूब गए होंगे! उन्होंने…

फारूक पर ‘पीएसए’

जम्मू-कश्मीर पर दो महत्त्वपूर्ण घटनाएं घटी हैं। पहली में भारत एवं सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कश्मीर के हालात के प्रति सरोकार जताए हैं। उन्होंने यहां तक कहा है कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह श्रीनगर भी जा सकते हैं।…

कैसे होगी कांगे्रस की वापसी?

महाराष्ट्र कांग्रेस के एक अल्पसंख्यक नेता ने हमें बताया कि जब राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष थे, तो उन्होंने मुस्लिम कार्यकर्ताओं की एक अच्छी-खासी भीड़ के साथ उनसे मुलाकात का वक्त मांगा था। वह भीड़ कांग्रेस में शामिल होना चाहती थी। वे कई दिनों…

अब एक देश, एक कानून

यह सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की टिप्पणी है कि कई बार कहने के बावजूद देश में समान नागरिक संहिता लागू नहीं की गई है। 1956 में हिंदू कोड बिल के पारित होने और कानून बनने के 63 लंबे सालों के बाद भी समान नागरिक संहिता नहीं है, जबकि…

हिंदी हमारे आस्तीन तक

रोजगार के खंभे पर फिसलती हिंदी की करवटें यूं तो साल भर जोर आजमाइश करती हैं, लेकिन भाषाई बिंदुओं पर देश का अभिजात्य वर्ग बढ़ गया है। हिमाचल जैसे राज्य को हिंदी कहना आसान है, लेकिन हिंदी में कहना आसान नहीं। इसलिए हिंदी के मुकाम पर काबिज…

इमरान के मंत्री का कबूलनामा

पाकिस्तान के गृहमंत्री ब्रिगेडियर एजाज अहमद शाह का एक कबूलनामा सामने आया है कि पाकिस्तान की सरजमीं पर ही आतंकवाद पल रहा है। उन्होंने एक न्यूज चैनल को साक्षात्कार दिया, जिसके जरिए यह कबूलनामा भी सार्वजनिक हुआ है। पाक गृहमंत्री ने कुछ खुलासे…

सड़क पर नए कानून की आहट

वाहनों की बढ़ती तादाद, दुर्घटनाओं का हिसाब और ट्रैफिक नियमों के सख्त अंदाज के बीच हिमाचल अभी अपने दस्ताने पहन रहा है। कुछ समय के बाद मोटर व्हीकल एक्ट का इंतजार खत्म होगा, लेकिन इससे पहले इसके प्रारूप में जो गुंजाइश है, उसे समझने-परखने के…

गाय के नाम पर

बेशक हम गाय को ‘माता’ मानते आए हैं। उसमें देवत्त्व का एहसास करते हैं और गाय माता की पूजा भी करते रहे हैं, लेकिन यह भी सच है कि भारत के एक हिस्से में गाय ‘चुनावी पशु’ भी है और सांप्रदायिकता का प्रतीक भी...। बेशक एक तबके को गाय (और साथ में ॐ…