सोलन-मिनस सडक़ पर चौरास मोड़ बना मौत का मोड़
सुरक्षा इंतजामों की मांग तेज; लगातार हादसों के बावजूद नहीं लगे क्रैश बैरियर, ग्रामीणों ने ब्लैक स्पॉट घोषित करने की लगाई गुहार
निजी संवाददाता-नौहराधार
सोलन-मिनस मार्ग पर स्थित चौरास मोड़ लगातार सडक़ हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। विगत 29 मई को इसी स्थान पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रोंडी से चौरास तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा सडक़ मार्ग संकरा, घुमावदार और ढलानयुक्त होने के कारण बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है। हैरानी की बात यह है कि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति के बावजूद यहां न तो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं और न ही पैरापिट जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। परिणामस्वरूप यह मार्ग वाहन चालकों के लिए हमेशा खतरे का कारण बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार यह सडक़ केवल स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि कई गांवों को जोडऩे वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है।
यही मार्ग तीन जिलों तथा पड़ोसी राज्य उत्तराखंड को भी जोड़ता है, जिसके चलते यहां यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा उपायों की अनदेखी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। इस समस्या को लेकर खेल एवं सांस्कृतिक युवा मंडल चौरास के युवाओं ने मंडल प्रधान रविंद्र चौहान के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों तथा लोक निर्माण मंत्री को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में चौरास मोड़ को ब्लैक स्पॉट घोषित करने और यहां आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की गई थी। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। युवा मंडल और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान पर शीघ्र क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतक, पैरापिट तथा अन्य सडक़ सुरक्षा उपाय स्थापित किए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित में इस मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित बनाने की अपील की है।
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