स्प्रे पंप के लिए भटक रहे किसान

By: Jan 26th, 2023 12:45 am

ऊना में किसानों को मजबूरी में दुकानों से दोगुनी कीमत पर खरीदने पड़ रहे पंप
सुधीर चौधरी-ऊना
बेशक सरकार व कृषि विभाग किसानों की आयु दोगुनी करने के दावे करते है, लेकिन धरातल पर स्थिति उल्टी ही होती है। किसानों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाकर राहत दी जाती है, लेकिन इन योजनाओं को प्राप्त करने के लिए किसान की चप्पलें तक घिस जाती है। ऐसा ही वाक्या इन दिनों जिला ऊना में देखने को मिल रहा है। जहां कृषि विभाग के पास अनुदान पर स्प्रे पंप खरीदने के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा हैं। विभाग के पास फसलों को स्प्रे करने वाले पंप खत्म हो चुके है। ऐसे में किसान विभाग के पास स्प्रे पंप लेने के लिए आ रहे है, जो मायूस होकर घरों को लौट रहे है। ऐसे में फसल को समय पर स्प्रे तो चाहिए ही, जिसके चलते किसान मजबूरी में दुकानों पर दोगुनी कीमत पर स्प्रे पंप खरीदने के लिए मजबूर हो रहे है। किसानों को कृषि विभाग के पास स्प्रे पंप अनुदान पर करीब 1600 रुपए में मिल रहा है। जो कि वहीं स्प्रे पंप बाजार में तीन हजार से 3500 तक मिल रहा है। किसानों को स्प्रे पंप खरीदने के लिए अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही है। कृषि विभाग ने करीब 2500 स्प्रे पंप की डिमांड रखी थी। विभाग द्वारा कृषि विभाग के कार्यालय व अन्य बीज केंद्रों पर स्प्रे पंप भी भेजे थे।

विभाग द्वारा उक्त स्प्रे पंप किसानों को वितरित भी किए है। लेकिन स्प्रे पंप की डिमांड ज्यादा रहती है। ऊना में 34 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की गई है। भी इस बार बढ़ी थी। हालांकि विभाग द्वारा 12 हजार क्विंटल गेहंू का बीज मंगवाया था, जो हाथों हाथ बिक गया था। इसके अलावा कई किसानों ने बाहरी क्षेत्रों से भी बीज लाकर गेहंू की फसल बोई थी। किसानों सोहन लाल सैणी, जीत लाल, अशोक कुमार, दविंद्र सिंह आदि ने बताया कि इन दिनों किसान अपनी फसलों को स्प्रे करने में जुटे हुए है, लेकिन किसानों को विभाग के पास अनुदान पर स्प्रे पंप नहीं मिल रहे है। विभाग को पहले ही ज्यादा पंप की डिमांड रखनी चाहिए थी। किसानों का कहना है कि स्पे्र इन दिनों ही होनी है, बाद में जब पंप का वह क्या करेंगे। इसलिए उन्होंने बाहर से पंप खरीदना ही बेहतर समझा है। इस बारे में कुलभूषण धीमान उपनिदेशक कृषि विभाग जिला ऊना का कहना है कि विभाग द्वारा करीब 2500 स्प्रे पंप की डिमांड रखी गई थी। गेहंू की फसल बिजाई के समय से ही किसानों को लगातार स्प्रे पंप मुहैया करवाए जा रहे है। विभाग बजट के हिसाब से ही स्प्रे पंप मंगवाता है। (एचडीएम)