हिमाचल के खजानेे में 150 करोड़ और डालेगा कड़छम वांगतू प्रोजेक्ट, CM सुक्खू बोले, राज्य को… पढ़ें पूरी खबर

By: Jun 18th, 2026 12:01 am

सीएम सुक्खू बोले, राज्य को आत्मनिर्भर बनाने को दिन-रात कर रहे काम

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — धर्मशाला

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनका सपना राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है ओर इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह दिन-रात काम कर रहे हैं। यह प्रदेश सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि किन्नौर जिला में स्थापित कड़छम वांगतू जलविद्युत परियोजना से प्रदेश को हर वर्ष 150 करोड़ की अतिरिक्त आय हासिल होगी। बुधवार को जिला कांगड़ा के महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, पठियार में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 487 जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों से 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बांध परियोजना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारत सरकार ने परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक पर होने वाली लगभग 2,000 करोड़ रुपए की लागत को वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। सीएम ने कहा कि सरकार ने पिछले अढ़ाई वर्षों के दौरान विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से हजारों करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित की है तथा केंद्र सरकार के समक्ष राज्य के वैध अधिकारों की मजबूती से पैरवी की है। सरकार ग्रीन बोनस और 110 मेगावाट क्षमता वाली शानन विद्युत परियोजना को पुन: प्राप्त करने तथा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से राज्य के लंबित बकाए की वसूली के लिए प्रयासरत है। इसके अतिरिक्त उन्होंने वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल मामले के सफल समाधान का भी जिक्र किया, जिससे राज्य को प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, पठियार में इंडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें त्याग, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा स्मृति-चिन्ह (स्मारिका) का विमोचन भी किया। धर्मगिरि पठियार में महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक निर्भीक योद्धा ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता भी थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युद्ध आज भी साहस, बलिदान तथा स्वतंत्रता एवं सम्मान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपनाकर राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, ग्रामीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा और राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर राजपूत कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, संरक्षक टीसी राणा तथा राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा, एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आरएस बाली, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैयर, पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर एवं कृपाल परमार, पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रतन, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राजपूत कल्याण सभा के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

केंद्र से हिमाचल के लिए विशेष समिति बनाने का आग्रह

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री से राज्य के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आग्रह किया, जो राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली के हिस्से में कमी तथा जीएसटी व्यवस्था से उत्पन्न राजस्व हानि का आकलन कर सके।


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