आँखों में जलन का इलाज कैसे करें; जानिए कारण, लक्षण और उपचार…

By: Jun 12th, 2026 7:48 pm

गर्मियों के दिनों में अकसर कई लोगों को आंखों में जलन या चुभन महसूस होती है। ऐसे में ज्यादतर लोग आंखों को बार-बार रगडऩा शुरू कर देते हैं। जबकि, आंखों में जलन के बाद रगडऩे से यह परेशानी और बढ़ सकती है। गर्म हवाओं की वजह से यह परेशानी और ज्यादा महसूस हो सकती है। लेकिन, आप धूप, धूल और प्रदूषण से बचकर आंखों की जलन को आसानी से कम कर सकते हैं।

गर्मियों के मौसम में तेज धूप, धूल प्रदूषण और ड्राई एयर में लंबे समय तक रहने से आंखों में ड्राइनैस आने लगती है। जिस तरह गर्मियों में शरीर में डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ जाती है, ठीक उसी तरह आंखों में भी जलन, चुभन, लालिमा, पानी आने या सूखेपन जैसी कई तरह की परेशानी महसूस हो सकती है। डाक्टर कहते हैं कि बढ़ते तापमान के कारण आंखों की प्राकृतिक नमी का संतुलन बिगडऩे लगता है, ऐसे में व्यक्ति को धूप में जाते ही या एसी में ज्यादा देर तक बैठने से भी आंखों में जलन महसूस हो सकती है। बाहर की गर्म हवाओं की वजह से भी कुछ लोगों की आंखें लाल होने लगती हैं।

आंखों में जलन क्यों होती है

गर्मियों में आंखों में जलन का एक मुख्य कारण ड्राइनैस होता है। तेज गर्मी और गर्म हवाएं आंसुओं के वाष्पीकरण को बढ़ा देती हैं, जिससे आंखों की सतह पर नमी कम हो जाती है। एयर कंडीशनर वाले कमरों में लंबे समय तक बैठने से भी यह समस्या और बढ़ सकती है, क्योंकि इनडोर कूलिंग सिस्टम नमी के स्तर को कम कर देते हैं और आंखों को सूखा कर देते हैं। शहरों में, गर्मियों के महीनों में धूल के कण, प्रदूषण और एलर्जी पैदा करने वाले ऐलर्जेन भी बढ़ जाते हैं, जिससे संवेदनशील लोगों की आंखों में जलन, खुजली और लालिमा की समस्या हो सकती है।

स्क्रीन टाइम भी है बड़ी वजह

गर्मियों में जब आप धूप से बचने के लिए बाहर नहीं निकलते हैं तो ऐसे में आप ज्यादातर समय मोबाइल या लैपटॉप में ही बिताना पसंद करते हैं। लेकिन, घंटों तक जब आप मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर देखते हुए पलके कम झपकाते हैं, तो इससे आंखों पर जोर पड़ता है। इससे आंखों में थकान और ड्राइनैस बढ़ जाती है।

बिना चश्मे के स्विमिंग पूल में तैरना

गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए कई लोग स्विमिंग करना पसंद करते हैं। लेकिन, स्विमिंग पूल के क्लोरीन वाले पानी में आंखों को सुरक्षित करने वाला चश्मा पहने बिना तैरने से आंखों में जलन हो सकती है। कुछ लोगों की आंखों में यह इन्फेक्शन और लालिमा की वजह बन सकता है। हालांकि कभी-कभार होने वाली जलन अपने आप ठीक हो सकती है, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों में जलन के साथ-साथ तेज लालिमा, सूजन, दर्द, धुंधला दिखाई देना या रोशनी के प्रति संवेदनशीलता जैसे लक्षण किसी संक्रमण या आंखों की किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकते हैं, जिसके लिए डाक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।

आंखों में पर्याप्त नमी बनाए रखें

आंखों की ड्राइनैस को दूर करने के लिए आप नियमित रूप से पर्याप्त पानी पिएं। जिन लोगों को लंबे समय तक आंखों में ड्राइनैस बनी रहती है वह डाक्टर की सलाह पर लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स व आर्टिफिशियल टियर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बिना डाक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से मेडिसिन नहीं लेनी चाहिए।

आंखों को धूल और यूवी किरणों से बचाएं

गर्मियों में धूप से यूवी किरणें निकलती हैं, साथ ही धूल और गर्मी भी आंखों पर दबाव डालती है। इन सभी के दुष्प्रभावों से बचने के लिए आप अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेज पहन सकते हैं। दोपहर के समय आंखों को पूरी तरह से ढकने वाले धूप के चश्मे बाहरी प्रदूषण और धूल-मिट्टी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं। साथ ही आंखों को आराम भी पहुंचाते हैं।

आंखों की साफ सफाई पर ध्यान दें

गंदे हाथों से आंखों को छूने या रगडऩे से बचें। इससे आंखों पर जलन और इन्फेक्शन हो सकता है। गर्मियों में पसीने की वजह से आंखों में गंदगी जमा हो सकती है। ऐसे में आंखों की साफ सफाई पर भी ध्यान दें। बाहर से लौटने के बाद साफ पानी से चेहरे और आंखों को साफ करें।


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