विचार

कांग्रेस के भीतर का सत्ता-संघर्ष फिलहाल थमा नहीं है। राजस्थान में अब भी अलग-अलग पाले हैं। कुछ और राज्यों में भी रस्साकशी सतह पर आएगी। कांग्रेस का एकजुटता में न तो भरोसा रहा है और न अब यह किसी भी स्तर पर जोड़ सकती है। सिर्फ मुग़ालते हैं। 2023 में स्पष्ट हो जाएगा कि कितने

हिमाचल में आगामी चुनाव की दहलीज पर पहुंचे सियासी अरमान, सौ फीसदी सफलता पाने की मशक्कत कर रहे हैं, तो यह कहना पड़ेगा कि भाजपा ने सारा आसमान सिर पर उठा रखा है। यह पार्टी ‘आखिरी दम तक’ की परिपाटी में चेहरा, चमक और चमत्कार करने के लिए सरकार के मंत्रिमंडल से शब्द, वादे और

गांधी जी नागरिकों के किसी भी स्थान में बसने की सुविधा के पक्षधर थे और बिहार में अक्सर कहते भी थे कि नागरिकों को अपनी पसंद के स्थान में बस जाने से रोका नहीं जा सकता। मुस्लिम लीग की योजना थी कि मुसलमानों को ऐसी जगह भेज दिया जाए जहां उनकी आबादी अधिक हो, लेकिन

गांधी जैसा अढ़ाई घड़ी का जीवन भी मिले तो बहुत है। मेरी मां यह हिमाचली पहाड़ी उक्ति अक्सर सुनाया करती थी। महात्मा गांधी जी के प्रति आम लोगों के दिल में कितना सम्मान, प्यार, आस्था और विश्वास था। उनकी एक आवाज पर लोग सडक़ों पर निकल आते थे। इसके चलते कांग्रेस एक पार्टी से ऊपर

नवरात्रों के इन दिनों में हर घर देवमयी हो रखा है। हिंदू परिवारों का हर सदस्य देवी मां के व्रत रखते हुए, नौ दिन पूजा में लीन रहता है। देवी मां के मंदिरों व दरबारों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। हर आदमी नवरात्रों को शुभ मानते हुए भविष्य के लिए अच्छे कामों की

दो अक्तूबर को लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती है। शास्त्री जी ने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका तो निभाई ही थी, साथ ही देश के एक कुशल प्रधानमंत्री और मंत्री भी थे। लाल बहादुर शास्त्री जी का बचपन गरीबी में बीता था, इसलिए वो स्कूल जाने के लिए नदी पार करने के

अशोक गहलोत इस ग़लतफहमी में अध्यक्ष बनने के लिए तैयार हो गए थे कि वे अध्यक्ष के साथ-साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भी बने रहेंगे। उनको लगता था कि मुख्यमंत्री पद छोडऩे की कथा तो तब शुरू होगी, जब वे कांग्रेस अध्यक्ष बन चुके होंगे। उस वक्त वे अध्यक्ष की हैसियत से अपने अनुकूल फैसला करवा

आज के विद्यार्थी के लिए विद्यालय या घर पर आधे घंटे के फिटनेस कार्यक्रम की सख्त जरूरत है। इसमें 15 से 20 मिनट धीरे-धीरे दौडऩा तथा विभिन्न कोणों पर शरीर के जोड़ों की विभिन्न क्रियाओं को पूरा करने के बाद शरीर को कूलडाऊन करना होगा। कम से कम बीस मिनटों तक तेज चलने, दौडऩे व

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके कुछ सहयोगी संगठनों पर 5 साल के लिए प्रतिबंध क्या लगा दिया कि विपक्षी बेचैन, परेशान और हैरान हो उठे। प्रतिबंध यूएपीए के तहत लगाया गया है। विपक्षी पीएफआई सरीखे संगठनों पर पाबंदी के पक्षधर भी हैं, लेकिन आरएसएस पर भी पाबंदी