सार्वजनिक इकाइयों का लाभ

भरत झुनझुनवाला आर्थिक विश्लेषक महंगी बिजली को बेचकर टीएचडीसी भारी लाभ कमा रही है। 11 रुपए में बेची गई बिजली का बोझ अंततः देश के नागरिक पर पड़ता है जिसके द्वारा इस बिजली को खरीदा जाता है। इस प्रकार टीएचडीसी द्वारा जनता का दोहन किया जा…

दिल्ली के स्कूलों की धमक दुनिया भर में

राजेंद्र राजन लेखक, हमीरपुर से हैं दिल्ली के एक स्कूल में 25 फरवरी को अमरीका के प्रेजिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलियाना का प्रस्तावित दौरा इस बात का प्रतीक है कि सरकारी स्कूलों में बदलाव की मूक क्रांति की गूंज अमरीका तक पहुंच गई है।…

कोरोना वाइरस

अजय पाराशर लेखक, धर्मशाला से हैं पंडित जॉन अली ने सुबह-सुबह ही मेरे घर पर धावा बोल दिया। आते ही बोले, ‘‘मियां! हुजूर की खिदमत में चाय पेश की जाए। चाय की एवज में हुजूर तुम्हें ऐसे ज्ञान से बख्शेंगे, जो हमारी सनातन परंपरा में हमारी उत्पत्ति…

और कितने शाहीन बाग?

सर्वोच्च न्यायालय के वार्ताकार अपने मिशन में कामयाब नहीं हो सके। वे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त भी नहीं कर सके। अब वार्ताकारों की रपट शीर्ष अदालत के सामने होगी। एक और वार्ताकार वजाहत हबीबुल्लाह ने भी अदालत में हलफनामा देकर पुलिस…

चापलूसी के बढ़ते कदम

- रूप सिंह नेगी, सोलन किसी ने सुंदर शब्दों में कहा है कि प्रशंसक बनो, चापलूस नहीं। भले ही जायज प्रशंसा करना अच्छी बात होती है, लेकिन नाजायज प्रशंसा करना उतनी ही बुरी बात होती है। कुछ सालों से तथाकथित राजनीति व मीडिया सर्किल में…

किताब बनाम तेजाब

इस घटना की आह में हिमाचल का पूरा समाज वर्णित है और इस भंवर में शिक्षा का पूरा माहौल प्रदर्शित है। हमीरपुर के एक स्कूल में विज्ञान की प्रयोगशाला घातक हो गई और दसवीं परीक्षा का प्रैक्टिकल एक छात्र के वजूद को अपराधी बना देता है। कथित तौर पर…

हमारे कान बिकाऊ हैं

निर्मल असो स्वतंत्र लेखक वास्तव में चीखना ही लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का इजहार जैसा है और यह ऐसा स्वाभाविक गुण है जिसकी बदौलत कोई भी शख्स वजन में भारी वजन में हो जाता है। भारी जुबान इस समय अपने युग की सबसे बड़ी उपलब्धि है, इसलिए जो बोलने के…

ट्रंप  के सीएए, कश्मीर सरोकार

‘नमस्ते ट्रंप ’ का आयोजन बेहद गर्मजोशी से किया जा रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति की बहुआयामी शख्सियत से लेकर उनकी प्रेम कहानी तक के विभिन्न पहलुओं को देश को दिखाया-बताया जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि कोई मेहमान राष्ट्रपति नहीं, बल्कि कोई बेहद…

इस यात्रा का क्या औचित्य?

-राजेश कुमार चौहान अमरीका के राष्ट्रपति ट्रंप भारत की अपनी पहली यात्रा पर आ रहे हैं, उम्मीद है कि अपनी इस पहली यात्रा में ही ऐसे कुछ फैसले लेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा और विश्वव्यापी समस्याओं के लिए दुनिया की सबसे बड़ी…

शीर्ष पांच में भारतीय आर्थिकी

डा. जयंतीलाल भंडारी विख्यात अर्थशास्त्री भारतीय अर्थव्यवस्था के आगे बढ़ने में तेजी से बढ़ते भारतीय बाजार की भी अहम भूमिका है। हाल ही में प्रकाशित विश्व विख्यात संगठन ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म के प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स ‘पीडब्ल्यूसी’ सर्वे…

असहज शहरी परिस्थितियां

शहरीकरण की मुलाकात में टीसीपी कानून की छत उड़ रही है, तो समुदाय के साथ शहरी विकास महकमे की जद्दोजहद का परिणाम क्या निकलेगा। करीब चार दशकों में अमल में आए ग्राम एवं नगर योजना कानून की परिधि में आई जनता क्यों इसके खिलाफ खड़ी है और क्यों शहरी…

मंडी शिवरात्रि का ऐतिहासिक महत्त्व

प्रत्यूष शर्मा लेखक, हमीरपुर से हैं हिमाचल की काशी यानी मंडी में 7 दिनों तक चलने वाले शिवरात्रि के त्योहार में 200 से अधिक देवी-देवता दूर-दूर से आकर पड्डल मैदान में एकत्रित होते हैं। महाशिवरात्रि के इस मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया…

रामपुर बुशहर में एजुकेशन दि बेस्ट

बुशहर रियासत की आखिरी राजधानी रामपुर आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही है। शिमला का यह कस्बा क्वालिटी एजुकेशन देने में माहिर है। लाखों छात्रों का भविष्य संवारने में अहम योगदान दे रहा रामपुर बुशहर आज एजुकेशन हब बनकर उभरा है।…

हिमाचली लेखकों का बाल साहित्य में रुझान और योगदान

डा. प्रत्यूष गुलेरी मो.-9418121253 बाल साहित्य लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान-3 अतिथि संपादक : पवन चौहान बाल साहित्य की लेखन परंपरा में हिमाचल का योगदान क्या है, इसी प्रश्न का जवाब टटोलने की कोशिश हम प्रतिबिंब की इस नई सीरीज में…

पुतला जला, रावण फिर भी जिंदा

अश्वनी कुमार मो.-9418085095 हिमाचल में व्यंग्य की पृष्ठभूमि और संभावना-10 हिमाचल में व्यंग्य की पृष्ठभूमि एवं संभावना सीरीज, जिसके अतिथि संपादक अशोक गौतम हैं, के तहत प्राप्त हुई इस व्यंग्य रचना को हम सीरीज की 10वीं और अंतिम किस्त के…