उद्योग 4.0 तकनीकों से प्रतिस्पर्धी बनेंगे एमएसएमई

By: Jun 18th, 2026 12:01 am

परवाणू में रैंप पहल के तहत जागरूकता कार्यक्रम, एआई-डिजिटल परिवर्तन पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

स्टाफ रिपोर्टर-सोलन
उद्योग विभाग केंद्र परवाणू में ‘एमएसएमई प्रदर्शन को बढ़ावा और गति देना रैंप’ पहल पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को उत्पादकता, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए उद्योग 4.0 तकनीकों को अपनाने के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना था। कार्यक्रम में सीईएल के विशेषज्ञ इलियाराजा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, स्मार्ट विनिर्माण, क्लाउड कंप्यूटिंग, उद्यम संसाधन योजना और ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) जैसी डिजिटल तकनीक एमएसएमई को अपने कार्यों का आधुनिकीकरण करने, गुणवत्ता सुधारने, समग्र उपकरण प्रभावशीलता बढ़ाने और वास्तविक समय के उपयोग मामलों के साथ लागत कम करने में मदद कर सकती हैं।

कार्यक्रम में अवगत करवाया गया कि ओपन मार्केट एक्सेस पाने के लिए एमएसएमई टीम इनिशीटिव के पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। एमएसएमई मंत्रालय द्वारा समर्थित रैंप पहल का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी उन्नयन को बढ़ावा देना और उद्योगों की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने की क्षमता का निर्माण करना है। जागरूकता सत्र में हिमाचल प्रदेश के उद्यमों में डिजिटल परिवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए रैम्प के तहत उपलब्ध योजनाओं, टूलकिट और सहायता तंत्रों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने स्मार्ट एमएसएमई के साथ-साथ सभी सरकारी योजनाओं के बारे में प्रश्न पूछे तथा क्लस्टर स्तर पर उद्योग 4.0 समाधानों को लागू करने के व्यावहारिक विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में परवाणू औद्योगिक क्षेत्र, सोलन, हिमाचल प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों, खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर, ऑटोमोबाइल, सौंदर्य प्रसाधन, प्लास्टिक आदि क्षेत्रों से जुड़े 26 उद्यमियों ने भाग लिया।


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