हड़ताल पर जाना है, तो पहले बसों की चाबियां निगम प्रबंधन को सौंपें, मुकेश अग्रिहोत्री की HRTC कर्मिंयों को नसीहत
मुकेश अग्रिहोत्री की एचआरटीसी कर्मिंयों को नसीहत, चक्का जाम गैरकानूनी करार
कार्यालय संवाददाता — शिमला
हिमाचल पथ परिवहन निगम की यूनियनों का चक्का जाम पूरी तरह से गैर कानूनी है और सरकार ने इस संबंध में प्रदेश भर में पहले से एस्मा लागू कर दिया था। इस कानून के तहत कोई भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हो सकता। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को निगम प्रबंधन को बसों की चाबियां देनी होंगी। इस संबंध में उन्होंने प्रशासन को अवगत करवा दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। राज्य सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कर्मचारियों को चेताया कि अगर कोई भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होता, तो उस पर प्रदेश में लागू एस्मा के तहत सख्त कार्रवाई की जाती।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का एक भी रुपए अब तक सरकार के पास लंबित नहीं है। बोर्ड और निगमों में से एचआरटीसी के 9000 से अधिक कर्मचाकिरयों को सरकार ने ओपीएस में शामिल किया है और समय-समय पर कर्मचारियों को देय भत्ते भी दिए जा रहे हैं। पूर्व में भी वर्ष 2016 में एचआरटीसी की हड़ताल हुई थी, तो उस दौरान बहुत से कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई हुई थी, लेकिन सरकार ने हमेशा कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावण में काम किया है और आज भी देय भत्तों की अदायगी को लेकर कार्य किया जा रहा है।
रूट पर मिलेंगे रिटन ऑर्डर
मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि कल से किस कर्मचारी को किस रूट पर जाना है, इसको लेकर निगम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को रिटन ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं। इन ऑर्डर के आधार पर कर्मचारियों को अपनी सेवाएं देनी होंगी।
अब तक करोड़ों के भुगतान
ओटीए यानी ओवरटाइम अलाउंस का सरकार ने अब तक 28 करोड़ जारी किया है। पेंशनर्ज को 240 करोड़ का एरियर जारी किया है। डेथ कम ग्रेच्युटी का 174 करोड़ दिया गया है। 350 न्यू पेंशनर्ज को सरकार ने 35 करोड़ जारी किया। 75 साल से उपर के 700 पेंशनर्ज को 24 करोड़ दिया। इसके अलावा 168 सेवानिवत्त कर्मचारियों को भी ओटीए में शामिल किया। 9099 कर्मचारियों को ओटीए में शामिल किया।
अढ़ाई करोड़ की चपत
पर्यटन सीजन के चलते इन दिनों रोजाना अढ़ाई करोड़ की कमाई एचआरटीसी कर रहा है। ऐसे में यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो इसका नुकसान कौन पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारी सरकार की रीढ़ है। हर मौसम में दूरदराज क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सरकार भी साहनूभूतिपूर्वक कर्मचारियों के हित में लगातार काम कर रही है।
भाषा का ध्यान रखें कर्मी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के प्रति सार्वजनिक तौर पर कहे शब्दों को कर्मचारी नेताओं को विड्रा करना चाहिए। कर्मचारियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतंत्र में सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर और भी कई रास्ते हो सकते हैं सरकार ने हमेशा सभी दरवाजे खुले रखे हैं और समाधान भी बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।
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