नाम अमृत सरोवर… पानी की एक बूंद नहीं, प्यास से बेजुबान बेहाल
कांगू वन बीट के अमृत सरोवर सूखे पड़े, लाखों खर्च कर बनाई तलाइयां बनीं ‘सफेद हाथी’
निजी संवाददाता – कांगू
वन्य जीवों को सुविधा हेतू तथा जलस्तर को सुधारने के मद्देनजर जंगल में बनाए गए अमृत सरोवरों में पानी की बंूद नहीं है। कई सरोवर पूरी तरह से सूख गए हैं तो कुछेक में भी नाममात्र ही जल है। ऐसे में जहां वन्य जीव पानी की तलाश में भटक रहे हैं तो वहीं बिगड़ती अमृत सरोवरों की हालत पर लोगों ने सवाल दागे हैं। आखिरकार इनके निर्माण का क्या औचित्य यदि इनमें पानी ही नहीं है।
वन्यजीवों के संरक्षण और जल स्तर को सुधारने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाए गए अमृत सरोवर देखरेख के अभाव में सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। कांगू वन बीट के तहत जंगलों में बनाई गई पक्की तलाईयां (अमृत सरोवर) आज पूरी तरह से सूखी पड़ी हैं, जिससे चिलचिलाती गर्मी में वन्यजीव बूंद.बूंद पानी को तरस रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पड़ताल करने पर सामने आया कि कांगू वन बीट के तहत बनाई गई तीन से चार तलाईयों में से तीन एकदम सूखी पड़ी हैं। वहीं, एक पक्की तलाई में नाममात्र का करीब 50 लीटर पानी बचा है, जो वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए नाकाफी है।
बरसाती पानी डायवर्ट करें अमृत सरोवर वरदान बनेंगे
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यदि इन पक्की तलाईयों में बरसाती पानी को एक नाली (चैनल) के माध्यम से डायवर्ट कर के डाला जाए, तो ये अमृत सरोवर सही मायनों में वन्यजीवों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।
विभाग से उचित रखरखाव की मांग की
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों डा. रिखी राखा, सुरेश शर्मा, अजय जसवाल और उपप्रधान लेख राज ने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि इन अमृत सरोवरों का उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
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