मंडी के 99 फीसदी स्कूल असुरक्षित, सोशल ऑडिट में चौंकाने वाले खुलासे, HPU की टीम ने किया सर्वेे
कार्यालय संवाददाता-मंडी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। जिला के स्कूलों में किए गए सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) में आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और समावेशी शिक्षा को लेकर गंभीर कमियां पाई गई हैं। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक व्यापक सोशल ऑडिट सर्वे में खुलासा हुआ है कि जि़ला का कोई भी स्कूल भवन ‘हर मौसम के अनुकूल’ (ऑल-वेदर) तय मानकों को पूरा नहीं करता है।
इसके अलावा, जि़ला के 99 प्रतिशत स्कूलों में बच्चों के मार्गदर्शन के लिए ‘चाइल्ड काउंसलर’ तक मौजूद नहीं हैं। यह पब्लिक हियरिंग ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के तहत सोशल ऑडिटिंग का हिस्सा थी, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समितियों सहित लगभग 1700 लोगों ने हिस्सा लिया और सीधे सवाल-जबाव किए। सर्वेक्षण से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि इस सोशल ऑडिट का उद्देश्य कमियों को छिपाना नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों की पहचान करना है, जहां तुरंत सुधार की जरूरत है।
497 स्कूलों में 175 सवालों से खंगाली हकीकत
सोशल ऑडिट रिपोर्ट के प्रमुख और हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के डा. रणधीर रांटा ने बताया, कि मंडी के कुल 2340 स्कूलों में से 497 स्कूलों (लगभग 20 फीसदी) का दौरा किया। 175 से अधिक सवालों के ज़रिए छह अलग-अलग पहलुओं की जांच कर यह विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। बाकी बचे स्कूलों का सर्वे आने वाले महीनों में पूरा किया जाएगा।
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम भी ठप
राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किए गए केंद्र सरकार के एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम को जिले के 39 प्रतिशत स्कूलों ने शुरू ही नहीं किया है।
दिव्यांग बच्चों की सुविधाएं ‘नदारद’
डा. रांटा ने बताया कि सर्वे में सबसे चिंताजनक स्थिति ‘विशेष आवश्यकता वाले बच्चों’ (दिव्यांगों) की पाई गई है। उनके अधिकार और बुनियादी सुविधाएं जि़ले के लगभग सभी स्कूलों से नदारद हैं। वहीं सोशल ऑडिट टीम के उप-प्रमुख डा. देवेंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूलों में लाइब्रेरी सुचारू रूप से काम नहीं कर रही हैं और बच्चों की उम्र के हिसाब से किताबें उपलब्ध नहीं हैं।
बिना बिल्डिंग चल रही कक्षाएं, फंड पर भी उठे सवाल
पब्लिक हियरिंग के दौरान ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों ने गांवों में बिना स्कूल बिल्डिंग के चल रही कक्षाओं का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। लोगों ने स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी, डिजिटल लर्निंग, छात्रों की सुरक्षा और फंड के सही इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे।
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