आयुर्वेदिक अनुसंधान को मिली नई दिशा
पंतजलि की अत्याधुनिक जेब्राफिश और ड्रोसोफिला अनुसंधान प्रयोगशाला शुरू
निजी संवाददाता — हरिद्वार
भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के उद्देश्य से कार्यरत पतंजलि अनुसंधान संस्थान द्वारा गुरुवार को एक महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि प्राप्त करते हुए अत्याधुनिक जेब्राफिश और ड्रोसोफिला अनुसंधान प्रयोगशाला का औपचारिक उद्घाटन, संस्थान के मार्गदर्शक, धन्वन्तरि स्वरुप, आयुर्वेद को विश्व पटल पर स्थापित करने वाले प्रतिष्ठित वैज्ञानिक आचार्य बालकृष्ण द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस उपलब्धि को और भी विशेष बना दिया।
यह जेब्राफिश और ड्रोसोफिला प्रयोगशाला आधुनिक जैव-चिकित्सीय अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है, जोकि औषधीय पौधों और आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक मूल्यांकन को नई दिशा प्रदान करेगी। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जेब्राफिश और ड्रोसोफिला जैसी उन्नत मॉडल प्रणाली हमारे वैज्ञानिकों को यह अवसर प्रदान करेगी कि वे औषधीय पौधों और आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रभावों को सूक्ष्म स्तर पर समझ सकें और उन्हें वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियां न केवल प्रभावी हैं, बल्कि सुरक्षित भी हैं।
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