नयनादेवी में बूंद-बूंद को तरसी जनता
त्राहि-त्राहि के बीच विभाग ने थमाया 2308 रुपए का बिल
निजी संवाददाता – नयनादेवी
उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री नयना देवी जी में दिन प्रतिदिन पेयजल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। जिससे स्थानीय जनता के लिए पेयजल संकट परेशानी का सबब बनता जा रहा है। आलम यह है कि लोगों को 48 घंटे में मात्र एक घंटा पानी जल शक्ति विभाग द्वारा मुहैया करवाया जा रहा है, जो ना काफी है। पिछले कई दिनों से यही रवैया चला रहा है अगर पिछले माह की बात करें तो 15 से 18 दिन तक ही पानी लोगों के नलों से टपका है। नवनियुक्त पार्षद नीना शर्मा, अलकेंद्र, भूषण, दीक्षा शर्मा, व पार्षद आरती का कहना है कि इस मामले में विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों की भी जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। अगर विभाग पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा तो पानी के बिलों में भी कटौती होनी चाहिए। एक तरफ तो जनता पानी के लिए त्राहि त्राहि कर रही है और ऊपर से 4 महीने के बाद विभाग द्वारा 2308 रुपए के भारी भरकम बिल लोगों के हाथों में थमा दिए जाते हैं, जो कि जले पर नमक छिडक़ने के समान हैं।
पूर्व में यहां पर पेयजल संकट की समस्या निरंतर बनी रहती थी, लेकिन लगभग 10 वर्ष पूर्व स्थानीय विधायक रणधीर शर्मा के प्रयासों से लगभग 6.50 करोड़ की स्कीम कोट नामक स्थान से नयना देवी जी के लिए शुरू की गई थी, जिसमें दो क्यूसेक पानी प्रतिदिन नयनादेवी जी के लिए लिफ्ट किया जाना था। स्थानीय निवासी एवं मंदिर न्यास के न्यासी अमित, भारत भूषण, निखिलेश, प्रतिभा कुमारी, प्रोमिला शर्मा, गौरव शर्मा, राजेश कुमार, कार्तिक शर्मा, मुकेश कुमार का कहना है कि नयनादेवी जी में पेयजल संकट आम बात हो गई है। लोगों को मजबूरी में 1100 नंबर पर कॉल करनी पड़ती है, लेकिन उसके बावजूद भी कोई स्थाई समाधान नहीं हो पाया है।
बारिश न होने से बदला पानी का रूट
इस बाबत जब विभाग के सहायक अभियंता कृष्ण कुमार गुलेरिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बारिश न होने के कारण सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है।
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