फाइव-डे वीक हरगिज मंजूर नहीं, काम पर पड़ेगा असर

प्रदेश सरकार भले ही फाइव डे वर्किंग वीक का प्रस्ताव पर्यटन की दृष्टि से बना रही हो, लेकिन ऊना में कुछ सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी इससे कार्य से थोड़ा रिलेक्स होने के लिए अच्छा मान रहे हैं, लेकिन कुछ कर्मचारी इसको निकार रहे है।…

साहित्य-लेखकों से अनजान, सोशल मीडिया में बसी जान

साहित्य या तो कालेजों-स्कूलों के पुस्तकालयों की शान बना रहा या फिर लेखकों-साहित्यकारों के घरों की अलमारी में कैद रहा। हिमाचल में साहित्य की रुचि-अभिरुचि का इसी से पता चलता है कि युवा पीढि़ प्रदेश के चंद साहित्यकारों का नाम तक नहीं जानती।…

साहित्य से अनजान, सोशल मीडिया से जान पहचान

वर्तमान में साहित्य का अपना ही महत्त्व है। साहित्य पढ़ने से व्यक्ति के ज्ञान में भी वृद्धि होती है, लेकिन आज के युवाओं की साहित्य पढ़ने में कम ही रुचि दिखाई दे रही है। युवा ज्यादातर नौकरी पाने के लिए प्रतियोगी पुस्तकें पढ़ने में ही दिलचस्पी…

साहित्य में रुचि कम… सोशल मीडिया बना युवाअाें की पहली पसंद

ऊना—वर्तमान में साहित्य का अपना ही महत्त्व है। साहित्य पढ़ने से व्यक्ति के ज्ञान में भी वृद्धि होती है। लेकिन आज के युवाओं की साहित्य पढ़ने में कम ही रुचि दिखाई दे रही है। युवा ज्यादातर नौकरी पाने के लिए प्रतियोगी पुस्तकें पढ़ने में ही…

साहित्य से ज्ञान…सोशल मीडिया पर पहचान

साहित्यकार अपने लेखन के लिए अपने आसपास के परिवेश और समाज से प्रेरणा लेता है। साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता है। वहीं, हिमाचली साहित्यकारों, लेखकों और कवियों से आज की युवा पीढ़ी भी प्रेरणा लेना चाहती है। साहित्य को अपने रग-रग…

लड़ाई-झगड़ा कर कालेज को न करें बदनाम

पोस्ट ग्रेजुएट कालेज हमीरपुर में आम छात्र लड़ाई-झगड़े से खासे परेशान हैं। छात्र संगठनों के झगड़े में आम छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्र चाहकर भी कालेज में कक्षाएं नहीं लगा पा रहे हैं। ‘दिव्य हिमाचल ’ ने जब आम छात्रों से उनकी राय…

15 जुलाई से ही हों बरसात की छुट्टियां

स्कूलों में 26 जून से बच्चों को अवकाश हो रहा है। अवकाश को लेकर बच्चे उत्साहित हैं, लेकिन इस समय होने वाली छुट्टियों को लेकर शिक्षक संघ तथा अभिभावक उपयुक्त समय नहीं मान रहे है। शिक्षकों तथा अभिभावकों का कहना है कि न तो यह समय ग्रीष्मकालीन है…

वोट का असली हकदार वही, जो हटाएगा बेरोजगारी

युवाओं ने हिमाचल में मौका मिलने पर भ्रष्टाचार व बेरोजगारी को जड़ से खत्म करने की बात कही है, तो वहीं क्वालिटी एजुकेशन पर अधिक फोक्स करने के विचार भी सांझा किए हैं । इसी पर ऊना की राय जान रहा है प्रदेश का अग्रणी मीडिया ग्रुप ‘दिव्य…

मतदान…हर एक वोट जरूरी होता है

संसाधनों के बावजूद पहाड़ी जिला पिछड़ रहा है। यही सबसे बड़ी विडंबना है। चंबा के लिए प्रस्तावित सुरंग, सीमेंट, एवं रज्जू मार्ग जैसे कई बड़े प्रोजेक्टस पर कई दफा भोलीभालि जनता को गुमराह किया है। यह कहना है कि चंबा के बिजनेस मैन कुलदीप शर्मा…

पहली बार मतदान के लिए युवाओं में क्रेज

युवाओं ने हिमाचल में मौका मिलने पर भ्रष्टाचार व बेरोजगारी को जड़ से खत्म करने की बात कही है, तो वहीं क्वालिटी एजुकेशन पर अधिक फोक्स करने के विचार भी सांझा किए हैं । इसी पर चंबा की राय जान रहा है प्रदेश का अग्रणी मीडिया ग्रुप ‘दिव्य…

चाय बागान पालमपुर की शान, छावनी के लिए नहीं होने देंगे कुर्बान

चचियां की हसीन वादियों में सेना की छावनी बनाए जाने का मामला करीबन एक वर्ष से लटका पड़ा है । हालांकि अब गृह मंत्रालय ने इसकी स्टेटस रिपोर्ट मांगी है । गृह मंत्रालय की तरफ से छावनी के निर्माण के लिए 88 हेक्टेयर जमीन मांगी गई…

चाय बागानों में हरगिज नहीं बननी चाहिए सेना छावनी

चचियां की हसीन वादियों में सेना की छावनी बनाए जाने का मामला तकरीबन एक वर्ष से लटका पड़ा है । हालांकि अब गृह मंत्रालय ने इसकी स्टेटस रिपोर्ट मांगी है । गृह मंत्रालय की तरफ से छावनी के निर्माण के लिए 88 हेक्टेयर जमीन मांगी गई…

जात-पात की राजनीति छोड़ जनहित मुद्दों पर लड़ें चुनाव

लोकसभा चुनावों की रणभेरी बजते ही सियासी पारे मंे आया उछाल हिमाचल मंे भी चढ़ता जा रहा है। सियासी दलों के साथ-साथ टिकट के कुछ चाह्वान जाति को मुद्दा बनाकर चुनावी समर मंे उतरने का दम भर रहे हैं। पर क्या जाति की बैसाखियों के सहारे विश्व के सबसे…

न जात; न पात, बस मुद्दा हो सिर्फ विकास

भारतीयता हो सबकी जात घुमारवीं नगर परिषद के पार्षद श्याम लाल शर्मा उर्फ श्याम का मानना है कि हिंदोस्तान में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जात भारतीयता होनी चाहिए। जाति के आधार पर चुनाव लड़ना गलत व बेबुनियाद बात है। चुनाव लड़ने वाले हर…

जातिवाद को छोड़कर आम लोगों के मुद्दांे पर लड़ें चुनाव

भारत के महापर्व लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। इस महापर्व में हिमाचल के मतदाता 19 मई को आहुति डालेंगे, लेकिन महापर्व में जाति, धर्म, संप्रदाय की आड़ लिए इसे खूब खंडित भी किया जाता है। ऐसा कोई मौका नहीं, जब राजनीतिक दल जाति के समीकरण नहीं…