साहित्यिक फिजाओं में कितनी हुई सरकारी कदमताल

हिमाचली साहित्य वार्षिकी : भाग-तीन वर्ष 2019 में हिमाचल में साहित्य के क्षेत्र में क्या उपलब्धियां रहीं, इसका लेखा-जोखा हम प्रतिबिंब में देने जा रहे हैं। साहित्यिक फिजाओं में सरकारी कदमताल कितनी रही, नए लेखकों ने साहित्य के आसमान को कितना…

हिमाचल में हिंदी कहानी के विकास का टिप्पड़ा

डा. सुशील कुमार फुल्ल मो.-9418080088 हिमाचली साहित्य वार्षिकी : भाग-दो वर्ष 2019 में हिमाचल में साहित्य के क्षेत्र में क्या उपलब्धियां रहीं, इसका लेखा-जोखा हम प्रतिबिंब में देने जा रहे हैं। कहानी लेखन की दृष्टि से यह साल कैसा रहा, अन्य…

रचनाकर्म के हवाले से सुखद रहा बीता वर्ष

मुरारी शर्मा मो.-9418025190 वर्ष 2019 साहित्यिक नजरिए से भले कोई विशेष उपलब्धियों भरा नहीं रहा, लेकिन रचनाकर्म के हवाले से इसे सुखद कहा जा सकता है। वहीं साहित्य में लगातार अच्छा लिखने के लिए बेहतर रचनाओं और श्रेष्ठ किताबों में से गुजरना…

2019 में चुनिंदा लेखकों का नोटिस

राजेंद्र राजन मो.-8219158269 हिमाचल से बाहर छपने वाली पत्रिकाएं यहां के लेखकों की रचनाशीलता का नोटिस ले रही हैं। यह इस बात की आश्वस्ति है कि सृजन के स्तर पर श्रेष्ठ साहित्य की रचना हो रही है। क्रिएटिविटी को उम्र में नहीं बांधा जा सकता। यह…

यहूदी लड़की की बायोग्राफीने प्रभावित किया

डा. देवकन्या ठाकुर मो.-9459041163 मैं साहित्यिक पत्रिकाएं निरंतर पढ़ती हूं क्योंकि उनमें साहित्य की हर विधा की विषय-वस्तु होती है। मसलन कहानियां, कविताएं, संस्मरण, व्यंग्य इत्यादि। फिर भी साहित्य जगत में पुस्तकें खासकर, कहानियों और…

अच्छी किताबों संग बीता साल

आत्मा रंजन मो.-9418450763 पढ़ने-लिखने की दृष्टि से देखें तो गुजरा वर्ष ठीक-ठाक रहा। विभिन्न विधाओं की दो दर्जन से भी अधिक पुस्तकें पढ़ने का अवसर मिला। ...और बहुत सारी पत्रिकाओं के अनेक अच्छे अंक भी। अपना लिखना भी धीमी गति के अपने सहज…

इस वर्ष महिला साहित्यकारों ने सृजन को दी नई ऊंचाई

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2019 के परिदृश्य में महिला लेखन की पड़ताल की तो सुखद अनुभव हुआ। महिला रचनाकार सक्रिय हैं और विविध विधाओं तथा विषयों पर लिख रही हैं। इनके लेखन का देश व प्रदेश में संज्ञान लिया जा रहा है। जनवरी 2019 में चंद्ररेखा ढडवाल…

समीक्षा ही नहीं, संपूर्ण साहित्य संकट के कगार पर है

डा. सुशील कुमार फुल्ल मो. -9418080088 समीक्षा के निहितार्थ समीक्षा क्या है, इसके निहितार्थ क्या हैं और एक निष्पक्ष समीक्षा के क्या गुण हैं, इन्हीं विषयों को लेकर कई पुस्तकों की समीक्षा के साथ तैयार किया गया प्रतिबिंब का यह अंक…

सूर्य को रोक लेने का आह्वान करती ग़ज़लें

शायरी का खजाना कई फ़त्वों के साथ लगातार नकारे और हाशिए पर धकेले जाने के तमाम दुष्प्रयासों के बावजूद, देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली काव्य विधा ग़ज़ल प्रखर व सहज सम्प्रेषण के कारण, लोकचेतना व लोकधर्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति का पर्याय बनी…

आवाज़ और खामोशी का उम्दा संगम

पुस्तक समीक्षा भले ही गज़ल-परदाज़ डा. नलिनी विभा नाज़ली उर्दू शायरी का जाना-माना नाम हैं; लेकिन उनकी श़ख्सियत ऐसी है कि वह आम ज़िंदगी में भी वऱक दर वऱक ही खुलती हैं, अपनी शायरी की तरह। अपनी बात चुपचाप रखने वाली डा. नाज़ली किसी परिचय की…

लोक से जुड़ी कहानियां हैं ‘एक तथ्य अटका हुआ’

‘एक तथ्य अटका हुआ’, यह कहानी संग्रह डा. पीयूष गुलेरी की 30 कहानियों का संकलन है। स्वर्गीय डाक्टर पीयूष गुलेरी ने हालांकि यह पुस्तक बहुत पहले लिखी, मगर इसका नवीन संस्करण हाल ही में उनके पारिवारिक सदस्यों ने विमोचित किया है। कथा संग्रह के…

बाल मनोविज्ञान पर खरा उतरता उपन्यास

बाल साहित्य वर्ष 2019 में डा. गंगाराम राजी द्वारा रचित उनका पहला बाल उपन्यास ‘चिडि़या आ दाना खा’ बाल मनोविज्ञान पर खरा उतरता है। डा. गंगा राम राजी प्रौढ़ साहित्य में अपनी कलम चलाते हैं, परंतु 75 वर्षीय राजी किसी छोटे, प्यारे बच्चे से कम…

समीक्षा से उज्ज्वल हुईं रचनाएं

वरिष्ठ रचनाकारों के रचनाकर्म की समीक्षाओं का प्रकाशन वास्तव में ही बड़ी पहल है। रचना पत्रिका के प्रबंधन, प्रकाशन के ऐसे प्रयासों की कंठमुक्त सराहना होनी ही चाहिए। रचना के प्रस्तुत अंक को जिस तरह संकलित किया गया और जैसे इसे ऊर्जावान बनाया…

सराजी कहावतों से जनमानस मेंहास्य-व्यंग्य की निष्पत्ति

डा. धर्मपाल मो.-9817080040 यह निर्विवादित सत्य है कि कहावतों में नीति, उपदेश, सीख, संदेश, भविष्य कथन के साथ-साथ वक्रोक्ति भी होती है। उनमें तीखा एवं चुटीला व्यंग्य मनोविनोद पाया जाता है। साधारणतया हास्य व्यंग्यात्मक कहावतों का…

लोक हास्य-व्यंग्य में सीठणी :विलुप्त होती प्राचीन परंपरा

हिमाचल में व्यंग्य की पृष्ठभूमि और संभावना-7 अतिथि संपादक : अशोक गौतम हिमाचल में व्यंग्य की पृष्ठभूमि तथा संभावनाएं क्या हैं, इन्हीं प्रश्नों के जवाब टटोलने की कोशिश हम प्रतिबिंब की इस नई सीरीज में करेंगे। हिमाचल में व्यंग्य का इतिहास…