अमरीका से एलपीजी, रूस से क्रूड लेकर भारत पहुंचे जहाज
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के कारण एलपीजी की किल्लत की आशंकाओं के बीच अमरीका से रसोई गैस की एक नई खेप भारत पहुंच गई। टेक्सास के पोर्ट ऑफ नीदरलैंड से 16,714 टन एलपीजी लेकर चला विशाल मालवाहक जहाज ‘पाइक्सिस पायनियर’ रविवार सुबह न्यू मंगलुरु पोर्ट पर सुरक्षित रूप से पहुंच गया। न्यू मंगलुरु पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, सिंगापुर के ध्वज वाला यह टैंकर सुबह करीब छह बजे बर्थ नंबर 13 पर लगा। 16,714 टन क्षमता वाला यह जहाज 14 फरवरी को अमरीका से रवाना हुआ था। यह पोत सोमवार सुबह रवाना होने से पहले ‘एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड’ के लिए लगभग 16,714 टन एलपीजी अनलोड करेगा। वहीं रूसी कच्चा तेल ला रहा टैंकर एक्वा टाइटन भारत के तट पर पहुंच गया है। दरअसल, यह पहले टैंकर चीन जा रहा था, लेकिन बाद में इसने बीच रास्ते से ही यू टर्न लेते हुए भारत की ओर चल पड़ा।
इस टैंकर के न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने से तेल को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है। रूस के कुल सात टैंकर भारत आ रहे हैं। इस टैंकर को जनवरी के आखिर में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह पर लोड किया गया था। इसे चीन के रिझाओ बंदरगाह की ओर जाना था, लेकिन, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद जब अमरीका ने रूसी तेल खरीदने पर लगाई अस्थायी छूट खत्म की तो मार्च के बीच में इसने यू-टर्न लिया और भारत की ओर चल पड़ा। पिछले सात दिनों में करीब पांच जहाज गैस-कच्चा तेल लेकर समुद्र के रास्ते भारत पहुंचे हैं। पिछले तीन हफ्तों से मिडल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है, जिसके चलते भारत में घरेलू रसोई को प्राथमिकता देने के लिए होटलों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सप्लाई में कटौती करनी पड़ी थी।
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