सुक्खू सरकार की भेड़पालकों को बड़ी राहत, Online मिलेगा परमिट, कार्यालयों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

By: Jun 7th, 2026 7:38 pm

वरिष्ठ संवाददाता-शिमला

हिमाचल प्रदेश के हजारों भेड़पालकों को सुक्खू सरकार एक बड़ी राहत प्रदान करने जा रही है। इसके लिए सरकार ने ग्रेजिंग पॉलिसी 2026 को अपनी मंजूरी केबिनेट की बैठक में प्रदान कर दी है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह रहेगा की आगामी समय में भेड़पालकों को ऑनलाइन माध्यम से परमिट मिल सकेगा और इससे उन्हें वन विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटने से भी मुक्ति मिलेगी। बहरहाल प्रदेश के हजारों भेड़पालकों अथवा चरवाहों के लिए सरकार बड़ी सौगात दी है। जानकारी के अनुसार गतरोज प्रदेश मंत्रिमंडल की हुई बैठक में प्रदेश में ग्रेजिंग पॉलिसी 2026 को सरकार ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसका लाभ प्रदेश के गद्दी और गुज्जर समुदाय से जुड़े हजारों भेड़पालकों व चरवाहों को मिलेगा। अहम है कि अब तक प्रदेश में चारागाहों के परमिट के लिए भेड़पालकों को वन विभाग के कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता था। जिसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था। खासकर चारागाहों में पशुधन के साथ होने की स्थिति में उन्हें परमिट के लिए बड़ी परेशानी उठानी पड़ती थी। उधर, प्रदेश सरकार ने अब परमिट की व्यवस्था को आनलाइन करने जा रहा है। ग्रेजिंग पॉलिसी में इसको लेकर व्यवस्था की गई है। इसके लिए वन और पशुपालन विभाग मिलकर संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे। इसके तैयार होने के बाद विभाग भेड़पालकों को रियल टाइम परमिट उपलब्ध करवाएगा। वहीं परमिट के लिए आवेदन से लेकर अन्य सभी प्रक्रियाएं भी आनलाइन होगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में भी भेड़पालकों के लिए चारागाह परमिट को लेकर राहत प्रदान करने की घोषणा की थी।

साथ ही चारागाहों में ग्रेजिंग के लिए राहत प्रदान करने का एलान किया था। पता चला है कि बजट में मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा को मूर्तरूप देने के लिए वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई आरंभ कर दी थी। जिसकी पहली कड़ी में वन विभाग ने पशुपालन विभाग के साथ मिलकर पशुधन की गणना के कार्य को अंजाम तक पहुं़चाया और चारागाहों में ग्रजिंग को लेकर भी पूरी मसौदा तैयार किया। ग्रेजिंग पॉलिसी को ड्राफ्ट तैयार करने के बाद इसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया था। उधर, गत रोज हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस पॉलिसी को मंजूरी मिल गई है। जिससे आगामी समय में भेड़-बकरियों के पुश्तैनी धंधे से जुड़े प्रदेश के हजारों भेड़पालकों को भी आगामी समय में बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि वूल फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर ने चारागाहों में ग्रेजिंग और परमिट को लेकर पेश आने वाली समस्याओं को प्रमुखता के साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष रखा था। जिसको सीएम ने गंभीरता से लेते हुए आगामी आदेश अफसरों को दिए थे। उधर, वूल फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर का कहना है कि ग्रेंजिंग पॉलिसी 2026 को मंजूरी प्रदान कर सरकार ने प्रदेश के हजारों भेड़पालकों को राहत प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से पुश्तैनी धंधे को एक नई दिशा मिलेगी। साथ ही इस व्यवसाय से मुंह मोड़ से युवा पीढ़ी भी अब आर्कषित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का ग्रेजिंग पॉलिसी 2026 को मंजूरी प्रदान करने पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

—अजय


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