हिमाचल में वन विभाग घर-द्वार दे रहा रोजगार
प्रदेश में ईको टूरिज्म के तहत संचालित विश्राम गृह संभाल रहे महिला और युवा मंडल
योजना के तहत वर्तमान में चल रहे 120 रेस्ट हाउस
संचालन के लिए लोग संबंधित डीएफओ कार्यालय में कर सकते हैं आवेदन
वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
ईको टूरिज्म के तहत प्रदेश में संचालित किए जा रहे वन विश्राम गृहों का संचालन महिला और युवक मंडलों को सौंपने के फैसले के बाद युवाओं को घर-द्वार रोजगार मिल रहा है। प्रदेश के 21 फॉरेस्ट रेस्ट हाउस का संचालन महिला व युवक मंडलों सहित स्थानीय समुदाय द्वारा किया जा रहा है। लिहाजा शेष विश्राम गृहों में भी व्यवस्था को संभालने के लिए महिला व युवक मंडल संबंधित डीएफओ कार्यालय के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार वन विभाग ने ईको टूरिज्म के तहत स्थानीयों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत ईको टूरिज्म में चलाए जा रहे वन विश्राम गृहों को महिला व युवक मंडल समेत स्थानीय लोगों को इनके संचालन का कार्य सौंपने का फैसला लिया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि इन वन विश्राम गृहों में आने वाले पर्यटकों को स्थानीय व्यंजनों का लुफ्त उठाने का मौका मिल रहा है।
वहीं, स्थानीय उत्पादों और संस्कृति से भी रूबरू हो रहे है। अब तक वन विभाग ने पहले चरण में 21 विश्राम गृहों के संचालन कार्य स्थानीय समुदाय को सौंपे हंै। इनमें विभाग के धर्मशाला, पालमपुर, कुल्लू, मनाली, जोगिंद्रनगर, कुमारसैन, रामपुर, कोटगढ़ आदि के शामिल हैं, जबकि कुछ की प्रक्रिया जारी है। वन विभाग का कहना है कि वन विश्राम गृहों में संचालन कार्य के इच्छुक समूहों को संबंधित डीएफओ कार्यालय में आवेदन करना होगा। विभाग ने व्यवस्था बनाई है कि इस कार्य के लिए महिला व युवक मंडलों समेत स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाए। बड़ी बात यह है कि संचालन कार्य के अनुभवी आवेदनकर्ताओं को इनका जिम्मा सौंपा जाएगा। वहीं, चयनित समूहों को अगर कुकिंग और हॉस्पिटेलिटी का अनुभव नहीं है, तो उन्हें इसका प्रशिक्षण देने की दिशा में भी वन विभाग पहल करेगा।
पीसीसीएफ कहते हैं
प्रिंसीपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट डा. संजय सूद का कहना है कि ईको टूरिज्म के तहत स्थानीय लोगों को घर द्वार रोजगार मुहैया करवाने के लिए विभाग ने कदम उठाया है। प्रदेश में इको टूरिज्म के तहत संचालित किए जा रहे 21 विश्राम गृहों के संचालन कार्य का जिम्मा स्थानीय समुदाय को दिया गया है।
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