बिलासपुर में अध्यक्ष पद पर जमना देवी और उपाध्यक्ष पद पर नरेंद्र पंडित की ताजपोशी

By: Jun 17th, 2026 12:03 am

नगर परिषद पर लहराया भगवा

दिव्य हिमाचल ब्यूरो- बिलासपुर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के गृह विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर सदर में भाजपा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित कर दी है। नगर परिषद बिलासपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की निर्विरोध ताजपोशी ने यह संकेत दे दिया है कि शहर की स्थानीय राजनीति में भगवा खेमे का प्रभाव अभी भी कायम है। मंगलवार को एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह की अध्यक्षता में नगर परिषद कार्यालय में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में वार्ड-2 की पार्षद जमना देवी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष और वार्ड-5 के पार्षद नरेंद्र पंडित को उपाध्यक्ष चुन लिया गया। चुनाव के बाद भाजपा समर्थकों ने इसे स्थानीय स्तर पर पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और जनाधार की मुहर के रूप में पेश किया। बिलासपुर नगर परिषद की 11 सदस्यीय सदन में भाजपा समर्थित 9 पार्षदों की जीत ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की तस्वीर पहले ही साफ कर दी थी। भाजपा ने इस चुनाव में न केवल अपना पुराना प्रभाव बरकरार रखा, बल्कि पिछली बार के मुकाबले अपनी स्थिति को और मजबूत किया। पिछली नगर परिषद में भाजपा समर्थित 7 पार्षद थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढक़र 9 तक पहुंच गया। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह परिणाम बिलासपुर सदर में भाजपा की जमीनी रणनीति, बूथ स्तर के प्रबंधन और विधायक त्रिलोक जमवाल के नेतृत्व की परीक्षा में सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

भाजपा समर्थित पार्षदों की बड़ी संख्या ने नगर परिषद में पार्टी को निर्णायक बढ़त दिलाई। वार्ड-1 से नरेश कुमारी, वार्ड-2 से जमना देवी, वार्ड-4 से पूजा दास, वार्ड-5 से नरेंद्र पंडित, वार्ड-6 से मीना, वार्ड-7 से वंदना गौतम, वार्ड-8 से अनिल हैप्पी, वार्ड-9 से अजय चंदेल और वार्ड-11 से मुकेश भाटिया की जीत ने पार्टी के समीकरण मजबूत किए। अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते वार्ड-2 से विजयी जमना देवी का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा था। हालांकि वार्ड-1 की नरेश कुमारी का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में रहा, लेकिन अंतिम समय में जमना देवी के नाम पर सहमति बन गई। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नरेंद्र पंडित को सौंपना भी राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। व्यापार मंडल से जुड़े होने के कारण नरेंद्र पंडित की शहर के कारोबारी वर्ग में अच्छी पकड़ मानी जाती है। इससे भाजपा ने नगर परिषद में राजनीतिक और व्यापारिक समीकरणों के संतुलन का संदेश देने की कोशिश की है। फिलहाल बिलासपुर नगर परिषद में भाजपा का कमल लगातार दूसरी बार खिला है और केंद्रीय स्वास्थ्या मंत्री और पूर्व भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के पुराने सियासी गढ़ में पार्टी ने मजबूत उपस्थिति का संदेश दे दिया है।

विधायक त्रिलोक जमवाल की अगवाई में निकाली रैली
ताजपोशी के बाद सदर विधायक त्रिलोक जमवाल की अगवाई में निकाली गई विजय रैली को भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में प्रदर्शित किया। लक्ष्मी नारायण मंदिर और बाबा नाहर सिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भाजपा नेताओं ने विकास और जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बताया। त्रिलोक जमवाल ने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनावों में जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है। जिला परिषद की चारों सीटों पर भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत जनता के समर्थन को दर्शाती है।

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त
राजनीतिक नजरिए से देखें तो बिलासपुर नगर परिषद का परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भाजपा के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त माना जा रहा है। स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता को पार्टी संगठन अब सरकार के खिलाफ जनमत के संकेत के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश करेगी। हालांकि नगर परिषद की असली परीक्षा अब विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में होगी। भाजपा के सामने सत्ता संचालन के साथ-साथ अपने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती भी रहेगी।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App