हर जगह पानी, पीने को बूंद नहीं

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार अधिकतर भारतीय राज्य वर्षा के पानी की वजह से बाढ़ग्रस्त हैं, लेकिन फिर भी 165 मिलियन भारतीयों को पीने का स्वच्छ पानी नसीब नहीं है। सरकार ने आगाह किया है कि 2020 तक भारत के 22 शहरों को भीषण जल…

हिमाचल में हाकीः तब और अब

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक जब प्रदेश की संतानें सीता व दीपक होकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर भारतीय टीम का मुख्य अंग बन सकती हैं, तो फिर हिमाचल के प्रशिक्षकों को चाहिए कि वे राज्य में ऐसा प्रशिक्षण…

भारत, कुलभूषण की ‘जय हो’

नीदरलैंड्स के हेग शहर में स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत से ‘जिंदाबाद’ खबर आई है। जासूस करार देकर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की जिस फौजी अदालत ने गुपचुप फांसी की सजा सुनाई थी, उस पर अंतिम निर्णय तक रोक जारी रहेगी।…

नियोजित शहर की आर्थिकी

नगर निकायों की हैसियत का खोखलापन हिमाचल की तस्वीर को ऐसी स्थिति में पहुंचा चुका है, जहां आमदनी के स्रोत प्रायः दिखाई नहीं दे रहे। यह दीगर है कि प्रदेश का शहरी उत्थान अब व्यावसायिक होने लगा है और यह सब निजी निवेश के कारण दिखाई दे रहा है।…

मकरोटी में कचरे की आफत

- मनोज कुमार, मकरोटी, शाहपुर स्वच्छता अभियान को आंखें दिखाकर हमने अपनी सहूलियत के हिसाब से सड़कों के किनारों, नालों, गलियों में कचरा फेंकना जारी रखा है। कचरे की समस्या से परेशान शाहपुर विधानसभा का मकरोटी गांव भी अब शिकायत करने निकला है, तो…

बायोपिक फिल्मों की बढ़ती मांग

- नितेश कुमार सिन्हा वर्तमान में बॉलीवुड बायोपिक फिल्में बनाने में काफी दिलचस्पी दिखा रहा है और ये फिल्में दर्शकों को खूब पसंद भी आ रही हैं। फिल्म बनाने का क्रेज कुछ पुराना है, परंतु समय के अनुसार फिल्मों में परिवर्तन अवश्य ही देखा गया है?…

पुरस्कार रुष्ट साहित्यकारों को

पूरन सरमा स्वतंत्र लेखक हर वर्ष साहित्य अकादमी के पुरस्कार घोषित होने के बाद पुरस्कार पाने में विफल साहित्यकारों में कुछेक महीनों के लिए अथवा स्थायी रूप से रुष्टता का भाव पनप जाता है और वे अकादमी की रीति-नीति तथा गतिविधियों में नुक्ताचीनी…

भीड़ का हीरो

पीके खुराना वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार सत्ता में आने पर नेताओं के लिए अपने वादों को भूल जाना इसलिए आसान है, क्योंकि जनता भी तालियां बजाने के बाद सब कुछ भूल जाती है। भीड़ की शक्ति होती है, चुनाव के बाद भीड़ बिखर जाती है और लोग अकेले रह जाते…

कृषि में स्वरोजगार के सुअवसर

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं यह समय की मांग है कि कृषि विभाग अपनी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करे, प्रदर्शनियां लगाए और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों एवं सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय…

अपर खोली में जल संकट

गर्मियों के आगमन को जल संकट के संदर्भ में देखा जाए, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। जिस हिमाचल की पहचान ही नदियों, झीलों, झरनों से हमें करवाई गई हो, वहां पानी की समस्या का होना सच में अचंभित करने वाला विषय है। कांगड़ा की निकटवर्ती पंचायत अपर…

तेरी जंग और मेरी जंग

सुरेश सेठ साहित्यकार लगभग पौन सदी बीत गई। तब रात को बारह बजे लाल किले से एक आवाज गूंजी थी। मेरे देशवासियो! नया दिन शुरू हो गया। इस दिन की नई सवेर में भारत आंखें खोलते हुए अपनी गरीबी, बेकारी और पिछड़ेपन के अंधेरे को विदा करेगा। सबके लिए…

सोलन में अपराध की तह

सोलन जैसे प्रगतिशील शहर में गुनाह अब दबे पांव नहीं, सरेआम हिमाकत कर रहा है, तो पहाड़ की निशानियां चीख उठी हैं। आर्थिक अपराध की जद में यह हादसा मात्र दो नकाबपोश नहीं देखता, बल्कि शहर में शांति की लाचारी को महसूस करता है। एक कारोबारी पर…

मोदी और निष्क्रिय सांसद

राज्यसभा में आठ महत्त्वपूर्ण बिल लटके हैं। उनमें तीन तलाक वाला बिल भी है। यह स्थिति इसलिए है, क्योंकि अब भी भाजपा-एनडीए उच्च सदन में अल्पमत में हैं। जो क्षेत्रीय दल भाजपा को समर्थन देकर बहुमत का आंकड़ा तय कर सकते हैं, वे हर मुद्दे, हर बिल…

विदेशी बाजारों से ऋण लेना सही नहीं

डा. अश्विनी महाजन एसोसिएट प्रो., पीजीडीएवी कालेज, दिल्ली विवि. देखा गया है कि जिन-जिन देशों ने विदेशी मुद्रा में ऋण लिए, उन देशों में अदायगी का संकट ही नहीं आया, बल्कि महंगाई भी भारी मात्रा में बढ़ी। बड़ी बात यह है कि सरकार का…

प्रदूषण के खिलाफ

पहाड़ की हवाओं ने अपनी खुशबू छीन ली, तो परिवेश ने गंध में रहते हुए अपनी ही लाली लील दी। प्रदूषण मानवीय भूल को प्रायश्चित करने का सबब दे रहा है और अगर अब सचेत न हुए, तो वक्त की चेतावनी और सख्त हो जाएगी। ऐसे में हिमाचल के सात शहरों ने प्रदूषण…