पंजाब में महिलाओं को हर महीने एक हजार
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 260437 करोड़ का पांचवां बजट किया पेश, शिक्षा क्रांति के लिए 3500 करोड़
दिव्य हिमाचल ब्यूरो—चंडीगढ़
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रविवार को कुल 260437 करोड़ रुपए के बजट प्रस्ताव के साथ वर्ष 2026-27 के लिए आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार का पांचवां बजट पेश किया। बजट में अनुमानित 10 प्रतिशत विकास दर के साथ राज्य की जीएसडीपी 980635 करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पेश किए गए इस बजट में मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना शुरू की गई है, जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए तथा दलित वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और वित्तीय घाटा 4.08 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा जारी रखते हुए 600 करोड़ रुपए, 27000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को कवर करने वाली एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के लिए 932 करोड़ रुपए तथा जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को मुफ्त सेनेटरी पैड प्रदान करने के लिए नई दिशा योजना के लिए 65 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
शिक्षा क्षेत्र के बारे में बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने 19279 करोड़ रुपए का बजट रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन में पंजाब का शीर्ष स्थान हाल के वर्षों में किए गए क्रांतिकारी शिक्षा सुधारों की पुष्टि करता है। वित्त मंत्री ने शिक्षा क्रांति 2.0 पहल की भी घोषणा की, जो शिक्षा के वातावरण को बदलने के उद्देश्य से विश्व बैंक के सहयोग से लागू किया जाने वाला 3500 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। प्रस्तावों का विवरण देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि बजट में बड़े पैमाने पर स्कूलों के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण को शामिल किया गया है। इसमें स्कूलों की चारदीवारी, शौचालय, सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था तथा व्यापक स्तर पर स्कूलों में सफेदी अभियान शामिल है। स्कूलों में कम्प्यूटर और इंटरेक्टिव पैनलों के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 395 करोड़ आबंटित किए गए हैं। इसके साथ ही स्कूल ऑफ एमिनेंस के सफल मॉडल को और मजबूत किया जाएगा तथा लगभग 7.35 लाख से अधिक छात्रों के लिए राज्य.व्यापी करियर काउंसलिंग ढांचा स्थापित किया जाएगा। उच्च शिक्षा के संबंध में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों को ग्रांट.इन.एड के रूप में 1760 करोड़ आबंटित किए गए हैंए जबकि तकनीकी शिक्षा के लिए 569 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें कैदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए 11 जेलों में आईटीआई स्थापित करना भी शामिल है। श्रीगुरु तेग बहादुर जी के नाम पर श्रीआनंदपुर साहिब में एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App

