आशाओं का लंगर

मंत्रिमंडलीय बैठकों में हिमाचल की तकदीर के आईने को देखें या यह तसदीक करें कि यहीं से कारवां पता पूछता रहेगा। हिमाचल की खुशी, सरकारों की प्रगति और आशाओं के लंगर में खुद से रिश्ता ढूंढता प्रदेश आखिर कब तक इस भ्रम को कबूल करता रहेगा कि सरकारी…

असहमति के अर्थ गाली नहीं

असहमति एक लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति है। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के इस कथन से हम सौ फीसदी सहमत हैं। असहमति का सम्मान और उसकी गरिमा भी उतनी ही आवश्यक है। हमारे पुराने नेताओं ने असहमति के बावजूद राष्ट्रवाद के अनूठे उदाहरण पेश किए हैं। वे आज के…

बेरोजगारी के साथ महंगाई भी

एक पखवाड़े के बाद संसद में राष्ट्रीय बजट के प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। देश की जनता को उससे कुछ उम्मीदें हो सकती हैं, लेकिन तुरंत राहत बजट से भी नहीं मिलेगी। वित्त मंत्रालय से भी संकेत मिले हैं कि सुस्त अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई से फिलहाल…

नई करवटों में बिंदल

हिमाचल में भाजपा का संगठन एक नई तैयारी और नए समीकरणों के मध्य कुछ नए पन्ने लिखना चाहता है। पार्टी के भीतर सियासत से सत्ता और सत्ता से संगठन के नए रिश्ते, अनुभव व प्रयोग की कसौटियों पर अनेक नाम उछले, लेकिन सहमति के साथ डा. राजीव बिंदल एक…

पर्यटन की नई अभिव्यक्ति

इस खिचड़ी ने न केवल परंपरा का निर्वहन किया, अपितु हिमाचल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड सौंप दिया। जाहिर है तत्तापानी में खिचड़ी पका कर हिमाचल पर्यटन ने अपनी क्षमता का सांगोपांग वर्णन किया है। यह मकर संक्रांति पर्व का हिमाचली उल्लास और…

आतंकवाद का सूत्रधार या मोहरा

हमारे देश में ‘गद्दारों’ का इतिहास रहा है। पहले भूमिकाएं कुछ और होती थीं, लिहाजा ‘जयचंद’ का नाम आज तक बिसरा नहीं पाए हैं। मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था में गद्दारों के चेहरे और शख्सियत पूरी तरह बदल चुके हैं। नया नाम और चेहरा जम्मू-कश्मीर…

सबसिडी हंगामों के लिए नहीं

देश में हंगामा क्यों बरपा है? जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी नए सिरे से खुली तो छात्रों ने कुलपति दफ्तर का घेराव कर लिया। कुलपति प्रो. नजमा अख्तर बाहर आकर आंदोलित छात्रों से मुखातिब हुईं, तो सवालों की बौछार शुरू हो गई। छात्रों के सवालों और…

युवा आफत में ऊना

सेना की खुली भर्ती के आलम में युवाओं के झुंड का विरोध प्रदर्शन, मानसिकता से बंदोबस्त तक की शिकायत है। ऊना में चक्का जाम कर युवाओं के बीच अनुशासन के स्तर को देखें या उस आफत का जिक्र करें जो बेरोजगार होने की खुली पड़ताल है। भर्ती के मोर्चे पर…

सायों की सलवटों में

हिमाचल को अब कड़वी बात कह लेनी होगी, वरना इस शहद में डंक भर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में हिमाचल का लबादा कुछ इस तरह उतरा कि एक मंत्री को जातीय भेद का आडंबर खोलना पड़ा। देश जिस वजह से दस साल के लिए अनुसूचित जाति-जनजातियों के लिए सामाजिक…

पीओके में लहराएगा ‘तिरंगा’

‘सेना दिवस’ से पहले मीडिया के साथ अपने प्रथम संवाद में सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख किया और कहा कि भारतीय सेना देश के लोगों की है और लोगों के लिए ही है। सेना संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता,…

वार्षिक योजना में विजन कितना-2

हिमाचल में जनप्रतिनिधि अपने विजन के कारण तसदीक होते हैं या चुनाव प्रक्रिया पापड़ की तरह फूलती नहीं, बल्कि आंतरिक यह भी मिर्च मसाले का जिक्र है। जनता की वोट नीति शायद राजनीति की लंबी पारी में समाहित नहीं है, इसलिए विजन के बजाय सियासी मिर्च…

इंटरनेट भी मौलिक अधिकार

सर्वोच्च न्यायालय ने पहली बार इंटरनेट को संविधान से जोड़ कर उसकी ऐतिहासिक व्याख्या की है। पहली बार अभिव्यक्ति की आजादी और बोलने, व्यापार करने के मद्देनजर इंटरनेट को संवैधानिक मौलिक अधिकारों में शामिल किया गया है। यह फैसला देते हुए सर्वोच्च…

छात्र आंदोलनों के संकेत

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कालेज के छात्रों ने पढ़ाई का बहिष्कार किया और ‘आजादी’ की लड़ाई में सड़कों पर आ गए। यह करीब 30 सालों के बाद किया गया है। 1989 के दौर में मंडल आयोग रपट लागू करने के खिलाफ छात्र आंदोलित हुए थे। सेंट…

वार्षिक योजना में विजन कितना-1

हिमाचल के विधायकों को वार्षिक योजना में कितना विजन चुनना है, इसका एक परिचय हाल ही में बैठकों के दौर से मिलता है। बेशक एक लंबी फेहरिस्त इस साल भी वार्षिक योजना के प्रारूप में विधायकों की प्राथमिकताएं तय करती है, लेकिन सोच की कुंडलियों में…

त्योहार में पर्यटन

पर्यटन का सामुदयिक चूल्हा अगर खिचड़ी पका पाया, तो सैलानियों के लिए तत्तापानी जाने की वजह परवान चढ़ेगी और हिमाचल में लोहड़ी मनाने का उत्सव अंतरराष्ट्रीय हो जाएगा। त्योहार में पर्यटन की खूबियों को परिमार्जित करते अपने उद्देश्यों को विभाग इस…