हिमाचली लेखकों का बाल साहित्य में रुझान और योगदान

डा. प्रत्यूष गुलेरी मो.-9418121253 बाल साहित्य लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान-3 अतिथि संपादक : पवन चौहान बाल साहित्य की लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान क्या है, इसी प्रश्न का जवाब टटोलने की कोशिश हम प्रतिबिंब की इस नई सीरीज में…

पुतला जला, रावण फिर भी जिंदा

अश्वनी कुमार मो.-9418085095 हिमाचल में व्यंग्य की पृष्ठभूमि और संभावना-10 हिमाचल में व्यंग्य की पृष्ठभूमि एवं संभावना सीरीज, जिसके अतिथि संपादक अशोक गौतम हैं, के तहत प्राप्त हुई इस व्यंग्य रचना को हम सीरीज की 10वीं और अंतिम किस्त के…

बाल साहित्य एवं बाल साहित्यकार की जिम्मेदारी

शेर सिंह मो.-8447037777 बाल साहित्य के लिए बाल मनोविज्ञान को समझना और उसके अनुरूप सृजन नितांत आवश्यक है। बाल बुद्धि किस रूप में आस-पास के परिवेश एवं ज्ञान को तीव्रता से ग्रहण करती है, किन्हें याद रखती है एवं किन्हें जानने-समझने व…

हिमाचल में बाल पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका

कृष्णचंद्र महादेविया मो.-8679156455 बालकों में प्रसन्नता भरने, आत्मविश्वास जगाने, अच्छे संस्कार देने के साथ, उनकी जिज्ञासाएं शांत करने, उनमें संवेदना और कल्पना बढ़ाने के गुण जिस साहित्य में हों, उसे बाल साहित्य का दर्जा दिया जाता है।…

आसान नहीं है बाल साहित्य लिखना

सुदर्शन वशिष्ठ मो.-9418085595 बाल साहित्य लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान-2 अतिथि संपादक : पवन चौहान बाल साहित्य की लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान क्या है, इसी प्रश्न का जवाब टटोलने की कोशिश हम प्रतिबिंब की इस नई सीरीज में करेंगे।…

गिरिराज किशोर को आदरांजलि

स्मृति शेष अमरीक सिंह मो.-7986236409 गिरिराज किशोर अपने वृहद उपन्यास ‘पहला गिरमिटिया’ के जरिए महात्मा गांधी के महात्मा होने से पहले की जीवन प्रक्रिया के अनगिनत अनछुए पहलू विस्तार से व्याख्यायित करने वाले गिरिराज किशोर उस वक्त विदा हुए…

वीडियो गेम और मां की व्यस्तता के बीच लुप्त होती लोरियां

राजीव त्रिगर्ती मो.-9418193024 लोरियों का अस्तित्व समाप्त होने को है, इस तरह का विचार मन में आते ही सिहरन पैदा कर देता है। यह ‘लोरी’ शब्द के साथ शैशवावस्था से ही आंतरिक संबंध का ही परिणाम है। लोरियों के इतिहास या उनकी प्राचीनता के संदर्भ…

बालकों का चरित्र निर्माण तथा मूल्यपरक शिक्षा

अमरदेव अंगिरस मो.-9418165573 आज समाज में आम धारणा है कि बच्चों और युवाओं में नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का अभाव है। उनके चारित्रिक विकास में सामाजिक भावना, भाईचारा, बड़ों का सम्मान, देशप्रेम, त्याग, परोपकार अथवा सहयोग की भावना नहीं पाई…

एक अच्छी कहानी से पाठक की अपेक्षाएं

साहित्यिक विमर्श राजेंद्र राजन मो.-8219158269 हिंदी कहानी लेखन की एक शताब्दी बीत जाने के बाद भी पाठक के मन में यह प्रश्न बार-बार कौंधता रहता है कि वह एक अच्छी कहानी को कैसे परिभाषित करे या उसकी व्याख्या इस प्रकार हो कि उसे कहानी पढ़ने के…

नहीं भुलाया जा सकता बाल साहित्य में हिमाचल का योगदान

पवन चौहान मो.-9418582242 बाल साहित्य लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान-1 अतिथि संपादक : पवन चौहान बाल साहित्य की लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान क्या है, इसी प्रश्न का जवाब टटोलने की कोशिश हम प्रतिबिंब की इस नई सीरीज में करेंगे। हिमाचली…

बाल साहित्य स्कूली पाठ्यक्रम में

अनंत आलोक मो.-9418740772 किसी देश का भविष्य उसकी पाठशालाओं में लिखा जाता है और यह कटु सत्य है कि इस भविष्य को लिखने वाले लेखक यानी अध्यापक मजबूर हैं कि वे केवल वही लिखें जो उनसे लिखवाया जाए। जरूरी है कि पाठ्यक्रम निर्धारित होना चाहिए…

बालकों के चरित्र निर्माण में लेखन की अवधारणा

डा. सुशील कुमार ‘फुल्ल’ मो.-7018816326 नोबेल पुरस्कार विजेता अर्नेस्ट हेमिंगवे का कथन है कि ‘लिखना श्रमसाध्य कष्टप्रद कला है’, लेकिन बाल साहित्य का सृजन तो और भी कठिन है क्योंकि बच्चों के लिए लिखते वक्त लेखक बे सिर-पैर की उड़ान नहीं भर…

रचना से निकले बल्लभ डोभाल

जिंदगी को लिखना आसान हो सकता है, लेकिन लिख कर जिंदगी को पाना केवल बल्लभ डोभाल की तरह अपनी परिपाटी का कोई बिरला साहित्यकार ही कर सकता है। वह अपनी रचनाओं के समुद्र में खुद ही गोताखोर बन जाते हैं और कहानियों के पात्र बन कर मीलों दूर लेखन के…

अभिव्यक्ति के आईने में

अभिव्यक्ति, यानी अगर गहराई में जाएं, तो मन के भावों को स्पष्टता से प्रस्तुत करने का कौशल। उस पर, अभिव्यक्ति अगर एक ऐसे व्यक्तित्व की अनुभूतियों का संप्रेषण हो जिनकी जीवन यात्रा अनुभव बटोरने और समाजसेवा की गाथा सरीखी हो, तो फिर यह यकीनन खास…

चांद सी चमकती कविताएं

पुस्तक समीक्षा काव्य संग्रह : चांद सिर्फ उनका है कवि : हंसराज भारती प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर जिला मंडी के एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाले लेखक हंसराज भारती का एक और काव्य संग्रह ‘चांद सिर्फ उनका है’ नाम से प्रकाशित हुआ…