छुआछूत एक सामाजिक बुराई

-प्रकाश चौहान, मंडी आज देश को आजाद हुए 70 साल से भी ज्यादा समय हो चुका है। परंतु प्रदेश के अंदर छुआछूत को लेकर लोगों की मानसिकता वैसी ही है जैसी कई दशकों पहले थी। छुआछूत के नाम पर प्रदेश के अंदर आज भी लोगों के साथ बहुत ज्यादा भेदभाव किया…

गुरु-शिष्य का घटता सम्मान

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार वामपंथ से जुड़े पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और संघ की वर्तमान अध्यक्ष आईशी घोष बात कर रहे हैं। किसी समय पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार मोदी या शाह या किसी अन्य व्यक्ति के बारे में…

बेरोजगारी के साथ महंगाई भी

एक पखवाड़े के बाद संसद में राष्ट्रीय बजट के प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। देश की जनता को उससे कुछ उम्मीदें हो सकती हैं, लेकिन तुरंत राहत बजट से भी नहीं मिलेगी। वित्त मंत्रालय से भी संकेत मिले हैं कि सुस्त अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई से फिलहाल…

नई करवटों में बिंदल

हिमाचल में भाजपा का संगठन एक नई तैयारी और नए समीकरणों के मध्य कुछ नए पन्ने लिखना चाहता है। पार्टी के भीतर सियासत से सत्ता और सत्ता से संगठन के नए रिश्ते, अनुभव व प्रयोग की कसौटियों पर अनेक नाम उछले, लेकिन सहमति के साथ डा. राजीव बिंदल एक…

दंड प्रक्रिया में परिवर्तन की जरूरत

सुनील वासुदेवा लेखक, शिमला से हैं लोग गंभीर मामलों में त्वरित न्याय चाहते हैं, लेकिन वास्तव में देश की न्याय प्रक्रिया जटिल है, जिस में पीडि़त को एक लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। अंग्रेजी में एक मशहूर कहावत है कि ‘न्याय में…

साहित्यकार जटियानंद

पूरन सरमा स्वतंत्र लेखक वे नई सदी के साहित्यकार थे। लिखते कम और बोलते ज्यादा थे। उपदेश के पाठ उन्हें पूरी तरह कण्ठस्थ थे। उम्र में थोड़ा अधेड़ होने से वे नए रचनाकारों पर टूट पड़ते तथा उन्हें अदभुत और जीवंत लिखने की सीख देते। अंग्रेजी…

समाज और संस्कृति का जोड़ 

-डा. इंदिरा कुमारी, मटौर आज हर क्षेत्र में उन्नति हो रही है, आधुनिकता का समय है। परंतु ‘आधुनिकता’ किसे कहेंगे? उसे जिसने पुरानी रूढि़वादी सोच को बदलकर एक नई और उन्नत सोच रखी है या फिर वह जिसे समाज आजकल तीव्रता से अपना रहा है। हर…

सच बोलने वाली सरकार चाहिए

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सत्या नडेला भारतीय मूल के हैं। वे अमरीका में रह रहे हैं और उन्हें माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनी का सीईओ बनने का अवसर मिला। वह यह कहना चाह रहे हैं कि अन्य देशों के लोग यदि भारत में आएं तो…

पर्यटन की नई अभिव्यक्ति

इस खिचड़ी ने न केवल परंपरा का निर्वहन किया, अपितु हिमाचल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड सौंप दिया। जाहिर है तत्तापानी में खिचड़ी पका कर हिमाचल पर्यटन ने अपनी क्षमता का सांगोपांग वर्णन किया है। यह मकर संक्रांति पर्व का हिमाचली उल्लास और…

आतंकवाद का सूत्रधार या मोहरा

हमारे देश में ‘गद्दारों’ का इतिहास रहा है। पहले भूमिकाएं कुछ और होती थीं, लिहाजा ‘जयचंद’ का नाम आज तक बिसरा नहीं पाए हैं। मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था में गद्दारों के चेहरे और शख्सियत पूरी तरह बदल चुके हैं। नया नाम और चेहरा जम्मू-कश्मीर…

साहित्यकार जटियानंद

सुरेश सेठ sethsuresh25U@gmail.com वे नई सदी के साहित्यकार थे। लिखते कम और बोलते ज्यादा थे। उपदेश के पाठ उन्हें पूरी तरह कण्ठस्थ थे। उम्र में थोड़ा अधेड़ होने से वे नए रचनाकारों पर टूट पड़ते तथा उन्हें अद्भुत और जीवंत लिखने की सीख देते।…

कब मिलेगी हिमालयन रेजिमेंट

प्रताप सिंह पटियाल लेखक, बिलासपुर से हैं मलाल इस बात का है कि देश की सरहदों को अपने रक्त से सींच कर तथा देश के कई महाज पर सैन्य कुर्बानियां देकर अपनी शूरवीरता भरी कियादत तथा सलाहिमत से शौर्य गाथाओं के कई मजमून लिखने वाले प्रदेश की…

पृथ्वी की रक्षा करना परम कर्त्तव्य

-राजेश कुमार चौहान, जालंधर जब हमें यह महसूस होता है कि हमें कोई बीमारी होती है तो हम झट से उस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए इलाज कराने लगते हैं। बीमारी और न बढ़ें और यह जानलेवा न बन जाए इसके लिए परहेज करते हैं, लेकिन आज पृथ्वी हमारी…

कर्मचारियों को मिले पुरानी पेंशन

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं केंद्र सरकार द्वारा एक जनवरी 2004 से और हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 15 मई 2003 से ही लागू न्यू पेंशन स्कीम के दुखदाई परिणाम सामने आने के बाद से इस प्रणाली से जुड़ने वाले नियमित सरकारी कर्मचारियों में…

लोकार्पण अभी बाकी हैं डियर

अशोक गौतम ashokgautam001@Ugmail.com सबसे पहले बीवी के ऋण से उऋण होने के लिए उन्होंने अपनी इधर-उधर से आधी मारी, आधी फाड़ी कालजयी किताब का लोकार्पण करवाया तो बीवी की उनके प्रति आस्था जागी कि वे भी कम से कम उसे पढ़ने लायक मानते हैं। वे…